Categories
लाइफस्टाइल

कैसे बढ़ायें शब्दों का ज्ञान

शब्दों का ज्ञान


शब्दों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इससे मनुष्य के बुद्धिमान और सचेत होने का पता चलता है। सामान्य शब्द का ज्ञान सभी को होता है किंतु उसी भाषा के गहरे शब्दों को बोल और लिख पाने से लोग आपके ज्ञान की तारीफ़ करते हैं जिससे आपको और प्रोत्साहन मिलता है। यह केवल बोलते समय नही जब आप किसी और की बात सुन रहे होते हैं तब भी ज़रूरी होता है। उदाहरण के लिए यदि आप किसी से बात कर रहे हैं और वो ऐसे शब्द का प्रयोग करे जिसका अर्थ आपको पता ही ना हो तो आप उस बात का मतलब समझ ही नही पाएँगे।

हम जितने शब्दों को जानते हैं उतना ही हम ख़ुद को अच्छे से व्यक्त के पाते हैं, फिर ऐसा कोई भाव नही होता जिसको शब्दों में ना पिरोया जा सके। शब्द हमारी सूझ बूझ का भी पर्चा सामने वाले इंसान के समक्ष रखते हैं। हमारा मस्तिष्क एक बग़ीचे की तरह होता है जिसमें कही से कोई शब्द बीज की तरह आकर रूक जाता है। किंतु उसे याद रखने की कोशिश ना की जाए तो वो मुर्झा कर नष्ट हो जाता है। तो इसलिए यह आवश्यक है की अगर हम कोई शब्द सुने तो उसका जल्द से जल्द मतलब पता करें और उसे लिख ले और फिर याद करें।

नए शब्दों को याद करना थोड़ा टेढ़ा कार्य तो ज़रूर है किंतु इसे आसान और मज़ेदार बनाया जा सकता है। यदि हमें शब्दों को याद करने का सही तरीक़ा नही पता होगा तो ऐसा हो सकता है की हम याद किआ हुआ शब्द भी भूल जाए। तो आइए जानते है हैं कैसे बढ़ाया जा सकता है शब्द ज्ञान:-

यहाँ पढ़ें : कैसे सुधारें अपना व्यक्तित्व

  • थोड़ा थोड़ा प्रतिदिन याद करें। आप अगर ऐसा सोच रहे हैं की आप एक ही दिन में 50 शब्द याद के लेंगे तो आप बिलकुल ग़लत सोच रहे हैं। ऐसा कदापि भी हो सकता की आप एक साथ शब्दों का ज्ञान हांसिल के लेंगे। प्रतिदिन 3 शब्द अच्छे से याद करना एक आदर्श लक्ष्य होगा।
  • शब्दों को असल ज़िन्दगी से जोड़ना सीखें। जब आप उन्हें किसी ख़ास चीज़ से जोड़ देंगे तो आपका उसे भूलने की कोई सम्भावना ही नही बेचेगी। उदाहरण के तौर पर एक शब्द Mitigate आप यह याद करना चाहते हैं तो इसे ऐसे याद करें जैसे कोई gate उस पर मिट्टी जम गयी है तो आप उसे कम करना चाहेंगे और mitigate का अर्थ भी होता है to decrease(कम करना)।
  • इन शब्दों का प्रयोग अपने दैनिक जीवन में प्रयोग ज़रूर करें। आप यदि उन्हें ख़ुद तक ही सीमित रखेंगे तो आप उन्हें एक दिन आवश्य ही भूल जाएँगे। आप जब इनका प्रयोग करेंगे तब आपके शब्द तो भारी होंगे ही साथ ही साथ आप इंगा आसानी से याद भी के पाएँगे।
  • आप जितनी अधिक किताबें पढ़ेंगे आपके लिए उतना ही फ़ायदेमंद होगा क्योंकि किताबें शब्दों का भंडार होती हैं हर लेखक लग शब्दों का प्रयोग करता है। इससे आपको नए शब्द जानने का एक बहुत अच्छा अवसर मिलता है।
  • आजकल सभी स्मार्ट्फ़ोन में हम शब्दों से सम्बंधित गेम्ज़ डाउनलोड कर सकते हैं। ये केवल आपका मनोरंजन ही नही करती ये आपका ज्ञान बढ़ाने में भी सहायक होती हैं।
Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in
Categories
लाइफस्टाइल

आइए जाने धैर्य एवं सहनशीलता का महत्व

आइए जाने धैर्य एवं सहनशीलता का महत्व


धैर्य एवं सहनशीलता

आइए जाने धैर्य एवं सहनशीलता का महत्व:- परिस्थितियों की भेद्यता और प्रतिकूलता एवं मनुष्यों के स्वभाव के कारण आज हर आदमी का सहनशील बनना आवश्यक हो गया है। अक्सर जब लोग प्रतिकूल परिस्तितियो में धैर्य व सहनशीलता का पाठ भूल जाते है, तो वह ज़िन्दगी के हर पड़ाव में हार जाते है।

सहनशीलता आपको हर परिस्थिति में एक उम्मीद की किरण देती है और उस से निकलने का साहस भी।

‘सहनशीलता’ शब्द दो शब्दों की संधि से बना है, सहन + शील। इस प्रकार एक व्यक्ति को दो बाते कभी नहीं भूलनी चाहिए – १)सहनशक्ति होना २)शील स्वभाव। परिस्तितियो में किये गए समझोते को सहनशीलता का नाम नहीं दिया जा सकता। ऐसी स्थिति में एक व्यक्ति खुद को बोझ में दबा हुआ महसूस करता है। शील स्वभाव का मतलब है- धैर्य, त्याग, संतोष तथा सहजता।

असहनशील व्यक्ति हमेशा अपने आप से असंतुष्ट होता है। सहनशील व्यक्ति के अभाव में, असहनशील व्यक्ति अपने आप पर नियंत्रण खो देता है। सहनशीलता व्यक्ति को सोचने का सही विवेक प्रदान करती है। अधैर्य या क्रोध की स्तिथि में मानव इसे, यानी विवेक को भूल जाता है। सहनशील व्यक्ति हमेशा उदार होता है। असहशीलता, व्यक्ति में तनाव बढाती है।

यहाँ पढ़ें : क्‍या आप भी ये ही करती है, मम्‍मी- पापा की गैर-मौजूदगी में

समय की मार भी एक सहनशील व्यक्ति को नहीं हरा सकता।

आज का आदमी तो बहुत ही स्वार्थी हो गया है। दुनिया में हर कोई एक दूसरे को ठगने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आदमी का अपनी स्तिथि मव टिकना बड़ा मुश्किल लगता है, लेकिन जो व्यक्ति सहनशील होते है, वह लोग खराब से खराब स्तिथि में भी खुद को अनुकूल बना लेते है और सदैव खुश व संतुष्ट रहते है। प्रतिकूल परिस्थितिया हमारी परीक्षा लेने के लिए होती हैं। जो व्यक्ति आत्मविश्वास व सहनशीलता का धनी है, वह बड़े ही आसानी से इन पर विजय प्राप्त कर लेगा।

सहनशीलता वह कसौटी है जिस पर खरा उतर कर व्यक्ति साधारण नहीं रहता, महान बन जाता है। उसका दृष्टिकोण बदल जाता है। सहनशीलता एक व्यक्ति को सत्य-असत्य का पारखी बना देती है। दुनिया में आजतक जितने भी महान पुरुष हुए है, वो सभी सहनशीलता के कारण हुए है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in