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विदेश

रुस: संसदीय चुनाव में पुतिन की पार्टी सबसे आगे

रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी युनाइटेड रशिया और उनकी सहयोगी पार्टी ने राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में लगभग भारी मतों से जीत हासिल कर ली है। कल हुए चुनाव में रुस की सत्तारुढ पार्टी ने 51 फीसदी वोट हासिल किए हैं।

यह जीत साल 2018 में होने वाले चुनाव में मददगार साबित होगी

इस तरह की जीत ने पुतिन की पार्टी में और जोश भर दिया है। इसका फायदा उन्हें 2018 में मिलेगा। इसका इस्तेमाल यह साल 2018 में होने वाले चुनाव प्रचार में करेंगे। युनाइटेड रशिया पार्टी की स्थापना भी व्लादिमीर पुतिन ने ही की है। इतनी बड़ी जीत के बाद पुतिन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह साल 2018 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अपने दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ेंगे कि नहीं? जीत की स्पष्टता से पहले ही पुतिन ने कहा है “हम निश्चित तौर पर यह कह सकते हैं कि पार्टी ने अच्छे परिमाण हासिल किए है। वह जीत गई है।”

vladimir-putin

व्लादिमीर पुतिन

पहले नंबर पर रही पुतिन की पार्टी

कल हुए चुनाव में आंकडों के लिहाज से रुस की जानी मानी नेशनल पार्टियों में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रशिया ने 15.1 फीसदी वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर हैं, कम्युनिस्ट पार्टी 14.9 फीसदी वोट के साथ तीसरे स्थान पर और रसिया पार्टी 6.4 फीसदी वोट के साथ चौथे स्थान पर है।

क्रीमिया में पहली बार हुआ संसदीय चुनाव

क्रीमिया का रुस में शामिल होने बाद यह उसका पहला संसदीय चुनाव था। साल 2014 में रुस ने यूक्रेन से क्रीमिया को अलग कर अपने में शामिल कर उसे अपना हिस्सा बना लिया था। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर इसकी कड़ी निंदा हुई थी।

कल हुए चुनाव ड्यूमा में 450 सांसदों को पांच साल के लिए चुना जाएगा। पांच साल पहले हुए ड्यूमा में चुनाव के दौरान धांधली हुई थी। जिसको लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था।

रुस के 80 फीसदी लोगों के पसंद है पुतिन

अपने खड़े रुख के लिए विश्व प्रसिद्ध रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की लोकप्रियता का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2014 में रुस ने यूक्रेन के क्रीमिया को अपने में शामिल कर लिया था। सीरिया में सैन्य अभियान चलाया था। जिसके बावजूद भी पुतिन की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है, लगभग रुस की 80 फीसदी आबादी उसे आज भी  प्रिय नेता मानती है।

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