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Mumbai musical road: टेक्नोलॉजी का कमाल! मुंबई की इस सड़क पर कार चलाते ही बजेगा सुपरहिट सॉन्ग

Mumbai musical road, कल्पना कीजिए कि आप कार चलाते हुए किसी सड़क से गुजर रही हैं और अचानक आपके पहियों की रफ्तार के साथ एक मधुर धुन बजने लगती है।

Mumbai musical road : गाड़ी की रफ्तार से बजेगा गाना, मुंबई की म्यूजिकल रोड बनी नया आकर्षण

Mumbai musical road, कल्पना कीजिए कि आप कार चलाते हुए किसी सड़क से गुजर रही हैं और अचानक आपके पहियों की रफ्तार के साथ एक मधुर धुन बजने लगती है। यह कोई रेडियो या मोबाइल प्लेलिस्ट नहीं, बल्कि खुद सड़क की बनाई हुई संगीत लहरियां हैं। मुंबई में अब ऐसा ही अनोखा अनुभव मिलने लगा है, जहां देश की पहली “म्यूजिकल रोड” तैयार की गई है। इस सड़क पर तय स्पीड में गाड़ी चलाने पर मशहूर गाना ‘जय हो’ की धुन सुनाई देती है।

क्या है म्यूजिकल रोड?

म्यूजिकल रोड ऐसी सड़क होती है, जिस पर खास तकनीक से उभरी हुई धारियां या ग्रूव्स (grooves) बनाई जाती हैं। जब वाहन एक निश्चित गति से इन धारियों के ऊपर से गुजरता है, तो टायरों के कंपन से ध्वनि पैदा होती है। इन कंपन को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि वे किसी खास धुन में बदल जाएं।मुंबई की इस सड़क पर बनाई गई ग्रूव्स से फिल्म Slumdog Millionaire के लोकप्रिय गीत Jai Ho की धुन सुनाई देती है, जिसे संगीतकार A. R. Rahman ने तैयार किया था।

कहां बनी है यह म्यूजिकल रोड?

यह खास म्यूजिकल रोड मुंबई के एक प्रमुख मार्ग पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित की गई है। इसका उद्देश्य सिर्फ लोगों को अनोखा अनुभव देना ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।इस सड़क को ऐसे हिस्से में तैयार किया गया है, जहां वाहन एक नियंत्रित स्पीड में चलें। तय रफ्तार से गाड़ी चलाने पर ही सही धुन सुनाई देती है। अगर स्पीड बहुत तेज या बहुत धीमी होगी, तो संगीत का तालमेल बिगड़ जाएगा।

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क्यों चुना गया ‘जय हो’?

‘जय हो’ सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान का प्रतीक बन चुका है। इस गीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हासिल की और इसे दुनियाभर में लोकप्रियता मिली। मुंबई जैसे शहर में, जो फिल्म और संगीत की राजधानी माना जाता है, इस गाने को चुनना एक प्रतीकात्मक कदम भी है।‘जय हो’ ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का संदेश देता है। ड्राइविंग के दौरान यह धुन सुनना लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बन सकता है।

कैसे काम करती है यह तकनीक?

म्यूजिकल रोड बनाने के लिए सड़क की सतह पर एक खास पैटर्न में उभरी हुई रेखाएं काटी जाती हैं। इन रेखाओं की दूरी और गहराई इस तरह तय की जाती है कि टायरों के गुजरने पर विशेष आवृत्ति (frequency) की ध्वनि पैदा हो।जब वाहन लगभग तय की गई स्पीड, मान लीजिए 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरता है, तो टायर और सड़क के बीच बनने वाला कंपन एक तालबद्ध धुन में बदल जाता है। यह ध्वनि कार के अंदर स्पष्ट रूप से सुनाई देती है, जबकि बाहर बहुत अधिक शोर नहीं होता।

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सड़क सुरक्षा से जुड़ा है मकसद

म्यूजिकल रोड का एक बड़ा उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। अक्सर लोग तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इस तकनीक के जरिए ड्राइवरों को एक निर्धारित स्पीड पर चलने के लिए प्रेरित किया जाता है। जब चालक सही स्पीड पर गाड़ी चलाते हैं, तभी उन्हें पूरी और सही धुन सुनाई देती है। इस तरह संगीत एक “स्पीड कंट्रोल” टूल की तरह काम करता है। अगर गाड़ी बहुत तेज चलेगी तो धुन बिगड़ जाएगी, जिससे ड्राइवर को संकेत मिलेगा कि वह निर्धारित सीमा से बाहर जा रहा है।

पर्यटकों के लिए नया आकर्षण

मुंबई पहले से ही अपने समुद्र तट, ऐतिहासिक इमारतों और फिल्मी दुनिया के लिए मशहूर है। अब म्यूजिकल रोड भी शहर का नया आकर्षण बन सकती है। पर्यटक और स्थानीय लोग इस अनोखे अनुभव के लिए खास तौर पर इस सड़क से गुजरना चाहेंगे।सोशल मीडिया के दौर में यह पहल शहर की ब्रांडिंग में भी मदद कर सकती है। लोग अपने अनुभव को वीडियो के रूप में शेयर करेंगे, जिससे मुंबई की यह खास सड़क और अधिक लोकप्रिय हो सकती है।

क्या हैं चुनौतियां?

हालांकि यह पहल रोमांचक है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं।

  • सड़क की सतह को लंबे समय तक बनाए रखना
  • भारी वाहनों से होने वाले नुकसान को रोकना
  • आसपास के इलाकों में शोर प्रदूषण को नियंत्रित करना

साथ ही, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि यह प्रयोग यातायात में किसी तरह की बाधा न बने।

भविष्य में और भी धुनें?

अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य शहरों में भी ऐसी म्यूजिकल रोड बनाई जा सकती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय या देशभक्ति गीतों की धुनें भी शामिल की जा सकती हैं। कल्पना कीजिए, अगर अलग-अलग राज्यों में वहां की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े गीत सड़क पर सुनाई दें, तो यह न सिर्फ तकनीकी नवाचार होगा बल्कि सांस्कृतिक उत्सव भी बन जाएगा। मुंबई की म्यूजिकल रोड तकनीक और रचनात्मकता का बेहतरीन उदाहरण है। यह पहल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। ड्राइविंग के दौरान ‘जय हो’ की धुन सुनना निश्चित रूप से एक खास अनुभव होगा। यह दिखाता है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके रोजमर्रा की जिंदगी को भी थोड़ा खास और यादगार बनाया जा सकता है। आने वाले समय में अगर ऐसे और प्रयोग होते हैं, तो भारत की सड़कें सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि संगीत और नवाचार का मंच भी बन सकती हैं।

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