Categories
लेटेस्ट

भारत के इस छोटे शहर में पानी के भीतर चलेगी ट्रेन, रेलवे की ख़ास परियोजना

भारत के किस शहर मे चलेंगी पानी के अंदर ट्रैन ?


कई देशों के मुकाबले तकनीकी रूप से भारत अभी भी बहुत पीछे है और भारत में तकनीकी विकास को बढ़ाने के लिए अब कोलकाता रेलवे कोलकाता के हुगली नदी में अंडरवाटर मेट्रो की परियोजना शुरू करने वाली है। जी हाँ, आप भी पानी के भीतर चलने वाली ख़ास मेट्रो ट्रेन का अभूत अनुभव उठा सकेंगे। चलिए इसके बारे में थोड़ा ज्यादा जानते हैं।

इतनी तेजी से चलेगी मेट्रो

मेट्रो का विकास शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मेट्रो रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण रूप से संपन्न हो गया है। यह मेट्रो पानी के भीतर बनाए गए एक पारदर्शी टनल के अंदर चलेगी। पानी के भीतर चलने वाली इस मेट्रो की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहेगी। कुछ ही दिनों में उठा सकेंगे लुफ्त पता चला है कि कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने इस टनल और ट्रेन की जांच पूरी कर ली है और उसे सुरक्षित भी बताया है। इस ट्रैक की दूरी लगभग ५ किलोमीटर की ही है। जल्द ही यहाँ पर ट्रेन दौड़ने की मंजूरी मिलेगी और आम जनता भी इस ट्रेन में सफ़र कर अंडरवाटर ट्रेन का लुफ्त आसानी से उठा सकेंगे। इस सफ़र में कोई भी खतरा नहीं होगा क्योंकि, इसका निर्माण अच्छे इंजीनियर की निगरानी में किया जा रहा है जो पूरी तरह से सुरक्षित होगा।

Read more: चंद्रयान- 2 की लॉन्चिंग में आई बाँधा, जाने क्या है बड़ी वजह ?

कोलकाता में दौड़ेगी यह ट्रेन

यह ट्रेन भारत में अंडरवाटर चलने वाली पहली ट्रेन है। यह ट्रेन कोलकाता में पानी के नीचे बनाए गए टनल ट्रैक के ऊपर चलेगी।
विश्व की सर्वोत्तम तकनीक वाली होगी यह ट्रेन रेलमंत्री पियूष गोयल के बयान के अनुसार भारत में यह ट्रेन ऐसी पहली ट्रेन है जो पानी के भीतर दौड़ेगी जिसका निर्माण कोलकाता मेट्रो ने कराया है। यह ट्रेन पानी के भीतर 5 किलोमीटर की सफ़र तय करने के बाद आम मेट्रो ट्रैक पर दौड़ना शुरू करेगी। पियूष बताते हैं कि ट्रैक और टनल का निर्माण करने के लिए विश्क की सर्वोत्तम तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इस बात से यह सुनिश्चित हो जाता है कि इस टनल के भीतर रेल की सवारी करने से किसी भी तरह का खतरा नहीं है। क्योंकि, इसका निर्माण सर्वोत्तम तकनीक का प्रयोग कर बड़ी कड़ी निगरानी के साथ किया गया है।

2021 तक शुरू कर दिया जाएगा

इस ट्रेन को दौडाने की परियोजना का कार्य 2009 से ही कार्यरत है। रेलवे कर्मचारी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यह कहा जा रहा है कि 2021 तक यहाँ पर ट्रेन चलने लगेगी और आम जनता उसमे सफर कर सकेगी। इस ट्रैक से नियमित रूप से लगभग 10 लाख जनता रोज सफर करेगी।

हुगली नदी के नीचे चलेगी ट्रेन

ट्रैक का निर्माण कोलकाता के हुगली नदी पर किया गया है जिसे तैयार करने में कुल 5000 करोड़ की लागत लगी है। कोलकाता भी विश्व के उन देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जहां अंडरवाटर ट्रेन चलती है।लंदन, न्यूयार्क, सैन फ्रांसिस्को, सिंगापुर और हांगकांग जैसे विश्व के कई बड़े शहर अंडरवाटर ट्रैक के लिए प्रसिद्ध हैं।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.com

Categories
धार्मिक

जाने देश में उत्तर से दक्षिण तक कैसा मनाई जाती है विजयदशमी

 

सभी जगह राम भगवान की पूजा नहीं  होती है


 

आज  पूरे देश में अच्छाई की बुराई की जीत को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जायेगा। देश के हर कोने में विजयदशमी का त्यौहार  बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।

देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे मानने का तरीका भी अलग-अलग है।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में विजय के इस दिन के साथ एक दुख भी होता है। क्योंकि मां की विदाई होती है। इस दौरान शादीशुदा महिला एक दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशी जाहिर करती है। और इस विजय दिवस को मनाती है। जिसके बाद माता की विदाई की जाती है।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में भी नौ दिन तक माता की पूजा अराधना की जाती है। लेकिन 10वें दिन यहां ज्ञान की देवी सरस्वती की वंदना की जाती है। इस दिन स्कूल जाने वाले बच्चे अपनी पढ़ाई मे देवी का आर्शीवाद पाने के लिए मां सरस्वती के तांत्रिक चिंहों की पूजा करते हैं।

पूरे देश में धूमधाम के साथ दशहरा मनाया जा रहा है

बस्तर

बस्तर आम तौर पर नक्सली प्रभावित इलाका होने के लिेये जाना जाता है। लेकिन आज हम आपको बताते है यहां विजयदशमी कैसे मनाई जाती है। यहां राम की रावण पर विजय को नहीं माना जाता है ब्लकि यहां के लोग विजयदशमी को मां दंतेश्वरी की अराधना को समर्पित एक पर्व के रुप में मनाते हैं। दंतेश्वरी माता बस्तर के लोगों की आराध्य देवी हैं जो मां दुर्गा का ही रुप हैं और यहां यह पर्व पूरे 75 दिन तक चलता है। इस त्यौहार की शुरुआत श्रावण मास के अमावस्या से होती है और इसका समापन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को ओहाडी पर्व से होता है।

कुल्लू

ठंडी वादियो में बसा कुल्लू। कुल्लू की विजयदशमी भी आमतौर के विजय दिवस से अलग है। इस दौरान यहां राम की पूजा नही की जाती है। ब्लकि यहां तो यहां के ग्रामीण देवता की पूजा होती है। ग्रामीण देवता के तौर  पर मुख्य देवता भगवान रघुनाथ जी की पूजा करते हैं। साथ ही सज धजकर ढोल नगाड़ों पर नाचते हैं।

मैसूर

विजयदशमी के दिन पूरे शहर को लाइटों से सजाया जाता है। फिर हाथियों का श्रृंगार कर पूरे शहर में भव्य जूलुस निकाला जाता है

 

 

Categories
पॉलिटिक्स भारतीये पॉलिटिक्स

मिशन 2019- बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपने 95 दिनों की देशव्यापी यात्रा के दौरान आज जम्मू रवाना

साल 2014 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी की भरी बहुमत की जीत के बाद अब बीजेपी ने 2019 के लिए भी मिशन तैयार करना शुरु कर दिया है।

पिछली बार हारी हुई 120 सीटों पर विशेष ध्यान

पार्टी की स्थिति को और मजबूत करने के लिए शाह 95 दिनों का देशव्यापी दौरे करेंगे। इसी क्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर बीजेपी की कड़ी को मौजूद करेंगे। इन 95 दिनों में शाह लोकसभा चुनाव जीतने की रणनीति को बनाएंगे।

अमित शाह

इसके साथ ही उन 120 सीटें पर ध्यान केंद्रित करेंगे। जिनमें साल 2014 में बीजेपी की हार हुई थी।

जम्मू में दो दिन का दौरा

मिशन 2019 को सफल बनाने के शाह ने लेफ्ट का गढ़ माने जाने बंगाल के नक्सलबाड़ी में दौरा किया। आज से वह जम्मू में दो दिन के दौरे पर जा रहे हैं।

जम्मू दौरे से एक दिन पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वह चुनावी महत्व के हिसाब से एक से तीन दिनों तक राज्यों में समय बिताएंगे। राज्यों को चुनावी महत्व के हिसाब से तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उन्होंने कहा साल 2014 में हम जिन स्थानों पर हारे है वही 120 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

साथ ही कहा कि मेरे दौरे में हमारे संगठन की शक्ति का जायजा लेने पर ध्यान केंद्रित होगा और पूरे देश में विचारधारा और चुनावी अपील के विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा।

600 फुसटाइमर्स की टीम तैयार

राज्यों के दौरे के अलावा शाह ने आगामी चुनाव के लिए 600 फुलटाइर्मस की टीम तैयार की है, जो साल 2019 में पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने का काम करेगी।

साल 2019 की जीत के लिए शाह ने पांच राज्यों को खासतौर पर चिन्हित किया है। जहां वह बूथ स्तर पर मैनेजमेंट का काम देखेंगे। ये पांच राज्य है गुजरात, ओडिशा, तेलंगाना लक्ष्यद्वीप और पश्चिम बंगाल है। इन पांचों राज्यों में शाह 15 दिन का समय बिताएंगे और बूथ स्तर की तैयारी का जायजा लेगें।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in