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जानें स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस

जानें राष्ट्रीय युवा दिवस के इतिहास के बारे में


हर साल12 जनवरी को पूरे उत्साह और खुशी के साथ राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है.  राष्ट्रीय युवा दिवस के दिन ही स्वामी विवेकानन्द जी का जन्मदिन होता है. उनकी यादगार में ही राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है. 1984 में भारत सरकार द्वारा स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिन पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने की घोषणा की गयी थी. तब से लेकर पूरे भारत में स्वामी विवेकानन्द जी का जन्म राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस साल भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस या फिर ये कहे स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस 12 जनवरी 2021, मंगलवार के दिन मनाया जा रहा है.

 

राष्ट्रीय युवा दिवस पर जाने स्वामी विवेकानंद से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बाते

1. स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता के कायस्‍थ परिवार में हुआ था.  स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था. उनके पिता व‍िश्‍वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील थे.

 

2. स्वामी विवेकानंद 1871 में आठ साल की उम्र में पहली बार स्कूल गए. 1879 में स्वामी विवेकानंद ने प्रेसीडेंसी कॉलेज की प्रवेश परीक्षा में पहला स्‍थान हासिल किया था.

 

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3. स्वामी विवेकानंद ने महज 25 साल की उम्र में घर-बार छोड़कर सन्यासी बन गए थे.  संन्यास लेने के बाद इनका नाम विवेकानंद पड़ा. रामकृष्‍ण परमहंस से स्वामी विवेकानंद की मुलाकात 1881 कलकत्ता के दक्षिणेश्वर के काली मंदिर में हुई थी.

 

4. स्वामी विवेकानन्द जब भी किसी से मिलते थे तो वो सभी से सिर्फ एक ही सवाल करते है स्वामी विवेकानन्द जब रामकृष्‍ण परमहंस से मिले तो उन्होंने रामकृष्‍ण से भी वही सवाल किया ‘क्या आपने भगवान को देखा है?’ जिसका जवाब देते हुए रामकृष्‍ण परमहंस ने कहा “हां मैंने देखा है, मैं भगवान को उतना ही साफ देख रहा हूं जितना कि तुम्हें देख सकता हूं. बस फर्क सिर्फ इतना है कि मैं उन्हें तुमसे ज्यादा गहराई से महसूस कर सकता हूं।”

 

5. 1 मई 1897 को स्वामी विवेकानंद ने कलकत्ता में रामकृष्ण मिशन और 9 दिसंबर 1898 को गंगा नदी के किनारे बेलूर में रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी. क्या आपको पता है स्वामी विवेकानंद को दमा और शुगर की बीमारी थी और उन्होंने कहा था कि ये बीमारी उन्हें 40 साल से ज्यादा नहीं जीने देते. जिसके बाद स्वामी विवेकानंद ने महज 39 साल की उम्र में 4 जुलाई 1902 दुनिया को अलविदा कह दिया.

 

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#RememberingSwamiVivekanand: स्‍वामी विवेकानंद  के 10 विचार जो आपकी ज़िन्दगी को देंगे सही दिशा

आज है स्‍वामी विवेकानंद की पुण्‍यतिथि : जाने उनसे जुडी कुछ अहम बातें


 स्‍वामी विवेकानंद ने हेमशा से ही शिक्षा और समाज की  भलाई के लिए अपना योगदान दिया है. आज स्‍वामी विवेकानंद की पुण्‍यतिथि  है.4  जुलाई  1902 को स्वामी विवेकानंद ने  बेलूर स्थित रामकृष्‍ण मठ में ध्‍यान मग्‍न अवस्‍था के दौरान ही  महासमाध‍ि धारण कर प्राण त्‍याग द‍िए थे. आज  उनकी पुण्‍यतिथि पर हम  आपको बताने जा रहे है उनके 10 विचार जो दे सकते है आपकी ज़िन्दगी को सही दिशा

यह है स्‍वामी विवेकानंद  के 10 विचार जो हमें  करते है प्रेरित

1.  उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाये.

2.  तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता . तुमको सब कुछ खुद  सीखना हैं. आत्मा से             अच्छा कोई शिक्षक नही हैं.

3. खुद को कभी कमजोर  मत समझो

4. ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं.वो हम ही हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि      कितना अंधकार हैं

5. “जब तक जीना, तब तक सीखना” – अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं.

6.  हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिये कि आप क्या सोचते हैं.

7. कभी किसी की निंदा ना करें. अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढाएं.  अगर नहीं बढ़ा सकते,        तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये और उन्हें उनके मार्ग पर  जाने दीजिये.

8. सच्ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्य यह है- जो बदले में कभी किसी से कुछ नहीं मांगता.

9. जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो. सोचो, तुम्हारे झूठे अहंकार को बाहर निकालकर वो तुम्हारी             कितनी मदद कर रहे हैं.

10. हम जो बोते हैं वो काटते है.हम स्वयं ही  अपने भाग्य के निर्माता हैं.

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