Uttarakhand News: गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का कारण, हरिद्वार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा
Uttarakhand News, उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
Uttarakhand News : हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान के करीब, प्रशासन ने लोगों से की ये अपील
Uttarakhand News, उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। नदी किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और लोगों से गंगा के तटों से दूर रहने की अपील की गई है।
लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा में पानी का प्रवाह तेजी से बढ़ा है। पहाड़ों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी और लगातार वर्षा के चलते हरिद्वार में नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर पहुंचा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही हरिद्वार के तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
घाटों पर बढ़ाई गई निगरानी
हर की पैड़ी समेत प्रमुख घाटों पर पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी में स्नान करने, सेल्फी लेने या किनारों पर अनावश्यक भीड़ लगाने से बचने की अपील की है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जिला प्रशासन ने लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं—
- गंगा के किनारे जाने से बचें।
- नदी में स्नान या जलक्रीड़ा न करें।
- बच्चों को नदी किनारे अकेला न छोड़ें।
- प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
- किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
SDRF और राहत दल तैयार
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें पूरी तरह तैयार हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। इसी कारण प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
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लोगों से की गई विशेष अपील
प्रशासन ने स्थानीय लोगों, कांवड़ यात्रियों और पर्यटकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही नदी किनारे रहने वाले परिवारों से कहा गया है कि वे आवश्यक दस्तावेज और जरूरी सामान सुरक्षित रखें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत स्थानांतरित हो सकें।
पहले भी बढ़ चुका है जलस्तर
मानसून के दौरान हरिद्वार में गंगा का जलस्तर कई बार चेतावनी और खतरे के निशान तक पहुंच चुका है। ऐसे समय में निचले इलाकों में पानी भरने, घाटों के डूबने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन जाती हैं। इसी अनुभव को देखते हुए प्रशासन इस बार पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल हरिद्वार में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है और हालात के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है, तो तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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