लाइफस्टाइल

Parasocial Relationship क्या है? क्या लोग AI से बना रहे हैं भावनात्मक रिश्ता

 Parasocial relationship एक ऐसा रिश्ता है जिसमें व्यक्ति किसी सेलिब्रिटी, इन्फ्लुएंसर या AI से भावनात्मक जुड़ाव महसूस करने लगता है। जानिए इसका मतलब, असर और इससे कैसे बचें।

सोशल मीडिया और AI चैटबॉट के दौर में बढ़ रहा है ‘पैरासोशल’ रिलेशनशिप का ट्रेंड

Parasocial Relationship: डिजिटल दुनिया में अब रिश्तों की परिभाषा तेजी से बदल रही है। पहले लोग फिल्मों या टीवी सितारों से जुड़ाव महसूस करते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया और AI चैटबॉट के दौर में कई लोग तकनीक से भी भावनात्मक जुड़ाव बनाने लगे हैं। इसी तरह के एकतरफा रिश्ते को Parasocial Relationship कहा जाता है। आज कई लोग घंटों तक AI से बात करते हैं, अपने निजी विचार साझा करते हैं और कई बार उसे एक दोस्त या भरोसेमंद साथी की तरह देखने लगते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह रिश्ता वास्तव में सुरक्षित और स्वस्थ है?

Parasocial Relationship क्या होता है?

Parasocial relationship एक ऐसा भावनात्मक रिश्ता होता है जिसमें व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति या माध्यम से जुड़ाव महसूस करता है जो उसे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता। पहले यह रिश्ता टीवी कलाकारों, यूट्यूबर्स या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ देखा जाता था, लेकिन अब AI चैटबॉट भी इस सूची में शामिल हो गए हैं।यह रिश्ता एकतरफा होता है, जहां जुड़ाव सिर्फ एक व्यक्ति की ओर से होता है।

AI के साथ कैसे बन रहा है भावनात्मक जुड़ाव?

AI चैटबॉट आज पहले से ज्यादा समझदार और बातचीत में सहज हो गए हैं। वे तुरंत जवाब देते हैं, सलाह देते हैं और यूज़र की बातों को ध्यान से सुनते हुए प्रतीत होते हैं। ऐसे में कई लोग अकेलेपन या तनाव के समय AI से बात करके राहत महसूस करते हैं। धीरे-धीरे यह आदत भावनात्मक निर्भरता में बदल सकती है, जहां व्यक्ति असली लोगों से बातचीत कम और तकनीक पर अधिक भरोसा करने लगता है।

Read More: Epstein files: सोशल मीडिया पर ट्रेंड में Epstein Files, आखिर क्या है इसकी पूरी कहानी

Parasocial Relationship के क्या हो सकते हैं नुकसान?

यदि यह जुड़ाव जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए, तो व्यक्ति असली सामाजिक रिश्तों से दूर हो सकता है। इससे अकेलापन, सामाजिक दूरी और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तकनीक मददगार हो सकती है, लेकिन उसे असली रिश्तों का विकल्प नहीं बनाना चाहिए।

इससे बचने या संतुलन बनाए रखने के उपाय

  • AI को केवल एक सहायक टूल की तरह इस्तेमाल करें
  • परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं
  • सोशल इंटरैक्शन को प्राथमिकता दें
  • डिजिटल समय को सीमित रखें

निष्कर्ष

तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाती है, लेकिन भावनात्मक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। AI से बातचीत ठीक है, लेकिन असली रिश्तों और मानवीय जुड़ाव की जगह कोई तकनीक नहीं ले सकती।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Back to top button