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Aadhaar-Pension Linking: पेंशन अकाउंट को आधार से लिंक करने का आसान तरीका

Aadhaar-Pension Linking, आज के डिजिटल युग में सरकार द्वारा दी जाने वाली अधिकतर सेवाओं को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना,

Aadhaar-Pension Linking : आधार-पेंशन लिंकिंग, क्यों जरूरी है और कैसे करें

Aadhaar-Pension Linking, आज के डिजिटल युग में सरकार द्वारा दी जाने वाली अधिकतर सेवाओं को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जी लाभार्थियों को हटाना और सेवाओं को सही व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसी क्रम में पेंशन अकाउंट को आधार से लिंक करना भी अनिवार्य किया गया है। चाहे वह सरकारी कर्मचारी की पेंशन हो, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन—सभी के लिए आधार-पेंशन लिंकिंग जरूरी हो चुकी है। इस प्रक्रिया से पेंशन सीधे लाभार्थी के खाते में समय पर और सुरक्षित तरीके से पहुँचती है।

आधार-पेंशन लिंकिंग क्यों जरूरी है

आधार-पेंशन लिंकिंग का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन का लाभ सही व्यक्ति को ही मिले। कई बार एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक रिकॉर्ड हो जाते हैं या गलत जानकारी के कारण फर्जी लाभार्थी पेंशन ले लेते हैं। आधार से लिंक होने पर बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से व्यक्ति की पुष्टि हो जाती है, जिससे इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगती है। इसके अलावा सरकार को सही आंकड़े मिलते हैं और सरकारी धन की बचत भी होती है।

किन लोगों को आधार से पेंशन लिंक करनी चाहिए

आधार से पेंशन लिंकिंग सभी पेंशनधारकों के लिए जरूरी है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले वृद्ध नागरिक, विधवा महिलाएँ, दिव्यांग व्यक्ति और अन्य सरकारी पेंशन योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। यदि कोई व्यक्ति आधार से पेंशन लिंक नहीं करता है, तो उसकी पेंशन अस्थायी रूप से रोकी भी जा सकती है।

ऑनलाइन तरीके से आधार-पेंशन कैसे लिंक करें

आजकल अधिकतर राज्यों और केंद्र सरकार ने ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करा दी है, जिससे घर बैठे आधार-पेंशन लिंक की जा सकती है। इसके लिए सबसे पहले संबंधित पेंशन पोर्टल पर जाना होता है, जैसे राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन वेबसाइट या बैंक की आधिकारिक साइट। वहाँ “Aadhaar Linking” या “Update Aadhaar” का विकल्प मिलता है।
इसके बाद पेंशन अकाउंट नंबर या पीपीओ (PPO Number) डालना होता है। फिर आधार नंबर दर्ज करके ओटीपी के माध्यम से मोबाइल नंबर से सत्यापन किया जाता है। सफल सत्यापन के बाद आधार और पेंशन अकाउंट आपस में लिंक हो जाते हैं और स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मैसेज आ जाता है।

बैंक के माध्यम से आधार-पेंशन लिंक करने का तरीका

अगर किसी को ऑनलाइन प्रक्रिया समझ में नहीं आती, तो वह सीधे अपने बैंक ब्रांच जाकर भी आधार-पेंशन लिंक कर सकता है। इसके लिए पेंशनधारक को अपना आधार कार्ड, पेंशन पासबुक और एक पहचान पत्र साथ ले जाना होता है। बैंक कर्मचारी आधार नंबर को पेंशन अकाउंट से जोड़ देते हैं और बायोमेट्रिक या ओटीपी के जरिए सत्यापन कर देते हैं। कुछ ही समय में आधार लिंकिंग पूरी हो जाती है।

CSC या जन सेवा केंद्र से लिंक कराने का तरीका

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या जन सेवा केंद्र की सुविधा दी है। यहाँ जाकर पेंशनधारक आसानी से आधार-पेंशन लिंक करा सकते हैं। ऑपरेटर आधार नंबर और पेंशन विवरण डालकर बायोमेट्रिक सत्यापन करता है। यह तरीका खासतौर पर बुजुर्गों और तकनीक से कम परिचित लोगों के लिए बहुत आसान है।

आधार-पेंशन लिंकिंग में लगने वाले जरूरी दस्तावेज

आधार-पेंशन लिंक कराने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें आधार कार्ड, पेंशन अकाउंट नंबर या PPO नंबर, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर शामिल हैं। मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना जरूरी है, क्योंकि ओटीपी सत्यापन इसी पर आता है। अगर मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो पहले उसे अपडेट कराना जरूरी होता है।

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आधार लिंक न होने पर क्या समस्याएँ हो सकती हैं

यदि पेंशन अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, तो कई बार पेंशन मिलने में देरी हो सकती है या कुछ मामलों में भुगतान रुक भी सकता है। इसके अलावा डिजिटल वेरिफिकेशन न होने के कारण भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी आ सकती है। इसलिए समय रहते आधार-पेंशन लिंकिंग कराना बहुत जरूरी है।

आधार-पेंशन लिंकिंग के फायदे

आधार से पेंशन लिंक होने के कई फायदे हैं। सबसे पहला फायदा यह है कि पेंशन सीधे लाभार्थी के खाते में समय पर पहुँचती है। दूसरा, किसी भी तरह की फर्जीवाड़े की संभावना कम हो जाती है। तीसरा, पेंशनधारक को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। चौथा, डिजिटल रिकॉर्ड होने से भविष्य में किसी भी अपडेट या बदलाव की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

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बुजुर्गों के लिए कुछ खास सुझाव

बुजुर्ग पेंशनधारकों को आधार-पेंशन लिंकिंग के समय खास सावधानी रखनी चाहिए। उन्हें किसी अनजान व्यक्ति को अपना आधार नंबर या ओटीपी नहीं देना चाहिए। हमेशा सरकारी वेबसाइट, बैंक या अधिकृत CSC केंद्र से ही यह काम कराना चाहिए। अगर ऑनलाइन प्रक्रिया कठिन लगे, तो किसी विश्वसनीय व्यक्ति की मदद ले सकते हैं।अंत में कहा जा सकता है कि Aadhaar-Pension Linking एक सरल लेकिन बेहद जरूरी प्रक्रिया है। यह न केवल सरकार के लिए लाभकारी है, बल्कि पेंशनधारकों के लिए भी सुरक्षित और सुविधाजनक है। आधार से लिंक होने पर पेंशन समय पर मिलती है, फर्जीवाड़े पर रोक लगती है और डिजिटल सिस्टम मजबूत होता है। इसलिए हर पेंशनधारक को जल्द से जल्द अपने पेंशन अकाउंट को आधार से लिंक कर लेना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

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