Ankit Baliyan murder case: अंकित बालियान हत्याकांड में सोशल मीडिया पर पुलिस की सख्ती, 20 Insta ID सस्पेंड
Ankit Baliyan murder case, हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी वीडियो, धमकी भरे पोस्ट और भ्रामक दावों को लेकर शामली पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने 20 से अधिक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी को चिन्हित कर उन्हें सस्पेंड कराया है।
Ankit Baliyan murder case : धमकी भरे पोस्ट और अफवाहों पर पुलिस का शिकंजा, अंकित बालियान केस में 20 Insta ID बंद
Ankit Baliyan murder case, हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी वीडियो, धमकी भरे पोस्ट और भ्रामक दावों को लेकर शामली पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने 20 से अधिक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी को चिन्हित कर उन्हें सस्पेंड कराया है। साथ ही, साइबर क्राइम थाने में दो अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या के मामले को लेकर अफवाह फैलाने, फर्जी पहचान बनाकर धमकी देने और लोगों में भय पैदा करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ा फर्जी पोस्ट का सिलसिला
अंकित बालियान की 26 अगस्त को शामली के आर्यपुरी मोहल्ले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात में चार शूटर शामिल थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सोशल मीडिया पर लगातार कई वीडियो और पोस्ट सामने आने लगे। इनमें कुछ लोगों ने कथित तौर पर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया, जबकि कई पोस्ट में पुलिस कार्रवाई और फरार आरोपियों को लेकर अलग-अलग दावे किए गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि इन पोस्ट के लिए कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। खासतौर पर फरार आरोपी सत्यम कादयान के नाम से कई इंस्टाग्राम आईडी बनाई गई थीं। पुलिस ने इन अकाउंट की पहचान कर उन्हें इंस्टाग्राम से सस्पेंड कराया है।
सत्यम कादयान के नाम से बनीं 10 फर्जी आईडी
पुलिस के मुताबिक, फरार शूटर सत्यम कादयान के नाम से करीब 10 फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई गई थीं। इन अकाउंट से अलग-अलग धमकी भरी पोस्ट और वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे। कुछ पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी लेने जैसे दावे किए गए, जबकि कुछ में भविष्य में हिंसा की धमकी दी गई।एक फर्जी आईडी से अंकित बालियान के परिवार को कथित तौर पर बम से उड़ाने की धमकी भी दी गई। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी और तेज कर दी। जांच में यह भी सामने आया कि सत्यम और अन्य आरोपियों के नाम का इस्तेमाल करके कई ऐसे पोस्ट किए गए जिनका वास्तविक आरोपियों से संबंध होना अभी साबित नहीं हुआ है।
दो मुकदमे दर्ज, छह लोगों के नाम जांच में
लगातार सामने आ रही भ्रामक और धमकी वाली सामग्री के बाद शामली साइबर क्राइम थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन मामलों में 20 से अधिक फर्जी आईडी का उल्लेख है और करीब छह लोगों के संभावित नाम जांच के दायरे में हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन अकाउंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट कर सस्पेंड कराया गया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन फर्जी प्रोफाइल को वास्तव में कौन चला रहा था और पोस्ट किस जगह से अपलोड किए जा रहे थे।
भोलू शाहपुरिया के नाम से भी सामने आईं पोस्ट
पुलिस की जांच में भोलू शाहपुरिया के नाम से चलाए जा रहे कथित फर्जी अकाउंट भी सामने आए हैं। इन अकाउंट से अंकित बालियान हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने वाली सामग्री पोस्ट की गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन सोशल मीडिया पोस्ट के पीछे कौन लोग हैं और क्या उनका हत्या की वास्तविक साजिश से कोई संबंध है। फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए दावों को तब तक सच नहीं माना जा रहा है, जब तक पुलिस की जांच से उनकी पुष्टि नहीं हो जाती।
पहले भी सामने आए थे फर्जी वीडियो
अंकित बालियान की हत्या के बाद 27 अगस्त को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। बाद में संबंधित व्यक्ति की ओर से सफाई और माफी का वीडियो भी सामने आया। इसके बाद अलग-अलग नामों से कई अकाउंट बनाए गए और उनसे भड़काऊ तथा धमकी वाली सामग्री शेयर की जाने लगी।पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि हत्या की वास्तविक जांच के बीच सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी सामग्री से जनता में डर और भ्रम पैदा न हो। इसी वजह से साइबर टीम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हत्याकांड में दो आरोपी एनकाउंटर में मारे गए
मुख्य हत्याकांड की जांच में पुलिस पहले ही कई अहम कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, हत्या में चार शूटर शामिल थे। इनमें से सोनीपत निवासी सुमित और मोहित 31 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। वहीं, आर्यन संधू और सत्यम कादयान अभी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही हैं। उनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी बढ़ाया गया है।
गोगी गैंग कनेक्शन की भी जांच
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस कथित गैंग कनेक्शन के एंगल से भी जांच कर रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियां जेल में बंद गैंगस्टर रोहित राणा उर्फ रोहित मोई और गोगी गैंग से संभावित कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, जांच के इस पहलू में सामने आए आरोपों और सोशल मीडिया दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट वास्तविक आपराधिक नेटवर्क से जुड़े थे या किसी ने जानबूझकर फर्जी पहचान बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
Read More: Ram Mandir: राम मंदिर में होगी बड़ी नियुक्तियां, CEO पैनल से चुने जाएंगे ज्वाइंट और डिप्टी CEO
पुलिस ने लोगों से की अफवाहों से बचने की अपील
शामली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़ी किसी भी पोस्ट या वीडियो को बिना पुष्टि के सच न मानें। पुलिस ने लोगों से कहा है कि अफवाहों को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें। भ्रामक सूचना फैलाकर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अंकित बालियान हत्याकांड की जांच हत्या के आरोपियों की तलाश के साथ-साथ सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियों तक पहुंच गई है। 20 से अधिक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी का सस्पेंड होना और दो नए मुकदमे दर्ज होना इस बात का संकेत है कि पुलिस अब सिर्फ मुख्य वारदात ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर रही है। आने वाले दिनों में इन अकाउंट को संचालित करने वालों की पहचान और उनके संभावित कनेक्शन को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







