Dry Eye Syndrome: स्क्रीन देखने से बढ़ रही है आंखों की परेशानी, जानें 20-20-20 रूल का फायदा
Dry Eye Syndrome, आजकल मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल ने आंखों से जुड़ी समस्याओं को तेजी से बढ़ा दिया है। घंटों स्क्रीन देखने की आदत के कारण कई लोग आंखों में जलन, भारीपन, सूखापन और थकान महसूस करने लगे हैं।
Dry Eye Syndrome : मोबाइल और लैपटॉप यूजर्स जरूर जान लें ये जरूरी बातें
Dry Eye Syndrome, आजकल मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल ने आंखों से जुड़ी समस्याओं को तेजी से बढ़ा दिया है। घंटों स्क्रीन देखने की आदत के कारण कई लोग आंखों में जलन, भारीपन, सूखापन और थकान महसूस करने लगे हैं। अक्सर लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यह Dry Eye Syndrome का संकेत हो सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार, Dry Eye Syndrome एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंखों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाती या आंसू जल्दी सूख जाते हैं। इससे आंखों में असहजता और जलन महसूस हो सकती है। अगर समय रहते इसका ध्यान न रखा जाए तो यह समस्या बढ़ भी सकती है।
क्या होता है Dry Eye Syndrome?
हमारी आंखों में बनने वाले आंसू सिर्फ भावनाओं से जुड़े नहीं होते, बल्कि आंखों को नम और सुरक्षित रखने का काम भी करते हैं। जब आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या उनकी गुणवत्ता सही नहीं होती, तो आंखें सूखी महसूस होने लगती हैं। इसी स्थिति को Dry Eye Syndrome कहा जाता है।यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन देखने वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
क्या हैं इसके सामान्य लक्षण?
Dry Eye Syndrome के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे परेशानी बढ़ सकती है।
इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है:
- आंखों में जलन या चुभन
- आंखों का भारी महसूस होना
- लालपन
- धुंधला दिखना
- आंखों में खुजली
- ज्यादा पानी आना
- स्क्रीन देखने पर जल्दी थकान
- रोशनी से परेशानी होना
कई बार आंखों में सूखापन होने पर शरीर ज्यादा आंसू बनाने लगता है, जिससे अचानक पानी आने लगता है।
क्यों बढ़ रही है यह समस्या?
ज्यादा स्क्रीन टाइम
मोबाइल और लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल Dry Eye Syndrome की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। स्क्रीन देखने के दौरान लोग कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखों की नमी तेजी से कम होने लगती है।
AC और प्रदूषण
एयर कंडीशनर में ज्यादा समय बिताना, धूल, धुआं और प्रदूषण भी आंखों को ड्राई बना सकते हैं।
कम पानी पीना
शरीर में पानी की कमी का असर आंखों पर भी पड़ता है। पर्याप्त हाइड्रेशन न होने से आंखों में सूखापन बढ़ सकता है।
बढ़ती उम्र
उम्र बढ़ने के साथ आंसू बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे Dry Eye की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
क्या है 20-20-20 रूल?
विशेषज्ञ आंखों को स्क्रीन स्ट्रेन से बचाने के लिए 20-20-20 रूल अपनाने की सलाह देते हैं। यह आंखों को आराम देने का आसान तरीका माना जाता है।
कैसे करें फॉलो?
हर 20 मिनट बाद:
- 20 सेकंड के लिए
- 20 फीट दूर किसी चीज को देखें
इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और लगातार स्क्रीन देखने से होने वाला तनाव कम हो सकता है।
पलक झपकाना भी है जरूरी
स्क्रीन देखते समय लोग सामान्य से कम ब्लिंक करते हैं। इससे आंखों की नमी कम होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जानबूझकर बार-बार पलक झपकाना आंखों को नम बनाए रखने में मदद कर सकता है।
इन घरेलू उपायों से भी मिल सकती है राहत
पर्याप्त पानी पिएं
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर और आंखों दोनों के लिए जरूरी है।
स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें
बहुत ज्यादा तेज स्क्रीन आंखों पर दबाव बढ़ा सकती है।
अच्छी नींद लें
कम नींद आंखों की थकान और सूखेपन को बढ़ा सकती है।
आंखों पर ठंडी सिकाई करें
ठंडे पानी में कपड़ा भिगोकर आंखों पर रखने से आराम मिल सकता है।
ओमेगा-3 युक्त डाइट लें
अलसी, अखरोट और मछली जैसी चीजें आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर आंखों में लगातार जलन, दर्द, धुंधलापन या लालपन बना रहे तो नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए। कई बार यह समस्या किसी दूसरी आंखों की बीमारी का संकेत भी हो सकती है।डॉक्टर जरूरत पड़ने पर आई ड्रॉप्स या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।
बच्चों में भी बढ़ रहा खतरा
ऑनलाइन पढ़ाई और मोबाइल गेम्स की वजह से बच्चों में भी Dry Eye की समस्या बढ़ने लगी है। माता-पिता को बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करने और बीच-बीच में ब्रेक दिलाने पर ध्यान देना चाहिए।
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लाइफस्टाइल में बदलाव है जरूरी
Dry Eye Syndrome से बचाव के लिए छोटी-छोटी आदतों में बदलाव काफी मददगार हो सकते हैं। नियमित ब्रेक लेना, आंखों की सफाई रखना और स्क्रीन टाइम कम करना आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है।आंखों में जलन, भारीपन और सूखापन को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह Dry Eye Syndrome का संकेत हो सकता है। आज के डिजिटल दौर में आंखों की देखभाल बेहद जरूरी हो गई है।20-20-20 रूल अपनाकर, पर्याप्त पानी पीकर और स्क्रीन टाइम नियंत्रित करके आंखों को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर परेशानी लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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