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Nepal Flash Floods: नेपाल बाढ़ में फंसे 106 पर्यटक सकुशल लौटे भारत, 84 और आज पहुंचेंगे घर; सरकार ने तेज किया रेस्क्यू

Nepal Flash Floods, नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई भारतीय नागरिक और पर्यटक अलग-अलग इलाकों में फंस गए थे। इस मुश्किल घड़ी में महाराष्ट्र के पर्यटकों के लिए राहत की खबर सामने आई है।

Nepal Flash Floods : नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बीच राहत की खबर, 106 महाराष्ट्र पर्यटक सुरक्षित लौटे; 84 आज आएंगे

Nepal Flash Floods, नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई भारतीय नागरिक और पर्यटक अलग-अलग इलाकों में फंस गए थे। इस मुश्किल घड़ी में महाराष्ट्र के पर्यटकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। राज्य के 106 पर्यटक सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जबकि करीब 84 और लोगों के शनिवार यानी 29 अगस्त को घर पहुंचने की उम्मीद है। महाराष्ट्र सरकार और केंद्र की एजेंसियां लगातार फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए काम कर रही हैं।

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नेपाल में फंसे थे महाराष्ट्र के सैकड़ों लोग

नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। इनमें पर्यटक, तीर्थयात्री और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोग शामिल हैं। राज्य सरकार के मुताबिक नेपाल में मौजूद महाराष्ट्र के नागरिकों की जानकारी लगातार जुटाई जा रही है और जिन लोगों से संपर्क हो रहा है, उनकी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जा रही है। शुक्रवार को 106 लोगों का पहला बड़ा जत्था नेपाल से निकलकर भारत पहुंचा। इनमें नागपुर के नागरिक भी शामिल हैं। उनकी यात्रा को आसान बनाने के लिए नेपाल से बिहार तक वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की गई और इसके बाद आगे की यात्रा के लिए ट्रेन की व्यवस्था की गई।

106 लोगों की सुरक्षित वापसी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारत लौट चुके नागरिकों से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। नागरिकों ने मुश्किल हालात के बीच मदद और सुरक्षित निकासी के लिए राज्य सरकार का आभार जताया।मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, सरकार ने नेपाल में फंसे नागरिकों तक मदद पहुंचाने के लिए लगातार संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा। केंद्र सरकार के स्तर पर भी नेपाल और भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया। फडणवीस ने नागरिकों की सुरक्षित वापसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हस्तक्षेप और केंद्र सरकार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

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84 और पर्यटक आज लौटेंगे

पहले जत्थे की वापसी के बाद अब 84 और महाराष्ट्र के नागरिकों के भारत पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार इन लोगों की यात्रा के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि नेपाल के कई हिस्सों में सड़क और पुल बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं।कुछ पर्यटक सड़क मार्ग से नेपाल से भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि अन्य लोगों के लिए काठमांडू से हवाई यात्रा की व्यवस्था की गई है। इस तरह प्रशासन यात्रियों की स्थिति और उपलब्ध रास्तों के आधार पर उनकी वापसी की योजना बना रहा है।

37 लोगों का समूह भी सुरक्षित

महाराष्ट्र के 37 तीर्थयात्रियों का एक समूह भी नेपाल और तिब्बत के बीच फंस गया था। यह समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद वापसी के दौरान सागा क्षेत्र में था। बाद में वैकल्पिक पहाड़ी रास्ते से यह समूह काठमांडू पहुंच गया।रिपोर्ट के मुताबिक समूह में ठाणे, पुणे, अलीबाग, रायगढ़ और डोंबिवली सहित महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों के लोग शामिल हैं। समूह के साथ दो डॉक्टर भी हैं और सभी लोगों के स्वस्थ होने की जानकारी सामने आई है। इन्हें 29 अगस्त को काठमांडू से विमान के जरिए भारत लौटने की योजना है।

नागपुर के यात्रियों की भी सुरक्षित वापसी

नागपुर के 106 नागरिकों को नेपाल से निकालने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। रिपोर्टों के अनुसार इनमें से कुछ लोग विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को बस के माध्यम से भारत लाया गया। काठमांडू से उन्हें बसों के जरिए जनकपुर और फिर बिहार की ओर भेजा गया। इसके बाद आगे की यात्रा के लिए ट्रेन की व्यवस्था की गई। इस पूरी यात्रा में करीब 36 घंटे तक का समय लगने की जानकारी सामने आई है।

बिहार प्रशासन ने भी की मदद

नेपाल से भारत लौटने वाले महाराष्ट्र के यात्रियों के लिए बिहार प्रशासन ने भी अहम भूमिका निभाई। सीतामढ़ी के रास्ते भारत पहुंचे यात्रियों के रहने, भोजन और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई। इसके बाद उन्हें पटना ले जाया गया और वहां से ट्रेन के जरिए महाराष्ट्र भेजने की व्यवस्था की गई।रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों ने मुश्किल समय में बिहार प्रशासन की मदद की सराहना की। रक्षाबंधन के मौके पर यात्रियों और स्थानीय अधिकारियों के बीच भावुक क्षण भी देखने को मिला, जब यात्रियों ने मदद के लिए अधिकारियों को राखी बांधकर आभार जताया।

कई नागरिकों से संपर्क की कोशिश जारी

जहां एक तरफ बड़ी संख्या में महाराष्ट्र के नागरिक सुरक्षित लौट रहे हैं, वहीं कुछ लोगों से अभी भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। 28 अगस्त की रिपोर्टों में महाराष्ट्र सरकार ने 404 लोगों के नेपाल में फंसे होने की पुष्टि की थी। इनमें 299 लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली थी, जबकि करीब 60 लोग उस समय संपर्क से बाहर बताए गए थे। इससे पहले नेपाल में आई आपदा के बाद भारतीय नागरिकों की एक बड़ी संख्या के संपर्क से बाहर होने की खबर सामने आई थी। ऐसे में प्रशासन के लिए हर नागरिक की लोकेशन का पता लगाना और उनके परिवारों को सही जानकारी देना बड़ी प्राथमिकता है।

नेपाल में अभी भी राहत-बचाव अभियान जारी

नेपाल में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। फ्लैश फ्लड के बाद मलबा, भूस्खलन और क्षतिग्रस्त सड़कों ने बचाव अभियान को मुश्किल बना दिया है। कई इलाकों में राहत दलों को पहुंचने में परेशानी हो रही है।ताजा अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में मृतकों की संख्या 600 से ऊपर पहुंच गई है और हजारों लोग अब भी लापता हैं। बचाव दल दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। खराब मौसम और नए बाढ़ के खतरे के कारण राहत कार्यों में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

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ग्लेशियर और मलबे के बहाव से आई तबाही

इस प्राकृतिक आपदा के पीछे हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और बर्फ-चट्टानों के अचानक खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबे और पानी का बहाव प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इसके बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और रास्ते में आने वाले कई इलाकों को भारी नुकसान हुआ। बाढ़ के कारण सड़कें, पुल और दूसरी आधारभूत संरचनाएं प्रभावित हुईं। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ नेपाल घूमने और धार्मिक यात्राओं पर गए विदेशी पर्यटकों पर भी पड़ा।

महाराष्ट्र सरकार ने बनाया निगरानी तंत्र

फंसे हुए नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिवारों तक अपडेट पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र प्रशासन ने निगरानी और सहायता व्यवस्था को सक्रिय किया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है और जरूरत के अनुसार संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है।सरकार की प्राथमिकता फिलहाल यही है कि नेपाल में मौजूद महाराष्ट्र के हर नागरिक का पता लगाया जाए और सुरक्षित परिस्थितियों में उन्हें भारत वापस लाया जाए।

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परिवारों को राहत, लेकिन तलाश अभी बाकी

106 लोगों की सुरक्षित वापसी से उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। 84 और लोगों के घर लौटने की उम्मीद से भी उनके परिजनों की चिंता कम हुई है। हालांकि, जिन नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है, उनके परिवारों की चिंता बनी हुई है।नेपाल की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय और नेपाली अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं।फिलहाल महाराष्ट्र के 106 नागरिकों की सुरक्षित वापसी एक बड़ी राहत है, लेकिन अभियान की प्राथमिकता अभी भी यही है कि नेपाल में फंसे हर भारतीय नागरिक को सुरक्षित घर वापस लाया जाए। आने वाले घंटों में 84 और लोगों की वापसी के साथ महाराष्ट्र के कई परिवारों को और राहत मिलने की उम्मीद है।

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