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सिर्फ गर्मियों में नहीं, रोज लगाएं Sunscreen! जानें क्यों है Skin Care का जरूरी हिस्सा

Sunscreen, आज के समय में स्किनकेयर रूटीन में Sunscreen को सबसे जरूरी प्रोडक्ट्स में से एक माना जाता है। कई लोग सोचते हैं कि सनस्क्रीन की जरूरत सिर्फ गर्मियों या धूप में बाहर निकलते समय होती है

बादल हो या तेज धूप, Sunscreen लगाना न भूलें! जानें रोजाना इस्तेमाल क्यों है जरूरी

Sunscreen, आज के समय में स्किनकेयर रूटीन में Sunscreen को सबसे जरूरी प्रोडक्ट्स में से एक माना जाता है। कई लोग सोचते हैं कि सनस्क्रीन की जरूरत सिर्फ गर्मियों या धूप में बाहर निकलते समय होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। सूरज की Ultraviolet (UV) किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और लंबे समय तक इनका संपर्क त्वचा की उम्र बढ़ने, सनबर्न और कुछ मामलों में स्किन कैंसर के जोखिम से जुड़ा होता है। इसलिए त्वचा विशेषज्ञ आमतौर पर रोजाना सनस्क्रीन इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

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UV Rays से त्वचा को बचाता है Sunscreen

सूरज से निकलने वाली UVA और UVB किरणें त्वचा पर अलग-अलग तरह से असर डाल सकती हैं। UVB किरणें सनबर्न का प्रमुख कारण होती हैं, जबकि UVA किरणें त्वचा की गहरी परतों तक पहुंच सकती हैं और समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने में भूमिका निभाती हैं।सनस्क्रीन त्वचा पर एक सुरक्षा परत बनाने में मदद करता है, जिससे UV radiation का त्वचा पर पड़ने वाला प्रभाव कम किया जा सकता है। यही वजह है कि इसे केवल समुद्र तट या तेज धूप वाले दिनों तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

समय से पहले बूढ़ी दिखने वाली त्वचा से बचाव

अगर आप चाहते हैं कि त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और जवां दिखे, तो सनस्क्रीन आपकी डेली स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा होना चाहिए। लंबे समय तक सूर्य की UV किरणों के संपर्क में रहने से Fine Lines, Wrinkles और त्वचा की Elasticity प्रभावित हो सकती है।धूप से होने वाली इस तरह की क्षति को Photoaging कहा जाता है। रोजाना सनस्क्रीन लगाने से UV exposure को कम करने में मदद मिल सकती है और त्वचा को समय से पहले बूढ़ा दिखने से बचाने में सहायता मिलती है।

Pigmentation और Dark Spots को बढ़ने से रोकने में मदद

कई लोगों की त्वचा पर मुंहासों के बाद काले निशान, झाइयां या हाइपरपिग्मेंटेशन की समस्या होती है। सूरज की रोशनी इन दाग-धब्बों को और गहरा कर सकती है।अगर आप किसी pigmentation या acne marks को कम करने के लिए स्किनकेयर कर रहे हैं, तो सनस्क्रीन लगाना बेहद महत्वपूर्ण है। बिना सन प्रोटेक्शन के त्वचा लगातार UV exposure में रहती है, जिससे उपचार का असर कम हो सकता है और pigmentation दोबारा बढ़ सकता है।

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Cloudy Weather में भी जरूरी है Sunscreen

बहुत से लोग बादल वाले दिनों में सनस्क्रीन लगाना छोड़ देते हैं। लेकिन बादल UV radiation को पूरी तरह ब्लॉक नहीं करते। इसलिए बाहर निकलते समय मौसम चाहे धूप वाला हो या बादल वाला, सनस्क्रीन लगाना उपयोगी है।खासकर भारत जैसे देश में, जहां साल के बड़े हिस्से में सूर्य की रोशनी पर्याप्त मात्रा में रहती है, रोजाना सन प्रोटेक्शन की आदत बनाना फायदेमंद हो सकता है।

घर के अंदर रहने पर क्या Sunscreen जरूरी है?

अगर आप पूरा दिन घर के अंदर रहते हैं और खिड़कियों के पास ज्यादा समय नहीं बिताते, तो UV exposure बाहर की तुलना में कम हो सकता है। हालांकि, अगर आप खिड़की के पास बैठते हैं, बालकनी में समय बिताते हैं या दिन में बार-बार बाहर निकलते हैं, तो सनस्क्रीन लगाना बेहतर है।इसके अलावा, जो लोग रोजाना ऑफिस, कॉलेज, बाजार या यात्रा के लिए बाहर निकलते हैं, उनके लिए दैनिक सनस्क्रीन ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।

SPF का मतलब क्या होता है?

सनस्क्रीन खरीदते समय आपने SPF 30 या SPF 50 जैसे नंबर जरूर देखे होंगे। SPF मुख्य रूप से UVB से मिलने वाली सुरक्षा को दर्शाता है।डर्मेटोलॉजिस्ट आमतौर पर रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए Broad-Spectrum Sunscreen चुनने की सलाह देते हैं, ताकि UVA और UVB दोनों प्रकार की किरणों से सुरक्षा मिल सके।सिर्फ SPF का नंबर देखकर सनस्क्रीन खरीदने के बजाय यह भी देखें कि प्रोडक्ट Broad-Spectrum Protection प्रदान करता है या नहीं।

कितनी मात्रा में Sunscreen लगाना चाहिए?

सनस्क्रीन लगाने में सबसे आम गलती इसकी कम मात्रा इस्तेमाल करना है। चेहरे और गर्दन के लिए पर्याप्त मात्रा लगाना जरूरी है। आमतौर पर चेहरे के लिए दो-फिंगर रूल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें इंडेक्स और मिडिल फिंगर की लंबाई के बराबर सनस्क्रीन लिया जाता है।हालांकि, व्यक्ति की त्वचा, चेहरे के आकार और प्रोडक्ट के फॉर्मूले के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है।

Sunscreen कब लगाएं?

सनस्क्रीन को घर से निकलने से लगभग 15-20 मिनट पहले लगाना एक आसान आदत हो सकती है, खासकर जब आप लंबे समय तक बाहर रहने वाले हों। अगर आप लंबे समय तक धूप में हैं, बहुत पसीना आता है या तैराकी करते हैं, तो प्रोडक्ट के निर्देशों के अनुसार इसे दोबारा लगाना जरूरी हो सकता है। कई विशेषज्ञ बाहर रहने की स्थिति में लगभग हर दो घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाने की सलाह देते हैं।

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Makeup करने वालों के लिए भी जरूरी

अगर आप रोजाना मेकअप करते हैं, तब भी सनस्क्रीन को स्किप नहीं करना चाहिए। इसे स्किनकेयर रूटीन में मॉइस्चराइजर के बाद और मेकअप से पहले लगाया जा सकता है।हालांकि, SPF वाला मेकअप प्रोडक्ट हमेशा आपके मुख्य सनस्क्रीन का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि अक्सर पर्याप्त मात्रा में मेकअप लगाने से पर्याप्त SPF सुरक्षा नहीं मिलती।

क्या हर Skin Type के लिए Sunscreen जरूरी है?

सनस्क्रीन हर तरह की त्वचा के लिए उपयोगी हो सकता है चाहे आपकी स्किन Oily, Dry, Combination या Sensitive हो। फर्क सिर्फ इतना है कि आपको अपने स्किन टाइप के अनुसार सही फॉर्मूला चुनना चाहिए।ऑयली या acne-prone skin वाले लोग हल्का, non-comedogenic या gel-based फॉर्मूला पसंद कर सकते हैं, जबकि dry skin वाले लोग moisturizing sunscreen चुन सकते हैं।अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या किसी सनस्क्रीन से जलन, लालिमा या खुजली होती है, तो उसका इस्तेमाल बंद करके त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

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सिर्फ चेहरे पर नहीं, शरीर के खुले हिस्सों पर भी लगाएं

सनस्क्रीन को सिर्फ चेहरे तक सीमित रखना सही नहीं है। गर्दन, कान, हाथ, बाजू और शरीर के अन्य खुले हिस्सों पर भी इसे लगाया जा सकता है, खासकर जब ये हिस्से सीधे धूप के संपर्क में हों।लंबे समय तक बाहर रहने पर टोपी, धूप का चश्मा, पूरी आस्तीन के कपड़े और छाया का इस्तेमाल भी UV exposure कम करने में मदद कर सकता है। रोजाना सनस्क्रीन लगाना सिर्फ खूबसूरती से जुड़ी आदत नहीं है, बल्कि त्वचा की लंबी अवधि की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह UV radiation से होने वाले नुकसान को कम करने, सनबर्न से बचाव करने और समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने तथा pigmentation जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।इसलिए स्किनकेयर रूटीन में Broad-Spectrum SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन शामिल करें और इसे पर्याप्त मात्रा में लगाएं। साथ ही, लंबे समय तक धूप में रहने पर दोबारा लगाने और अन्य sun-protection उपाय अपनाने को भी अपनी आदत बनाएं।

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