Red Fort Blast Case: लाल किला धमाके के पीड़ितों को मिलेगी अंतिम विदाई, कोर्ट ने शवों के अंतिम संस्कार की दी अनुमति
Red Fort Blast Case: दिल्ली की अदालत ने एनआईए को लाल किला कार बम धमाके में मारे गए 11 लोगों और हमलावर के शरीर के अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी है। अदालत ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार सम्मानजनक अंतिम संस्कार के निर्देश भी दिए हैं।
Red Fort Blast Case: कोर्ट ने लाल किला धमाके के पीड़ितों के अंतिम संस्कार की दी अनुमति, एनआईए को सौंपा जिम्मा
Red Fort Blast Case: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने लाल किला कार बम धमाका मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को धमाके में मारे गए 11 लोगों के शवों और आत्मघाती हमलावर के शरीर के अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि सभी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए पूरे सम्मान और गरिमा के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाए।
कोर्ट ने एनआईए को दी अंतिम संस्कार की अनुमति
विशेष न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने अपने आदेश में कहा कि धमाके में जान गंवाने वाले लोगों के शवों तथा कार के चालक डॉ. उमर उन नबी के शरीर के अवशेषों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाए। अदालत ने एनआईए को इस प्रक्रिया की अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद मांगी गई अनुमति
एनआईए ने अदालत को बताया कि शवों और शरीर के अवशेषों से आवश्यक फोरेंसिक साक्ष्य पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं। एजेंसी ने कहा कि अवशेष लंबे समय से सुरक्षित रखे गए थे और अब उनके अंतिम निपटान के लिए अदालत की अनुमति आवश्यक थी।
धार्मिक परंपराओं का रखा जाएगा ध्यान
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अंतिम संस्कार के दौरान सभी पीड़ितों की धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया गरिमा और संवेदनशीलता के साथ संपन्न करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनआईए ने दाखिल की थी 7,500 पन्नों की चार्जशीट
इस मामले में एनआईए ने 14 मई को करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, पिछले साल 10 नवंबर को हुए कार बम विस्फोट की विस्तृत जांच के बाद कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए हैं।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में तीन और आरोपी शामिल
पिछले महीने एनआईए ने इस मामले में तीन और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। इनमें एक फरार डॉक्टर भी शामिल है, जिसे जांच एजेंसी ने कथित आतंकी मॉड्यूल का प्रमुख सदस्य बताया है। अब इस मामले में चार्जशीट में शामिल आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो चुकी है।
जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
एनआईए इस मामले की जांच लगातार आगे बढ़ा रही है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।
निष्कर्ष
दिल्ली अदालत के इस फैसले से लाल किला धमाके के पीड़ितों के अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हो गया है। फोरेंसिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मृतकों के पार्थिव अवशेषों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाएगा, जबकि मामले की न्यायिक प्रक्रिया और जांच आगे भी जारी रहेगी।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







