Cold Food during periods: पीरियड्स में दही, आइसक्रीम और ठंडा पानी करें या नहीं? जानें सही जवाब
Cold Food during periods, पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द और क्रैम्प्स होना बहुत आम बात है। इस दौरान कई घरों में महिलाओं को ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम,
Cold Food during periods : Periods में Cold Foods से बढ़ते हैं पेट के क्रैम्प्स? जानें वैज्ञानिक सच्चाई
Cold Food during periods, पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द और क्रैम्प्स होना बहुत आम बात है। इस दौरान कई घरों में महिलाओं को ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, ठंडा पानी, दही या ठंडे पेय पदार्थ लेने से मना किया जाता है। अक्सर कहा जाता है कि इन चीजों से गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ सकती हैं और पीरियड्स का दर्द बढ़ सकता है। लेकिन क्या वाकई ठंडी चीजें खाने से पीरियड क्रैम्प्स ज्यादा हो जाते हैं? इस सवाल का जवाब इतना सीधा नहीं है।

पीरियड्स में क्रैम्प्स क्यों होते हैं?
पीरियड्स के दौरान गर्भाशय अपनी अंदरूनी परत को बाहर निकालने के लिए सिकुड़ता है। इस प्रक्रिया में शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन नामक रसायनों की भूमिका होती है। इनका स्तर ज्यादा होने पर गर्भाशय में संकुचन अधिक हो सकते हैं, जिससे पेट के निचले हिस्से में दर्द, ऐंठन और भारीपन महसूस हो सकता है। कुछ महिलाओं को इसके साथ कमर दर्द, सिरदर्द, थकान, मतली या पैरों में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। क्रैम्प्स की तीव्रता हर व्यक्ति में अलग होती है और यह केवल खाने-पीने की चीजों पर निर्भर नहीं करती।
क्या ठंडी चीजें क्रैम्प्स बढ़ाती हैं?
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या आइसक्रीम, ठंडा पानी या अन्य ठंडी चीजें पीरियड्स के दर्द को बढ़ाती हैं? अभी तक ऐसा मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि सामान्य मात्रा में ठंडी चीजें खाने या पीने से सीधे पीरियड क्रैम्प्स बढ़ जाते हैं। यानी अगर किसी महिला ने पीरियड्स के दौरान ठंडा पानी पी लिया या आइसक्रीम खा ली, तो यह जरूरी नहीं कि उसके क्रैम्प्स बढ़ जाएंगे। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने की प्राकृतिक क्षमता होती है और पेट में जाने वाली ठंडी चीजें गर्भाशय को सीधे ठंडा करके उसके संकुचन को बढ़ा देती हैं, ऐसा मानने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि हर महिला को ठंडी चीजें खाने के बाद बिल्कुल कोई फर्क महसूस नहीं होगा। कुछ लोगों को व्यक्तिगत रूप से कुछ खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों के बाद असहजता महसूस हो सकती है।
फिर गर्म चीजों से राहत क्यों महसूस होती है?
पीरियड क्रैम्प्स के दौरान पेट या कमर पर गर्म पानी की बोतल रखने से कई महिलाओं को राहत मिलती है। गर्माहट मांसपेशियों को आराम देने और दर्द की अनुभूति को कम करने में मदद कर सकती है। इसी वजह से पीरियड्स में गर्म पानी से नहाने या हीटिंग पैड का इस्तेमाल आरामदायक लग सकता है। यही अनुभव कभी-कभी इस धारणा को जन्म देता है कि ठंडी चीजें इसके ठीक विपरीत असर करती हैं। लेकिन शरीर पर बाहर से गर्माहट देने और कोई ठंडी चीज खाने के प्रभाव को एक जैसा मानना सही नहीं है।
पीरियड्स में क्या खाना बेहतर है?
पीरियड्स के दौरान किसी एक तापमान वाली चीज को पूरी तरह छोड़ने के बजाय संतुलित और पौष्टिक भोजन पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है। पर्याप्त पानी पीना, फल-सब्जियां खाना और प्रोटीन तथा साबुत अनाज को डाइट में शामिल करना शरीर को जरूरी पोषक तत्व दे सकता है। कुछ महिलाओं को इस दौरान गर्म सूप, हर्बल चाय या अन्य गर्म पेय आरामदायक लग सकते हैं। वहीं अगर आपको ठंडा पानी या दही खाने से कोई परेशानी नहीं होती, तो केवल पीरियड्स की वजह से इन्हें पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। बहुत ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, क्योंकि अधिक सोडियम शरीर में पानी रुकने और ब्लोटिंग की समस्या को बढ़ा सकता है। इसी तरह बहुत ज्यादा कैफीन कुछ महिलाओं में असहजता या नींद की समस्या बढ़ा सकता है।
हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है
पीरियड्स से जुड़े लक्षण हर महिला में अलग-अलग होते हैं। किसी को हल्का दर्द होता है, जबकि किसी को इतना ज्यादा दर्द हो सकता है कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें। इसलिए अपनी डाइट और शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना उपयोगी है। अगर आपको लगता है कि किसी खास ठंडी चीज को खाने के बाद हर बार क्रैम्प्स या पेट की परेशानी बढ़ती है, तो कुछ समय के लिए उसे कम करके देखें और अपने लक्षणों को नोट करें। लेकिन इसे सार्वभौमिक नियम नहीं माना जा सकता कि ठंडी चीजें सभी महिलाओं के पीरियड दर्द को बढ़ाती हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर पीरियड्स का दर्द इतना ज्यादा है कि स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं, तो इसे केवल सामान्य पीरियड क्रैम्प्स मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बहुत तेज या लगातार बढ़ता दर्द, असामान्य रूप से ज्यादा ब्लीडिंग, बेहोशी जैसा महसूस होना, बुखार या पीरियड्स के बीच लगातार दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कभी-कभी गंभीर पीरियड दर्द के पीछे एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस या अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए बार-बार होने वाले या असहनीय दर्द का सही कारण पता लगाना महत्वपूर्ण है। पीरियड्स में ठंडी चीजें खाने से क्रैम्प्स जरूर बढ़ते हैं, ऐसा साबित करने वाला मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए केवल इस डर से ठंडा पानी, दही या आइसक्रीम पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर किसी खास चीज से आपको व्यक्तिगत रूप से असहजता महसूस होती है, तो उसका सेवन कम किया जा सकता है। पीरियड्स के दौरान पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन लेना, हल्की शारीरिक गतिविधि करना और जरूरत पड़ने पर गर्म सिकाई जैसे उपाय अपनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। सबसे जरूरी बात यह है कि अगर दर्द सामान्य से बहुत ज्यादा हो या आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







