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लाइफस्टाइल

कैसे खुद को इंटरव्यू के दौरान बनाये Likeable’?

 इंटरव्यू के दौरान Likeable’ बनने के लिए करे 4 काम


ज्यादातर लोगों के साथ ऐसा होता है कि वो इंटरव्यू देने जाते है और  इंटरव्यू अच्छा भी निकलता है लेकिन बाद में उस कम्पनी से उन्हें कोई जवाब नहीं मिलता । आज कम्पनीयो से कोई जवाब न आना एक आम बात हो गयी है। आपको यह चीज बुरी लगती है की आखिर हायरिंग मैनेजर ने दूसरे कैंडिडेट को अपनी कम्पनी में  क्यों रखा और आपको क्यों नहीं ? जबकि आपने भी इंटरव्यू अच्छा दिया था।

आज कम्पनी कल्चर  एक वर्कप्लेस का सबसे हॉट टॉपिक बन चुका है। कई ऐसी कंपनियां  है जो आपसे इंटरव्यू के दौरान ऐसे सवाल भी करती है कि  क्या आप कल्चर  फिट है ? लेकिन आप इस सवाल का जवाब देने में घूम जाते है। कम्पनी कल्चर का मतलब होता है कम्पनी की संस्कृति एक कंपनी का व्यक्तित्व। यह उस एनवायरनमेंट को परिभाषित करता है जिस कम्पनी में लोग काम करते हैं। कम्पनी के कल्चर में कई सारी चीजे है जिसमें कार्य वातावरण, कंपनी मिशन, वैल्यू ,एथिक्स ,एक्सपेक्टेशंस और लक्ष्य। इसलिए आज हम आपको बताएँगे की कैसे आप खुद को इंटरव्यू के दौरान ‘likeable’ बना सकते है।

इंटरव्यू पर जाने से पहले करले यह जरुरी काम

1. कनेक्शन निकाले

जिस कम्पनी में आप इंटरव्यू  देने जा रहे हैं उस कंपनी और हायरिंग मैनेजर के साथ कनेक्शन बिल्ट करने की कोशिश करे जो आपके इंटरव्यू पर पॉजिटिव इम्पैक्ट डालता है । यदि आपको अपने हायरिंग मैनेजर के नाम पहले से पता है तो उसके बारे में ऑनलाइन जाकर उनके बारे में पता करे की क्या कोई समानताएं है आपके और उनके बीच ।क्या अपने इससे पहले किसी कम्पनी , शहर या किसी रोल में एक साथ काम किया है? क्या अपने एक कॉलेज से पढ़ाई  की है? अगर कोई इनमे से कही भी कनेक्शन निकलता है तो इंटरव्यू  में आप उसे बातों-  बातों  में बता सकते है जो इंटरव्यू को थोड़ा फैमिलियर बना सकता है।

2. अपनी बॉडी लैंग्वेज को लेकर सचेत रहे

आप जब किसी से पहली बार मिलते है तो ज्यादातर आप क्या करते है स्माइल करते है, बातों को सुन कर सिर हिलाते है। जो लोग इंट्रोवर्ट होते है उन्हें पहली  मीटिंग में जानना आसान नहीं है। उसी तरह आप जब इंटरव्यू के लिए जाते है  तो आप हायरिंग  मैनेजर के सामने बैठते है जहा आपको लगता है कि   हॉट सीट पर बैठे है जहा आपसे कई सवाल जवाब किये जायेंगे बस आप नर्वस हो जाते है लेकिन नर्वस नहीं होना है।  इंटरव्यू में जाने से पहले यह पहले अपने बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना होगा की बैठते समय पोस्चर कैसा होना चाहिए और एक्सप्रेशन।

और पढ़ें: फेस्टिव सीजन मे ग्लैमरस लुक पाने के लिए अपनाये ये 4 टिप्स

3. सामने वाले की बातों को ध्यान से सुने

सुनना बहुत जरुरी स्किल है जो आप में होना बेहद जरुरी है। अक्सर ऐसा होता की इंटरव्यू  में इस चीज को भूल जाते है। आप इंटरव्यू के दौरान उनके सवाल अच्छे से सुनते  नहीं है फिर आप जवाब में भी बहुत कह जाते है जिसकी जरूरत भी नहीं होती है फिर  क्या आप  हायरिंग  मैनेजर को यह ग्रीन सिग्नल दे देते है की आप हायरिंग  के लिए सही कैंडिडेट नहीं है। इसलिए जरुरी है की आप ध्यान से सुने की आपसे सवाल क्या किया गया है और उस उतना ही जवाब दे।

4. हमेशा  खुद को पॉजिटिव रखें

अपने पोजीशन  और प्रोजेक्ट्स को लेकर  कभी नेगेटिव  न रहे  और न कहे। क्योंकि ऐसा होता है की आपसे हायरिंग मैनेजर पिछली भूमिकाओं में चुनौतियों  और किसी भी कम्पनी  में आपके काम के अनुभव के बारे में सीधे पूछ सकते हैं। ऐसा अक्सर होता है की लोग अपने पिछली  कम्पनी  का फीडबैक नेगेटिव देते है जो की गलत है। क्योंकि  हर जगह से आप कुछ न सीखते ही है। इंटरव्यू के दौरान अक्सर हायरिंग मैनेजर यह चेक करते है की क्या आप कम्पनी के  लिए फिट है. क्या आप कम्पनी  को लेकर सही फैसला  लेने में सफल  है वो तभी होगा जब आप खुद को पॉजिटिव रखेंगे।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

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पॉलिटिक्स

इस एक्टर ने लिया पीएम मोदी का इंटरव्यू

दोनों ही करते है  अपनी माँ से बेहद प्यार


एक राजनीति के खिलाड़ी है तो दूसरे बॉलीवुड के जो आज सभी के  दिलो  पर  राज  कर  रहे  है  जी हाँ , हम  बात  कर रहे  है देश  के पीएम  नरेंद्र  मोदी  की और बी  टाउन के खिलाड़ी अक्षय कुमार की. वैसे तो अक्षय कुमार हमेशा जनता की मदद  के लिए आगे रहते है  जिसके चलते  आज उनका नाम A-लिस्टर्स सितारों में शामिल है .वह जितने अच्छे  एक्टर है उतने ही अच्छे इंसान भी है. वही  अगर बात करे पीएम  मोदी  की  तो  हर गली में पीएम मोदी  सबके दिलो में बस्ते है. लोगो के दिलो पर राज करने वाले अगर यह दोनों ही खिलाड़ी  एक दूसरे  के सामने तो क्या होगा ?

आपको बता दे  की अभी हाल ही में बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार ने देश के पीएम नरेंद्र  मोदी का इंटरव्यू लिया है. किसी पॉलिटिशियन का इंटरव्यू  लेने वाले अक्षय कुमार पहले  एक्टर  बन चुके है जिन्हे यह मौका मिला है.

दोनों में यह है बात सबसे ज्यादा कॉमन

अक्षय कुमार और पीएम मोदी के बीच यह इंटरव्यू एक नॉन पॉलिटिकल बातचीत की तरह रही. दोनों नै  एक दूसरे के साथ  अपनी जिंदगी  के सभी सफर का एक्सपीरियंस  शेयर किया जिसमे अक्षय ने कहा  की ”आप चाय बेचते थे मैं वेटर था. दोनों का कोई गॉडफादर नहीं रहा है. दोनों ने अपनी मंजिल अपने दम पर बनाई है.”  दोनों में ज्यादातर बात कॉमन रही. दोनों को ही अपनी माँ से बेहद प्यार है साथ ही दोनों ने इस इंटरव्यू में काफी मस्ती भी की  और एक दूसरे  को चुटकुले भी सुनाए

यहाँ  भी पढ़े: क्रिकेट के भगवान यूँ ही नहीं कहे जाते सचिन तेंदुलकर 

पीएम नरेंद्र  मोदी  के साथ  यह  इंटरव्यू  अक्षय  की जिंदगी  में बड़ी उपलब्धि  बन  चुकी  है जिन्हें वह कभी नहीं भूल सकते. अक्षय कुमार  को सिर्फ फिल्मो में आपने  मार  पिट  करते  देखा होगा  लेकिन असल जिंदगी में भी अक्षय कुमार अपने  देश  से बेहद प्यार करते है  वह देश के जवानो के लिए भी काम करते रहते हैं  जिसके लिए उन्होंने एक पहल  की जिसमे उनकी टीम जवानो  के लिए फंड  इकट्ठा करती है.

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सामाजिक सुझाव

ये 6 सवाल कर सकते है आपको इंटरव्यू से बाहर

ये 6 सवाल कर सकते है आपको इंटरव्यू से बाहर


  • मेरा प्रमोशन कब होगा:
  • सवाल जरूर पूछे-
  • कंपनी से मिलने वाले फायदे या नुक्सान के बारे में न पूछे:
  • छुट्टी कौन से दिन मिलती है:
  • इंटरव्यू कैसा रहा ये न पूछे
  • कभी भी सैलरी के बारे में न पूछे
इंटरव्यू

फ्यूचर में किसी भी जॉब को पाने के लिये सबसे जरुरी होता है इंटरव्यू। विस्तार से बोले तो आज के समय में किसी भी जॉब के लिए इंटरव्यू बहुत अहमियत रखता है| कभी भी इंटरव्यू के दौरान हमें अपनी बॉडी लैंग्वेजऔर आपके बोलने का तरीका और आपकी हर एक चीज़ बहुत मायने रखती है क्यूंकि ये सब चीजें आपके बारे मे बहुत कुछ बताती है| हमेशा इंटरव्यू में बोलना जरुरी होता है क्यूंकि अगर आप बोलेंगे नहीं तो इंटरव्यूअर को ये लगेगा की आप उसमे इंट्रेस्टेड नहीं हैं |आज हम आपकी बताने जा रहे है वो 6 सवाल जो कर सकते है आपको इंटरव्यू से बाहर|

इंटरव्यूअर इंटरव्यू के दौरान आपसे सवाल पूछने के लिए कहते है| गलत सवाल पूछे जाने पर आपकी इमेज गलत बन सकती है और जिसका आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है |

ये कुछ गलत सवाल कर सकते है आपको इंटरव्यू बाहर-

· मेरा प्रमोशन कब होगा?

प्रमोशन के बारे में सोचना गलत नहीं होता लेकिन आप ऐसे कुछ सवालो को कुछ इस तरीके से पूछे की आपको आपके सवालो का जवाब भी मिल जाये और आपके इंटरव्यू पर इसका गलत असर भी न हो | क्यूंकि कोई भी इंटरव्यूअर इस तरह के सवालो का जवाब नहीं देते है की प्रमोशन कब होगा और कितना | आप ये धयान में ही रखे की इसी सवाल को हम दूसरे तरीके से भी पूछ सकते है ताकि आपकी बात इंटरव्यूअर को आसानी से समझ मे आ जाये और इसका कोई भी असर इंटरव्यू पर न हो वैसे भी इंटरव्यू क्लियर करते ही यदि आपकी जॉब उस कंपनी में हो जाती है तो कंपनी खुद ही सारी पालिसी और नोर्म्स से आपको अवगत कराती है|

· सवाल जरूर पूछे-

कई बार लोग ये समझते है की कही वो गलत सवाल न पूछ ले इसी डर से वो कोई सवाल नहीं पूछते | यह आपकी कमी को दिखता है इसीलिए कोशिश करे क्र सवाल जरूर पूछे और धयान में रखे की सवाल आप अपने काम से जुड़े हो और साथ ही साथ रेलेवेंट भी हो| पॉलिसी और नोर्म्स से आपको अवगत कराती है|

सवाल जरुर पूछे

· कंपनी से मिलने वाले फायदे या नुकसान के बारे में न पूछे:

इस तरह के सवाल से यह पता चलता है की आपका दिमाग़ कंपनी के फायदे या नुकसान और है जबकि जॉब मिलने के बाद ही आप इन फायदों और नुकसान लाभ उठा सकते है और यह तभी संभव है जब इंटरव्यू क्लियर हो | इंटरव्यू में आपको यह साबित करने की जरूरत होती है की आप कंपनी के लिए कितने काम के है और क्या कर सकते है।

· छुट्टी कौन से दिन मिलती है:

अगर आप इंटरव्यू देने गए है तो इसका मतलब है आपको जॉब चाहिए| आपको अभी से ही यह नहीं बोलना चाहिए की आपको अभी से ब्रेक की तलाश है| कभी भी ऑफ के बारे में न पूछे क्युकी इससे यह लगता है की आप काम से दूर भाग रहे है।

· इंटरव्यू कैसा रहा ये न पूछे

इस सवाल को जानने की इच्‍छा तो हर किसी को होती है आप में भी बेशक होगी लेकिन आप इस सवाल को पूछ के अपनी नौकरी खतरे में डाल देते है अच्छा यही होगा की आप ये सवाल गलती से भी न पूछे।
·
कभी भी सैलरी के बारे में न पूछे

इंटरव्यू में जाने से पहले आप यह बात पता कर ले की आप जिस पोजीशन के लिए आ रहे है उसके लिए कंपनी आपको क्या सैलरी दे रही है। अगर आपको यह पता नहीं है तो आप पहले ही पे-स्केल जैसी सीट्स से पता लगाए कि उस प्रोफाइल के लिए मार्केट सैलरी क्या है? क्यूंकि अगर आप इंटरव्यू के दौरान ये पूछेंगे तो आपकी इमेज गलत हो सकती है| हायरिंग मैनेजर के सामने खुल के इस तरह सैलरी के बारे में पूछने पर ऐसा भी हो सकता है कि वह आपको उस जॉब के लिए कंसीडर ही न करे, इसलिए सैलरी रेंज के बारे में पूछने से बचें।

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लाइफस्टाइल

इंटरव्यू में इन बातों का भूलकर भी जिक्र न करें

इंटरव्यू में इन बातों का भूलकर भी जिक्र न करें


आज के वक़्त में जॉब मार्केट काफी कॉम्पीटेटिव होती जा रही है। अच्छी जॉब पाने के लिए आपको काफी मशक्कत करनी पड़ती है। हर जगह हमारे कॉम्पीटेटिव होते है। अच्छी जॉब पाने के लिए अच्छा इंटरव्यू भी देना होता है। जब बात अच्छी जॉब पाने की हो तो इंटरव्यू पर काफी बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। लोग साक्षात्कार तो बहुत देते है मगर फिर भी जॉब नही मिलती है और वो समझ नही पाते कि उन्हें जॉब क्यों नही मिली।

अगर आप चाहते हैं कि आपका साक्षात्कार सफल रहे, तो उसके लिए आपको कुछ तैयारियां करने की ज़रूरत है। दरअसल, साक्षात्कार देते समय आपको पता होना चाहिए कब, कहां, क्या बोलना है। इंटरव्यू में आपकी कही हुई एक भी गलत बात आपको नई जॉब से काफी दूर ले जा सकती है। इसलिए आज हम आपको बताएँगे, कि कौन सी बातो का इंटरव्यू में जिक्र नहीं करना है।

आइये जानें, इंटरव्यू में जिक्र नहीं करने वाले बात:-

1. जब आप जॉब इंटरव्यू के लिए जाये तो ये कभी न पूछे कि कंपनी की सालाना छुट्टी और बीमारी में दी जानी वाली छुट्टी के लिए क्या पॉलिसी है? । अगर आप साक्षात्कार के वक़्त ये सवाल कर देंगे तो साक्षात्कार लेने वाले को लगेगा कि आप हायर होने के बाद लंबी छुट्टी पर जाने वाले हैं।

यहाँ पढ़ें : आइए जाने कैसे खुश करें अपने बॉस को

जॉब इंटरव्यू

2. अगर इंटरव्यू में आप से ये सवाल पूछा जाता है, कि पिछली कंपनी में आपके बॉस कैसे थे?। पिछली कंपनी के बॉस से आपके रिश्ते चाहें कितने भी खराब क्यों न रहे हों, मगर भूलकर भी उस कंपनी या फिर अपने बॉस के बारे में कुछ भी गलत न कहें। इस से आपके अनप्रोफेशनल होने का पता चलता है।

3. साक्षात्कार के वक़्त पॉलिटिक्स और धर्म पर चर्चा न करें।

4. ध्यान रहे, आप कभी भी अपने बारे में बढ़-चढ़ ना बताएं।

5. साक्षात्कार में अगर आपसे ये सवाल पूछा जाए कि पुरानी जॉब में आपको क्या अच्छा लगता था तो भूलकर भी लंचटाइम, छुट्टियां जैसे जवाब न दे।

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पॉलिटिक्स

हम देश की एकमात्र ऐसी पार्टी हैं, जो सख्त कार्रवाई करती है- मनीष सिसोदिया

राजधानी दिल्‍ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने  समाजसेवी अन्ना हजारे की तरफ से जाहिर की गई चिंताओं को ‘वाजिब’ करार दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि यदि संगठन में कुछ भी ‘गलत’ पाया गया है तो पार्टी ने ‘तुरंत और सख्त’ कार्रवाई की है।

मनीष सिसोदिया

दरअसल, अन्‍ना हजारे ने सोमवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में आम आदमी पार्टी के हालात पर दुख जाहिर किया था। मनीष सिसोदिया ने कहा, कि अन्नाजी ने वाजिब चिंता जाहिर की है कि  राजनीति गंदी चीज है तथा हर तरह के लोग इसमें आ जाते हैं। मगर, मैं भरोसा दिलाता हूं कि जब भी कुछ गलत होता है तो हम देश की एकमात्र ऐसी पार्टी हैं जो सख्त कार्रवाई करती है।

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एजुकेशन

RBI के द्वारा स्थापित इंस्टीट्यूट दाखिला पाने का मौका

पुणे में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैंक मैनेजमेंट ने दो साल के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा मैनेजमेंट में दाखिला पाने के लिए ए‍क नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

दरअसल एनआईबीएम इंस्टीट्यूट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा स्थापित है साथ ही इस इंस्टीट्यूट को बैंकिंग और फाइनेंस में सबसे अच्छे इंस्टीट्यूशंस में से एक माना जाता है।

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा मैनेजमेंट में दाखिला पाने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से 50 फीसदी मार्क्स के साथ बेचलर्स डिग्री होनी जरूरी है। साथ ही बेचलर्स के फाइनल ईयर में पढ़ रहे छात्र या फिर फाइनल के रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्र भी अप्लाई कर सकते हैं।

योग्‍य उम्मीदवार एनआईबीएम की ऑफिशियल वेबसाइट http://www.nibmindia.org/ पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते है और एप्लीकेशन जमा कराने की आखिरी तारीख 20 मार्च, 2017 है।

CAT 2016/ATMA (2017)/CMAT (2017) के स्कोर्स के आधार पर शॉर्ट लिस्ट उम्‍मीदवारों को अप्रैल 2017 में राइटिंग एबिलिटी टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

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पॉलिटिक्स

सदस्य के बहुमत के बजाय वोटों का बहुमत है सच्चा लोकतंत्र : सत्यदेव चौधरी

आये दिन न जाने कितनी राजनीतिक पार्टियां बनती हैं और सभी पार्टियों का गठन एक जैसे मुद्दों और उद्देश्यों को लेकर किया जाता है।

इन सभी पार्टियों का प्रमुख उद्देश्य होता है भ्रष्टाचार से देश को आजादी दिलाना, गरीबी दूर करना और देश का विकास करना। लेकिन कैसे? तो इस सवाल का जवाब कोई राजनीतिक पार्टी नहीं देती। लेकिन ऐसे में एक ऐसी पार्टी का गठन किया गया है, जोकि भ्रष्टाचार का कारण और उसका निवारण एक ही स्थिति को मानता है।

सत्यदेव चौधरी

‘सत्य बहुमत पार्टी’ के नाम से एक राजनीतिक दल की स्थापना हुई है। तक़रीबन 6 महीने पुरानी सत्य बहुमत पार्टी का मुख्य उदेश्य ‘सदस्यों के बहुमत को प्रमुख न मान कर वोट के बहुमत को प्रमुख माना जाए और जिस पार्टी के पास सबसे ज्यादा वोट हों उसकी ही सरकार बनाई जाए।’

सत्य बहुमत पार्टी के अध्यक्ष और संयोजक ‘भाई सत्यदेव चौधरी’ से जब हमने उनकी इस पार्टी के इस विचार के बारे में सवाल किया और पूछा कि कैसे उनका यह विचार भ्रष्टाचार को खत्म करेगा तो उनका कुछ यह कहना था….

पार्टी के इस विचार के बारे में उन्होंने बताया, “मान लो पूरे देश में 543 सदस्यों के चुनाव में दो दल चुनाव के मैदान में खड़े हुए, पहले दल के 300 सदस्यों कुल 45 लाख वोट से जीत गए और दूसरे दल के 243 सदस्य कुल 55 लाख वोट से जीते। तो ऐसे में जिस पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिलें हो उसकी पार्टी की सरकार बनाई जाए, ये ही सच्चा लोकतंत्र है।”

सत्यदेव चौधरी

भ्रष्टाचार को कैसे ख़त्म करेगा यह विचार, “अपराध और भ्रष्टाचार के जन्म का कारण किसी व्यक्ति विशेष को न ठहराते हुए मेरे विचार में अपराध और भ्रष्टाचार का कारण केवल हमारी अपनी स्वीकार की हुई सरकार बनाने के लिए भ्रष्ट बहुमत की व्यवस्था है। सरकार बनाने के लिए हर राजनेता भ्रष्ट राजनीतिक पार्टी से चुनाव में अपना समर्थन लेकर स्वंय भ्रष्ट व्यवस्था का भाग बन जाते हैं। यदि बिना सदस्यों की राजनीति हो और वोटों के बहुमत से सरकार बनाई जाएं, तो भ्रष्ट बहुमत की राजनीति नही होगी और फिर अपराध व भ्रष्टाचार भी नहीं होगा।”

उन्होंने आगे कहा “भ्रष्टाचार की आवश्कता ही नहीं होगी, तो भ्रष्टाचार क्यों होगा। भ्रष्टाचार नहीं होगा तो अपराध भी नहीं होगा। भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त व्यवस्था में विकास ही विकास होगा।”

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साहित्य और कविताएँ

दिल से निकले पोस्ट-कार्ड की तरह है ‘फोटो-पोएट्री’ : अभिषेक गुप्ता

किसी एक पल को हमेशा के लिए जिंदा व याद रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं? उस पल की तस्वीरें फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट पर पोस्ट कर देते होंगे! हम में से अधिकतर लोग कुछ ऐसा ही करते हैं, लेकिन अभिषेक गुप्ता का स्टाइल कुछ अलग है।

अभिषेक गुप्ता

अभिषेक गुप्ता ने अपनी ट्रैवल जर्नी को हमेशा के लिए जिंदा व यादगार बनाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है। जी हां, अभिषेक अपने उन खास लम्हों व पलों को तस्वीरों में कैद कर उसे खूबसूरत व अद्भुत तरीके से लोगों के बीच साझा करने वाले हैं! और वो तरीका है ‘फोटो-पोएट्री’ यानी तस्वीरों के माध्यम से कविता करना।

अभिषेक का कविता करने का यह अंदाज कुछ अलग व अनोखा है। ‘फोटो-पोएट्री’ के बारे में और अधिक जानने के लिए हम पंहुच गए अभिषेक गुप्ता के पास, जहां उन्होंने इससे जुड़ी कई दिलचस्प बाते हमसे की।

आइए पेश है, अभिषेक गुप्ता से बातचीत के कुछ मुख्य अंश…

आपके लिए ‘फोटो-पोएट्री’ क्या है?
मेरे लिए ‘फोटो-पोएट्री’ मेरे दिल से निकले पोस्ट कार्ड की तरह है। यह सबसे सुंदर व उपयुक्त तरीका है किसी दृश्य का वर्णन करने का। यह एक तस्वीर को जिंदा करने जैसा है।

फोटो-पोएट्री के पीछे की अवधारणा क्या है?
जीवन का आधार ही चित्र और शब्द होते हैं। मैं काफी लम्बे समय से ट्रेवल करता आ रहा हूं, तो बस मैं फोटो-पोएट्री के द्धारा उन तस्वीरों को खींच कर यह वर्णन करने की कोशिश करता हूं कि उस समय क्या हो रहा था और मैं उस समय क्या महसूस कर रहा होता हूं। ताकि पाठक इन तस्वीरों को देखकर उस समय को महसूस कर सके और इनकी भावनाओं को शब्दों द्धारा महसूस कर सकें।

कृपया, तस्वीरों में काव्य प्रेरणास्त्रोत समझाएं?
पिछले कुछ सालों में मैं जिस-जिस जगह गया और जिन लोगों से मिला प्रेरणा भी मुझे वहां से मिली। वहीं इसी के साथ अनुभव, स्थिति और भावनाओं ने भी काफी प्रेरणा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

किसी एक तस्वीर को चुनने के पीछे का सबसे अहम कारण क्या होता है?
मुझे लगता है कि एक फोटो-पोएट्री तभी बनती है, जब आप किसी जगह, व्यक्ति या स्थिति से कनेक्ट या रिलेट कर पाते हो। यह कहीं भी हो सकता है, दिल्ली की मेरी टैरेस गार्डन से स्विट्जरलैंड में आल्प्स की साइट को महसूस करना हो सकता है।

क्या आप बता सकते हैं कि आपकी यह किताब किस उद्देश्य दर्शकों के लिए है?
यह अनिन्टेन्डिड दर्शकों के लिए है। यह किताब हर किसी के लिए है और किसी के लिए नही है। किताब में आप अपने आप को ढुंढ पाओगे और किताब आपको अपने आप को ढुंढने में भी मदद करेगी। यह कविता सभी सीजन और सभी आत्माओं की लगातार आनंददायकता के लिए है।

कृपया, भावनात्मक वर्णन बताइए, आपको तस्वीर किस तरह से महसूस होती है?
मेरे लिए यह सभी तस्वीरें खास हैं। हर एक तस्वीर मुझमें एक अलग भावना ताजा करती है।

आपको क्या सरप्राइज करती है, फोटो या इसे करने के लिए आपकी प्रतिक्रिया?
वैसे तो दोनों ही मुझे बराबर सरप्राइज करती हैं। तस्वीर मुझे सरप्राइज करती है, क्योंकि हम जानते हैं कि एक जगह और उससे जुड़ी स्थिति दोबारा लौट कर नही आएगी। यह मेरे जीवन को अमर करने के लिए विशिष्ट पल की तरह है।

चलते-चलते अपने फ्यूचर के बारे में कुछ बताते चलिए..
दूसरा एडिशन इरिडेसन्स पर काम चल रहा है। इसके अलावा मैं एक स्व-सहायता प्रेरणादायक किताब पर भी काम कर रहा हूँ।

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मनोरंजन

बॉलीवुड का हिट एंड फ्लॉप फॉर्मूला नही है पसंद : अमान अली खान!

मशहूर सरोद वादक अमजद अली खान के बेटे ‘अयान अली खान’ और ‘अमान अली खान’ की जुगलबंदी आपको जल्द सुनने को मिलेगी। जी हां, 3 मार्च 2016 को यह दोनों मशहूर सरोद वादक अपना लाइव परफोमेंस दिल्ली के कमानी ऑडीटोरियम में देने वाले हैं। इन दोनों सरोद वादक के साथ इस लाइव शो में दो मशहूर तबला वादक पंडित कुमार बोस और पंडित अनिंदो चटर्जी भी अपनी कला का प्रदर्शन करते दिखाई देंगे।

आपके लिए प्रस्तुत है, लाइव शो से पहले ‘अयान अली खान’ और ‘अमान अली खान’ से की गई खास बातचीत के कुछ अंश..!

  • आपके इस लाइव कॉन्सर्ट में क्या खास होगा?

कमानी हॉल में शो करना हमारे लिए काफी खास है, क्योंकि जब हम छोटे थे तब हमने यहां परफोमेंस दी थी, उसके बाद इस हॉल की जब 25वीं सालगिरा हुई तब भी हमने यहां परफोर्म किया था। अब काफी लम्बे समय के बाद हम दोनों साथ में जुगलबंदी करेंगे। इस शो के जरिए कोशिश रहेगी की नए खूबसूरत राग व पिता जी की कुछ रचानाएं दर्शकों के सामने प्रस्तुत करें।

  • बचपन से ही आप दोनों संगीतकार बनना चाहते थे, या फिर परिवार की परंपरा आगे के लिए इस क्षेत्र में कदम रखा?

हमेशा से घर का महौल संगीतमय था, घर में सभी सदस्यों के लिए संगीत एक जुनून था न कि कोई प्रोफेशन। बचपन से ही संगीत सिखाया गया, हमने सीखा। फिर जैसे-जैसे बड़े हुए समझ आया यही हमारे रूह की पुकार है।

  • क्या आपको लगता है आज के म्युजिक ने शास्त्रीय संगीत को कही न कही पीछे छोड़ दिया है?

जी शास्त्रीय संगीत को कभी पीछे नही छोड़ा जा सकता.. इसकी शुरूआत राजा-महाराजा के समय पर हुई थी। तब आम जनता इसका लुफ्त नही उठा पाती थी। लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता जा रहा है शास्त्रीय संगीत भी आगे बढ़ता जा रहा है। आज-कल बड़ी-बड़ी यूनिवर्सटीस में देख लो हर जगह क्लासिकल म्युजिक के कॉन्सर्ट आयोजित करवाए जाते हैं।

  • आप लोगो ने अब तक किसी फिल्म में अपनी म्युजिक नही दिया, इसकी कोई खास वजह?

ऐसा नही है कि बॉलीवुड हमें पसंद नही है, लेकिन बॉलीवुड में हिट एंड फ्लॉप का फॉर्मूला है.. जिसपर हम विश्वास नही रखते। जो ज्यादा चल गया वो हिट जो नही वो फ्लॉप… यह सही नही है।

  • जैसे कि आपसे साथ आपके घराने की 7वीं पीढ़ी इस संगीत क्षेत्र में हैं.. तो क्या आप अपने बच्चो के साथ से 8वीं पीढ़ी में बढ़ाएंगे?

ऐसा कुछ नही है.. रूचि की बात है.. और हमारे बच्चे भी इस क्षेत्र में रूचि दिखा रहे हैं। अगर आगे भी उन्हें इसी क्षेत्र में आगे बढ़ाना है तो जरूर 8वीं पीढ़ी भी बढ़ेगी अगर नही है तो नही बढ़ेगी। कोई जरूरी नही है कि संगीत के क्षेत्र में ही वो आगे बढ़े।

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भारत

पढिए, भगवान राम के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले ‘चंदन सिंह’ से खास बातचीत के अंश!

हाल ही में खबर आई थी कि बिहार के सीतामढ़ी में एक वकील ने भगवान राम के खिलाफ कोर्ट में महिला उत्पीड़न का केस दर्ज करवा दिया था, जिनका नाम है ठाकुर चंदन सिंह। चंदन सिंह ने भगवान राम पर आरोप लगाया था, कि उन्होंने एक धोबी की बात सुनकर अपनी पत्नी सीता को घर से निकाल दिया था, ऐसा करके भगवान राम ने माता सीता के साथ अत्याचार किया है।

हाल में हमारे चैनल “वन वर्ल्ड न्यूज” से चंदन सिंह ने खास बातचीत की, जिस दौरान उन्होंने अपने केस के पक्ष में कई बाते हमसे साझा की.. पेश है.. चंदन सिंह से की गई बातचीत के कुछ अंश…

  • अचानक से भगवान राम पर केस करने की बात आपको कैसे सूझी?

हम बचपन से ग्रंथो को पढ़ते आ रहे हैं, रमायण भी इन ग्रंथो में से एक है.. रमायण को पढ़ते हुए हमेशा से मुझे एक बात काफी आहात पंहुचाती है कि एक धोबी के कहने पर भगवान राम ने अपनी पत्नी सीता को छोड़ दिया। यह माता सीता के लिए अन्याय था। इसलिए ही मैंने यह कदम उठाया। जब त्रेता युग की नारी को ही न्याय नही मिलेगा, कलयुग की नारी क्या उम्मीद कर सकती है।

  • तो आप कोर्ट से क्या उम्मीद करते हैं, कि माता सीता को कैसे न्याय मिले?

मैं कोई भगवान राम को सजा नही दिलाना चाहता, बस चाहता हूं माता सीता को न्याय मिले। ताकि आगे किसी सीता को यूं अपमानित न होना पड़े।

  • आपको केस दर्ज कराने से पहले राजनीतिक पार्टीयों का डर नही लगा?

नहीं, डर किस बात का.. मैने कुछ गलत नही किया है.. हां बस कुछ पार्टी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही हैं, कुछ ने मेरे खिलाफ केस भी दर्ज कराया है। मेरी मंशा किसी की भावनाओं को आहत पंहुचाना नही बल्कि सच्चाई के खिलाफ अवाज उठाना है।

  • अब कोर्ट ने आपका केस तो वापस कर दिया है, आगे क्या करने का इरादा है?

यह कोई सवाल नही है, कि मैं आगे क्या करूंगा… मेरी मुहीम सच्चाई के साथ आगे भी चालू रहेगी।

  • आपने फारूख अब्बदुला पर भी केस किया था, इसके पीछे क्या कारण था?

हां मैने उनके खिलाफ भी केस किया था, क्योंकि उन्होंने अपने एक बयान में यह कहा था कि हमारी पूरी आर्मी मिलकर भी आतंकवाद को खत्म नही कर सकती। मेरे मुताबित यह हमारे देश के उन जवानों का अपमान है जो हमारी सलामती के लिए दिन-रात सीमा पर तैनात रहते हैं।

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