Categories
बिना श्रेणी

कोच्चि में मेट्रो का शुभारंभ, पीएम ने दिखाई हरी झंडी और की पहली यात्रा

वैंकेया नायडू भी साथ में


मेट्रो रेल की कड़ी में एक और शहर जुड़ गया है। आज से केरल के कोच्चि शहर में मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर मेट्रो का उद्धाटन किया। यह देश का पहला एकीकृत मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट का दावा किए जानेवाले करने वाली मेट्रो है।

कोच्चि में मेट्रो

ट्रैफिक में आएंगी कमी

कोच्चि केरल का व्यावसायिक केंद्र है। इस मेट्रो को चालू होने से शहर के ट्रैफिक में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेट्रो का पहला चरण अलुवा और पलारीवोम के बीच 113 किलोमीटर लंबा मार्ग हैं। कोच्चि मेट्रो का उद्धाटन सुबह 11 बजे जवाहरलाल नेहरु अंतराष्ट्रीय स्टेडियम से हुआ।

केरल में मुख्यमंत्री भी आएं पहली यात्रा में

मेट्रो का उद्धाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें सफऱ भी किया। मेट्रो को पहले सफर मे मोदी के साथ केंद्रीय शहरी व विकास मंत्री वेंकैया नायडू भी मौजूद थे।

वहीं उद्धाटन के दौरान केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू के अलावा, केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, एरनाकुलम के सांसद के वी थॉमस और मेट्रो मैन ई श्रीधरन प्रधानमंत्री के साथ मंच पर रहे।

कोच्चि मेट्रो को अधिकारियों ने बताया कि कोच्चि में विश्व स्तरीय मेट्रो प्रणाली से ग्रेटर कोच्चि मे क्षेत्रीय संपर्क में सुधार होने से जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा और इससे भीड़भाड़, यातायात अव्यवस्था, आने-जाने में लगने वाले समय, वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी।

2013 में शुरु हुआ था निर्माण कार्य

आपको बता दें यह कोच्चि मेट्रो का पहला फेज है। जो 13.2 किलोमीटर तक फैली है। आगे इस 25 किलोमीटर तक बढ़ाया जाना है। इसका निर्माण कार्य साल 2103 में शुरु हुआ था। इस परियोजना के लिए कुल 5,180 करोड़ रुपए खर्च का अनुमाना लगाया गया है।

अभी फिलहाल 13 किलोमीटर के दायरे में 11 स्टेशन है। आगे 25 किलोमीटर में दायरे में 22 स्टेशन होंगे।

इससे पहले देश में कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, जयपुर, बेंगलूरु में मेट्रो की चलती है। मेट्रो देश में साल 1984 में प्रारम्भ हुई थी। पहली मेट्रो कोलकाता में चली थी।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in

Categories
भारत

सरकार ने जारी की स्वच्छ भारत सर्वेक्षण की लिस्ट मैसूर है पांचवे स्थान पर, जानें कौन है पहला

मध्यप्रदेश के दो बड़े शहर पहले और दूसरे नंबर पर


 

प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत योजना के बाद से पूरे देश में सफाई को लेकर लोगों का नजरिया बदल गया है। अपने-अपने राज्य को स्वच्छ बनाने के लिए राज्य सरकार तरह-तरह के कदम उठाती है।

देश की सफाई के मद्देनजर आज केंद्रीय शहरी और विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार का ऐलान किया।

इंदौर पहले स्थान पर

पिछले साल के मुकाबले इस साल बहुत बड़ा उल्ट फेर हुआ है। इस साल मध्यप्रदेश के इंदौर को पहला स्थान हासिल हुआ है। वहीं दूसरा स्थान पर भी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल है।  जबकि तीसरे नंबर पर विशाखापट्टनम है। देश की राजधानी सातवें स्थान पर है। वहीं पिछले साल पहले स्थान पर रहने वाले मैसूर इस बार पांचवे नंबर पर खिसक गया है।

शहरी एवं विकास मंत्री वैंकेया नायडू


 

टॉप 50 में सबसे ज्यादा गुजरात के 12 शहर हैं।  इसके साथ ही मध्यप्रदेश के 11, तमिलनाडू के 4 और महाराष्ट्र के 3 शहर शामिल है। दिल्ली की एक ही नगर निगम इस लिस्ट में शामिल है। बाकी की तीन तो टॉप 100 में भी शामिल नहीं हो पाई। गुजरात और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में स्वच्छता में काफी सुधार हुआ है।

यूपी का गोंडा सबसे पीछे

साथ ही बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के तो लगता किसी भी शहर में सफाई नही है। यहां कोई भी शहर टॉप 50 में भी शामिल नहीं हो पाया।

यह सर्वेक्षण देश के 434 शहरों में किया गया था। जिसमें सबसे पीछे यूपी का गोंडा शहर है। 433 नंबर पर महाराष्ट्र का भुसावल शहर है। उसके बाद बिहार का बगहा, उत्तरप्रदेश का हरदोई, बिहार का कटिहार, यूपी का बहराइच, पंजाब का मुक्तसर, अबोहर, यूपी का शाहजहांपुर और खुर्जा है।

इन मापदंडों हुआ सर्वेक्षण

सर्वे वेस्ट मैनेजमेंट,गली मोहल्लों की सफाई, सार्वजनिक शौचायलों में सफाई, अस्पतालों में सफाई, शहर के अंदर सफाई के जागरुकता अभियान, ओडीएफ, कचरा निष्पादन, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, स्वच्छ पेयजल।

Categories
पॉलिटिक्स भारतीये पॉलिटिक्स

विपक्षी दल हार को सम्मान के साथ स्वीकर करें- केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू

केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा विपक्षी दल हार को सम्मान के साथ स्वीकर करें


पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से ईवीएम मशीन पर सवाल या निशाना लगाएं जा रहे है। पंजाब में केजरीवाल की हार और यूपी में मायावती की हार ने ईवीएम पर सवाल खड़ा कर दिया है। ईवीएम पर बार-बार उठते सवालों के बीच आज केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू में जवाब दिया है।

वैंकेया नायडू

ईवीएम पर सवाल न उठाए

आज लोकसभा के बाहर नायडू ने कहा कि विपक्षी दल हार को सम्मान के साथ स्वीकार करें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां तक ईवीएम में छेड़छाड़ की बात है तो विपक्षी दलों को यह नहीं भूलना चाहिए कि जब परिणाम उनके पक्ष मे आते है तो वही ईवीएम सही हो जाते है। वहीं, जब परिणाम विरोध में आते हैं तो ईवीएम में कमियां नजर आने लगती है। यह दोहरा व्यवहार किसी के लिए भी शोभा नहीं देता।

इससे पहले आज ईवीएम पर सवालों उठाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्रकार वार्ता कर एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के वोट अकाली दल गठबंधन और कांग्रेस को ट्रांसफर किए गए। केजरीवाल में बुधवार को आरोप लगाया कि आप को पंजाब से बाहर रखने के लिए ईवीएम में छेड़छाड़ की गई।

ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हे केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और अकालिओं के गठबंधन को 30 फीसदी वोट कैसे मिल गए।

काला दिवस मनाएंगी मायावती

वहीं मायावती ने यूपी मे कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या की जीत है। मोदी 325 सीटें जीते लेकिन उनके चेहरे पर रौनक नजर नहीं आ रही है। जिस भाजपा ने मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारे उसे मुस्लिम इलाको से इतने वोट कैसे मिले।

मायावती ने कहा कि अप्रैल की 11 तारीख को काला दिवस मनाएंगी और इस मामले को अदालत तक लेकर जाएंगी।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Categories
भारत

NDTV इंडिया पर लगे एक दिन के बैन का आदेश स्‍थगित

NDTV इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका


सुप्रीम कोर्ट NDTV इंडिया पर लगे बैन पर स्‍टे संबंधी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया था।

आदेश स्थगित किया

भारत का समाचार चैनल NDTV इंडिया पर लगा एक दिन के बैन के आदेश को चारों तरफ आलोचना के बाद सूचना और  प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने स्थगित कर दिया है। वेंकैया नायडु का यह  फैसला तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चैनल पर लगे बैन पर स्‍टे संबंधी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया था। दरअसल, एनडीटीवी ने बैन के खिलाफ सोमवार यानि कल सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

सूचना और  प्रसारण मंत्रालय ने यह आदेश इस साल जनवरी में पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हुए आतंकी हमले की कवरेज के दौरान संवेदनशील जानकारियां देने के आरोप में लगाया था। मंत्रालय ने  NDTV इंडिया को 9 नवंबर की आधी रात से 10 नवंबर की आधी रात तक प्रसारण बंद करने का आदेश दिया था।

NDTV इंडिया

यहाँ पढ़ें : एनडीटीवी पर लगे प्रतिबंध की सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

साक्ष्य पेश करने का उपयुक्त मौका नहीं दिया

इस आदेश के संबंध में सोमवार यानी कल  दोपहर एनडीटीवी के प्रतिनिधियों ने सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात की थी। एनडीटीवी ने अपना पक्ष रखते हुए, यह बात कही  थी, कि एनडीटीवी इंडिया ने इस साल जनवरी में पठानकोट के एयरफोर्स बेस पर हमले के संबंध में संवेदनशील ब्यौरे का प्रसारण नहीं किया है। साथ ही यह भी कहा, कि चैनल को अपनी तरफ से साक्ष्य पेश करने का उपयुक्त मौका नहीं दिया गया है। उसके बाद  सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केस की समीक्षा तक बैन को स्थगित करने का आदेश पारित किया।

आप को बता दें, एनडीटीवी इंडिया पर लगे प्रतिबंध की सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रिया दिखने को मिली। भारत के कई पत्रकारों ने  इस बैन पर अपना विरोध जताते हुए एनडीटीवी का सहयोग किया। वहीं दूसरी तरफ कुछ पत्रकारों  से बैन का स्वागत भी किया। कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीटीवी पर लगे बैन का विरोध जताया था और मोदी सरकार पर हमला बोला था।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Categories
भारत

वैंकेया नायडू बोले एनडीटीवी पर कार्यवाही देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए

एनडीटीवी पर लगे प्रतिबंध की सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया


एनडीटीवी पर वैंकेया नायडू का बयान

एनडीटीवी इंडिया पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय के द्वारा एक दिन के लिए लगे गए बैन को न्यायसंगत बताते हुए केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने यह कहा है,  कि यह कदम राष्ट्र की सुरक्षा के देखते हुए उठाया गया है। सूचना और प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने शनिवार यानि आज सुबह अपने दिए एक बयान में यह कहा है, कि एक टीवी चैनल को एक दिन के लिए बंद करने की कार्यवाही देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया गया है।

प्रतिबंध की वजह

भारत सरकार ने हिंदी न्यूज चैनल ‘NDTV इंडिया’ को एक दिन के लिए ऑफ़ एयर करने का आदेश जारी किया है। भारत सरकार ने हिंदी न्यूज चैनल ‘NDTV’ पर प्रतिबंध पठानकोट हमलों की कवरेज के दौरान संवेदनशील जानकारियां देने के आरोप में लगाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के आदेश से ‘NDTV इंडिया’ का 8-9 नवंबर की आधी रात से 9-10 नवंबर की आधी रात तक प्रसारण बंद रहेगा ।

एनडीटीवी

एडिटर्स गिल्ड ने की आदेश की निन्दा

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने NDTV इंडिया पर ले प्रतिबंध और  एक दिन के लिए प्रसारण रोकने के आदेश की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है, कि भारत सरकार के इस कदम से आपातकाल के दिनों की याद ताजा हो गई है। यह समाचार माध्यमों पर कड़ी सेंसरशिप लगाने के समान है।

एनडीटीवी का बयान

इस पूरे मामले में एनडीटीवी बयान जारी करके कहा है, कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय का आदेश बेहद ही चौंकाने वाला है। हर समाचार चैनल और अख़बार की कवरेज समान थी। NDTV की कवरेज संतुलित थी। साथ ही कहा, कि इस संबंध में एनडीटीवी सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है।

आप को बता दें, एनडीटीवी पर लगे प्रतिबंध की सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दिखने को मिल रही है। भारत के कई पत्रकारों ने इस प्रतिबंध पर अपना विरोध जताया है तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने एनडीटीवी पर लगे प्रतिबंध का स्वागत भी किया है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in