Vaishno Devi: माता वैष्णो देवी के चढ़ावे का हिसाब अब मशीनों से, मैन्युअल काउंटिंग पर लगी रोक
Vaishno Devi, Shri Mata Vaishno Devi Shrine में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की गिनती को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा ने बताया कि अब मंदिर में चढ़ावे की मैन्युअल गिनती बंद कर दी गई है।
Vaishno Devi : वैष्णो देवी मंदिर में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल, चढ़ावे की गिनती अब मशीनों से
Vaishno Devi, Shri Mata Vaishno Devi Shrine में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की गिनती को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा ने बताया कि अब मंदिर में चढ़ावे की मैन्युअल गिनती बंद कर दी गई है। इसके लिए Cash Recycler Machines (CRM) लगाई जा रही हैं, जिससे नकदी को सीधे मशीनों के जरिए संभाला और दर्ज किया जा सकेगा।यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन, उसकी गिनती और पारदर्शिता को लेकर चर्चा चल रही है। जुलाई में भी उपराज्यपाल ने श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर चढ़ावे और दान के संग्रह, गिनती, लेखांकन, सुरक्षा और इस्तेमाल की पूरी व्यवस्था की समीक्षा की थी।

मैन्युअल गिनती की प्रक्रिया होगी खत्म
मनोज सिन्हा ने 19 अगस्त को जम्मू में आयोजित Indian Chamber of Commerce MSME Conclave 2026 को संबोधित करते हुए इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्राइन में मैन्युअल कैश काउंटिंग की प्रक्रिया बंद कर दी गई है।उनके मुताबिक, फिलहाल दो Cash Recycler Machines स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि बाकी मशीनें अगले 15 दिनों के भीतर लगाने का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य नकदी के प्रबंधन में इंसानी हस्तक्षेप को कम करना और प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।
क्या है Cash Recycler Machine?
Cash Recycler Machine यानी CRM ऐसी मशीन होती है जो नकदी को स्वीकार करने, उसकी गिनती करने और सुरक्षित तरीके से रखने जैसे कामों को स्वचालित कर सकती है। बैंकिंग सेक्टर में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल पहले से होता रहा है।वैष्णो देवी धाम में इन मशीनों के इस्तेमाल का मकसद भी चढ़ावे के रूप में आने वाली नकदी को अधिक व्यवस्थित तरीके से संभालना है। मशीन के जरिए जमा रकम का रिकॉर्ड तैयार होने से मैन्युअल गिनती पर निर्भरता कम होगी।इससे कैश कलेक्शन की प्रक्रिया में समय बचाने और रिकॉर्ड को ज्यादा व्यवस्थित रखने में भी मदद मिल सकती है।
कर्मचारियों का सीधा कैश हैंडलिंग से संपर्क नहीं
मनोज सिन्हा ने इस बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण बात बताते हुए कहा कि अब श्राइन बोर्ड या बैंक का कोई कर्मचारी सीधे नकदी के संपर्क में नहीं होगा। यानी जिस प्रक्रिया में पहले कर्मचारियों द्वारा नकदी को संभालने और गिनने की जरूरत पड़ती थी, उसमें अब तकनीक की भूमिका बढ़ाई जा रही है।यह व्यवस्था चढ़ावे की सुरक्षा के साथ-साथ जवाबदेही बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हर चरण को ज्यादा व्यवस्थित और रिकॉर्ड आधारित बनाने की कोशिश की जा रही है।

जुलाई में भी हुई थी चढ़ावे की व्यवस्था की समीक्षा
मैन्युअल गिनती खत्म करने का फैसला अचानक नहीं आया है। जुलाई 2026 में मनोज सिन्हा ने श्राइन बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की थी।बैठक में श्रद्धालुओं से मिलने वाले चढ़ावे के संग्रह, गिनती, लेखांकन, सुरक्षा और उपयोग से जुड़ी पूरी व्यवस्था की समीक्षा की गई थी। अधिकारियों ने बोर्ड को बताया था कि दान पेटियों, काउंटरों, ऑनलाइन माध्यमों और कीमती धातुओं के रूप में मिलने वाले चढ़ावे के लिए संस्थागत व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
चढ़ावे में चांदी को लेकर भी उठा था सवाल
यह बदलाव उस समय सामने आया है जब वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली चांदी की शुद्धता और उसके प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे थे। जम्मू की एक अदालत में इस संबंध में शिकायत पर सुनवाई हुई थी और क्राइम ब्रांच से जांच से जुड़े रिकॉर्ड मांगे गए थे।इसी पृष्ठभूमि में श्राइन बोर्ड की बैठक में चढ़ावे की पूरी व्यवस्था की समीक्षा की गई थी। हालांकि, मैन्युअल गिनती बंद करने का फैसला व्यापक पारदर्शिता और सिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से बताया गया है।
ऑनलाइन और कंप्यूटरीकृत दान व्यवस्था पहले से मौजूद
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड पहले से ही दान को लेकर कंप्यूटरीकृत व्यवस्था संचालित करता है। बोर्ड की आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्रद्धालु नकद के अलावा डिमांड ड्राफ्ट और चेक के माध्यम से भी दान कर सकते हैं। विभिन्न स्थानों पर दान काउंटर उपलब्ध हैं और इन काउंटरों पर कंप्यूटरीकृत रसीद जारी की जाती है।अब Cash Recycler Machines की शुरुआत इसी तकनीकी व्यवस्था को और आगे ले जाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा?
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन या चढ़ावे की परंपरा में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। मुख्य परिवर्तन दान की आंतरिक गिनती और कैश मैनेजमेंट सिस्टम में है।इसका सीधा असर श्रद्धालुओं पर कम और श्राइन बोर्ड की आंतरिक प्रक्रिया पर ज्यादा पड़ेगा। अगर मशीनों के जरिए नकदी की गिनती और रिकॉर्डिंग सफलतापूर्वक होती है, तो दान की रकम के प्रबंधन में मानवीय हस्तक्षेप कम हो सकता है।
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पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
श्राइन बोर्ड की ओर से हाल के महीनों में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही पर जोर दिया गया है। जुलाई की बैठक में भी उपराज्यपाल ने स्थापित Standard Operating Procedures (SOPs) का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।मशीनों के इस्तेमाल को इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा माना जा सकता है। नकदी की गिनती और रिकॉर्डिंग जैसे महत्वपूर्ण कामों में तकनीक का इस्तेमाल करने से संभावित मानवीय त्रुटियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
बाकी मशीनें 15 दिनों में लगेंगी
फिलहाल दो Cash Recycler Machines स्थापित हो चुकी हैं। मनोज सिन्हा के अनुसार बाकी मशीनों को 15 दिनों के भीतर स्थापित करने की योजना है। इसके बाद मंदिर में चढ़ावे की मैन्युअल गिनती की जगह ज्यादा स्वचालित प्रक्रिया लागू हो जाएगी।इससे श्राइन बोर्ड को रोजाना आने वाली बड़ी मात्रा में नकदी के प्रबंधन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
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क्यों अहम है यह फैसला?
Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board देश के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में से एक है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में दान और चढ़ावे की रकम का पारदर्शी एवं सुरक्षित प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है।मैन्युअल गिनती खत्म कर मशीन आधारित व्यवस्था शुरू करने का फैसला इसी दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम है। हालांकि, नई व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है, यह इसके पूरी तरह लागू होने और संचालन के बाद ही स्पष्ट होगा।
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