Michael Hussey: माइकल हसी का बड़ा फैसला, इंग्लैंड की कोचिंग का ऑफर ठुकराया; क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से जुड़े
Michael Hussey ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज माइकल हसी ने इंग्लैंड की टेस्ट टीम के साथ जुड़ने का ऑफर ठुकरा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड के नए टेस्ट कोच स्टीफन फ्लेमिंग हसी को अपनी कोचिंग टीम में बतौर बैटिंग कोच शामिल करना चाहते थे,
Michael Hussey : एशेज से पहले माइकल हसी ने बदला पाला, इंग्लैंड का ऑफर ठुकराकर ऑस्ट्रेलिया से मिलाया हाथ
Michael Hussey ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज माइकल हसी ने इंग्लैंड की टेस्ट टीम के साथ जुड़ने का ऑफर ठुकरा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड के नए टेस्ट कोच स्टीफन फ्लेमिंग हसी को अपनी कोचिंग टीम में बतौर बैटिंग कोच शामिल करना चाहते थे, लेकिन हसी ने इसके बजाय क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के साथ पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी भूमिका स्वीकार करने का फैसला किया है। यह फैसला आगामी एशेज से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बड़ा फायदा माना जा रहा है।

इंग्लैंड के ऑफर को क्यों किया रिजेक्ट?
माइकल हसी और स्टीफन फ्लेमिंग के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध हैं। दोनों इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लंबे समय तक काम कर चुके हैं। फ्लेमिंग ने इसी रिश्ते को देखते हुए हसी को इंग्लैंड की टेस्ट टीम में बैटिंग कोच की भूमिका के लिए संपर्क किया था।हसी के सामने इंग्लैंड के साथ काम करने का मौका था, लेकिन यह भूमिका काफी व्यापक और व्यस्त मानी जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इंग्लैंड की पूर्णकालिक भूमिका में लगातार यात्रा और लंबे समय तक टीम के साथ रहना शामिल था। हसी अपने मौजूदा कमिटमेंट्स को देखते हुए इस तरह की पूर्णकालिक भूमिका के लिए तैयार नहीं हुए।
ऑस्ट्रेलिया के साथ पार्ट-टाइम कंसल्टेंट बनेंगे हसी
हसी अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ पार्ट-टाइम बैटिंग कंसल्टेंट के रूप में काम करने जा रहे हैं। इस भूमिका का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपनी विशेषज्ञता दे पाएंगे, लेकिन उन्हें पूर्णकालिक कोचिंग नौकरी की तरह लगातार टीम के साथ यात्रा नहीं करनी होगी।रिपोर्ट के मुताबिक, इस लचीली व्यवस्था के कारण हसी अपने अन्य पेशेवर काम भी जारी रख सकेंगे। इनमें द हंड्रेड, दूसरी फ्रेंचाइजी लीग और फॉक्स स्पोर्ट्स के लिए कमेंट्री जैसे काम शामिल हैं।
एशेज से पहले ऑस्ट्रेलिया को बड़ा फायदा
हसी का ऑस्ट्रेलिया के साथ जुड़ना ऐसे समय हुआ है जब एशेज की तैयारी शुरू हो रही है। इसलिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज के रूप में हसी को इंग्लैंड की बल्लेबाजी और ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों की अच्छी समझ है।उनका अनुभव युवा बल्लेबाजों के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी हो सकता है। खासतौर पर एशेज जैसी हाई-प्रेशर सीरीज में तकनीक, मानसिक मजबूती और परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी की रणनीति तैयार करने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

इंग्लैंड को लगा बड़ा झटका
हसी का फैसला इंग्लैंड के लिए निश्चित तौर पर निराशाजनक है। स्टीफन फ्लेमिंग अपनी कोचिंग टीम में ऐसे व्यक्ति को शामिल करना चाहते थे, जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल दोनों का व्यापक अनुभव हो।हसी पहले भी इंग्लैंड की टीम के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने 2022 टी20 विश्व कप में इंग्लैंड की टीम की कोचिंग में भूमिका निभाई थी और उस टूर्नामेंट में इंग्लैंड ने खिताब भी जीता था। ऐसे में फ्लेमिंग को उम्मीद थी कि हसी टेस्ट टीम की बल्लेबाजी में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
फ्लेमिंग और हसी की पुरानी दोस्ती
माइकल हसी और स्टीफन फ्लेमिंग की दोस्ती क्रिकेट के मैदान से आगे भी रही है। दोनों ने चेन्नई सुपर किंग्स में लंबे समय तक साथ काम किया है। यही कारण था कि फ्लेमिंग ने इंग्लैंड की कोचिंग टीम में हसी को लाने की कोशिश की।कुछ दिन पहले ही हसी ने इंग्लैंड के प्रस्ताव पर विचार करने की बात स्वीकार की थी। उस समय यह संभावना जताई जा रही थी कि वह एशेज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड के लिए काम करते नजर आ सकते हैं। लेकिन अब उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए ऑस्ट्रेलिया के साथ बने रहने का विकल्प चुना है।
हसी के अनुभव का ऑस्ट्रेलिया को मिलेगा लाभ
माइकल हसी को क्रिकेट की दुनिया में उनके शानदार बल्लेबाजी करियर के लिए ‘Mr Cricket’ के नाम से जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग और सलाहकार की भूमिका में भी काम किया है।वह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से पहले भी बतौर कंसल्टेंट जुड़े रहे हैं। इसके अलावा आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के बैटिंग कोच के रूप में भी उन्होंने काम किया है। इस अनुभव के कारण वह अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजों की तकनीकी कमियों को समझने और उन्हें सुधारने में सक्षम माने जाते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के बैटिंग कोच के साथ करेंगे काम
हसी की भूमिका ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा फुल-टाइम बैटिंग कोच माइकल डि वेनुटो के साथ होगी। हसी का पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी रोल टीम की मौजूदा कोचिंग संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। खासतौर पर बड़े मुकाबलों और महत्वपूर्ण सीरीज से पहले उनकी विशेषज्ञता टीम के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएगी।
एशेज में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा मजबूत?
हसी के ऑस्ट्रेलियाई टीम से जुड़ने के बाद आगामी एशेज में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया फिलहाल एशेज का मौजूदा धारक है। पिछली 2025-26 एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 4-1 से हराया था और ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखी थी।अब इंग्लैंड की कोशिश एशेज वापस हासिल करने की होगी, जबकि ऑस्ट्रेलिया अपनी बढ़त कायम रखना चाहेगा। ऐसे में दोनों टीमों की कोचिंग रणनीति भी बेहद महत्वपूर्ण होगी।
इंग्लैंड को तलाशना होगा नया बैटिंग कोच
हसी के ऑस्ट्रेलिया के साथ जुड़ने के फैसले के बाद इंग्लैंड को अपनी टेस्ट कोचिंग टीम में बैटिंग विशेषज्ञ के लिए दूसरा विकल्प तलाशना होगा। रिपोर्टों के अनुसार, इंग्लैंड के पास मौजूदा स्टाफ में मार्कस ट्रेस्कोथिक को बनाए रखने का विकल्प भी है। उन्होंने कार्यवाहक भूमिका में टीम के साथ काम किया था। फ्लेमिंग के लिए यह फैसला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि एशेज से पहले टीम की बल्लेबाजी को मजबूत करना इंग्लैंड की प्राथमिकताओं में शामिल होगा।माइकल हसी का इंग्लैंड का ऑफर ठुकराकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ जुड़ना आगामी एशेज से पहले क्रिकेट जगत की बड़ी खबर है। फ्लेमिंग और हसी की पुरानी दोस्ती के बावजूद हसी ने ऑस्ट्रेलिया के साथ काम करने का फैसला किया है। पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम की मदद करने के साथ अपने दूसरे पेशेवर काम जारी रखने की सुविधा भी देगी। अब देखना होगा कि एशेज की तैयारी में हसी का अनुभव ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों के लिए कितना कारगर साबित होता है और इंग्लैंड उनकी जगह किसे अपनी टेस्ट कोचिंग टीम में शामिल करता है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







