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Holi 2020 – मिलावटी व केमिकल वाले रंग और मिठाइयों से करें बचाव

Holi 2020 – देहरादून में होली पर रंगों और मिठाईयों की जांच के नतीजे हैं बेहद चौंकाने वाले


कोरोनोवायरस से फीकी हुई होली –

कोरोनोवायरस को देखते हुए इस बार होली फीकी पड़ने का अनुमान है लेकिन फिर भी लोगों द्वारा बरती
जाने वाली सावधानियों के बावजूद, होली का त्योहार मनाने का उत्साह अभी भी बहुतों में है। हालांकि, इस
बार, खासतौर पर बाजार में बिकने वाले रंगों, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के स्तर को
देखते हुए पूरी जांच परख कर खरीददारी करें।

नमूनों में मिली मिलावट –

प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण वैज्ञानिकों (स्पेश) की सोसायटी ने धामावाला, पल्टन बाजार, हनुमान चौक,
मोती बाजार, कर्णपुर, डकरा, कंवाली रोड, पटेलनगर, माजरा, पंडितवाड़ी, प्रेमनगर, सहस्त्रधारा रोड, रायपुर,
देहरादून के जाखन, राजपुर और कृष्णानगर इलाके से विभिन्न होली रंगों के 100 नमूने एकत्र किए।
विशेष सचिव बृजमोहन शर्मा के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चलता है कि इन रंगों में लाल धातु
में पारा सल्फाइट, हरे रंग में तांबा सल्फेट, बैंगनी रंग में क्रोमियम आयोडाइड, चांदी के रंग में
एल्यूमीनियम क्रोमाइड और काले रंग में लीड ऑक्साइड में जैसी कई हानिकारक धातुएं मिली हैं।

मिलावटी रंगों से हो सकते हैं ये नुकसान –

ये रंग विषैले होते हैं और त्वचा के कैंसर, आंखों की एलर्जी, अस्थाई अंधापन, ब्रोन्कियल अस्थमा, एलर्जी,
किडनी की विफलता और सीखने की अक्षमता का कारण बन सकते हैं। शर्मा ने कहा कि बाजार में
बिकने वाले अधिकांश रंग धातु ऑक्साइड या औद्योगिक रंग हैं।

जब इन्हें धोया जाता है तो ये रंग मिट्टी और पानी की प्रणालियों को प्रदूषित कर सकते हैं। ये नदियों
और मिट्टी में प्रवेश करते हैं और प्रदूषण बढ़ाते हैं। स्पेक ने बाजार में उपलब्ध प्राकृतिक हर्बल रंगों की
भी जांच की और पता लगाया कि इनमें से 52 प्रतिशत रंगों में मिलावट है।

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मिठाईयों में भी मिली खूब मिलावट –

जब मिठाइयों की बात आती है तो बाजार में उपलब्ध वस्तुओं में भी मिलावट की जाती है। स्पेक ने दूध,
मावा, पनीर, मिल्क केक, बर्फी, गुजिया, बताशा, गुलाब जामुन, सरसों का तेल और रिफाइंड तेल सहित खाद्य
सामग्री के 240 नमूने एकत्र किए। मावा के 40 नमूनों में से 38 नमूनों में हानिकारक पदार्थों की मिलावट
पाई गई। 38 मिलावटी नमूनों में से 17 पूरी तरह से सिंथेटिक थे जिनमें यूरिया, डिटर्जेंट, अरारोट पाउडर
और रिफाइंड तेल जैसे रसायन थे। रिफाइंड आटा (मैदा) जो कि गुझिया बनाने के लिए उपयोग किया
जाता है, को भी मिलावटी पाया गया।

शर्मा ने कहा कि होली पर एक सुखद अनुभव के लिए, घर पर पकाए गए खाद्य पदार्थों और वास्तव में
पारंपरिक रूप से आसानी से उपलब्ध वस्तुओं से बने जैविक रंगों का उपयोग बाजार में बिकने वाले
उत्पादों के बजाय किया जाना चाहिए।

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Holi Songs Playlist: एवरग्रीन गाने जो CELEBRATIONS मे भर देंगे मस्ती के रंग

Holi songs: होली पर सबसे जयादा बजाये जाने वाले सांग्स, इनपर डांस न किया तो क्या किया?


Holi songs: रंग, डांस, भांग,पानी और सबसे ज्यादा होली के गानों के बिना यह त्यौहार अधूरा सा लगता है। इस साल छोटी होली जिस दिन हम पूजा करते हैं 9 मार्च को, और बड़ी होली यानी रंगो वाली होली 10 मार्च 2020 को है, जिस दिन हम रंगो से खेलते हैं।

जब भी किसी फिल्म में होली का त्यौहार दिखाया जाता है तो उसमें होली का गाना ऐसा होता है जो होली के त्यौहार में रंग डाल देता है। बहुत सी पुरानी और नयी फिल्मों में होली के गाने फिल्माए गए हैं जैसे ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ ,’जॉली एलएलबी 2′, मोहब्बतें, वक़्त आदि। होली के गानों पर चाहे वो बच्चे हो या बूढ़ें, बच्चे, औरत हो या आदमी, सभी इन गीतों पर थिरकते हैं।

आइये जानते हैं बॉलीवुड के वो सबसे पॉपुलर होली के गाने जिन पर आज भी सभी थिरकते हैं –

वर्ष 1937 में प्रथम महिला संगीतकार सरस्वती देवी ने फिल्म जीवन प्रभात के लिए “होली आई रे कान्हा” गाना गाया था।

अनिल विश्वास ने अंगुलीमाल फिल्म में एक होली गीत – आई आई बसंती बेला, मगन मन झूम रहा’

जोगन फिल्म का गीत – ” रंग डारो रे रसिया” का़फी हिट होली सांग हैं।

वर्ष 1959 में प्रदर्शित फिल्म नवरंग में होली का गीत – अरे जा रे हट नटखट

2000 में फिल्म मोहब्बतें – सोनी-सोनी अंखियों वाली होली

2003 में रवि चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म बाग़बांन में अमिताभ बच्चन पर “होली खेले रघुवीरा अवध”

हेमा मालिनी पर फिल्माया गीत – “होली के दिन दिल खिल जाते हैं, दुश्मन भी गले मिल जाते हैं”

अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म सिलसिला – रंग बरसे भीगे चुनर वाली होली

वर्ष 1993 में अंग से अंग लगाना, हमें ऐसे रंग लगाना श्रोताओं के बीच का़फी लोकप्रिय हुआ था

वह पुरानी फ़िल्में जिनमे होली के गीत हुए थे मशहूर-

जीवन संध्या (1937), अंगुलीमाल, पूजा, होली (1940), आन (1942), लड़की (1943), मदर-इंडिया (1947), जोगन (1949), नवरंग (1949), कोहिनूर (1960), फागुन (1960), रंगोली (1962), फूल और पत्थर (1966), पराया धन (1971), फागुन (1973), आपकी क़सम (1973), शोले (1974), ज़िद (1976), आपबीती (1977), सिलसिला (1981), कामचोर (1981), धनवान ( 1982), होली (1987) आदि।

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आइये जानते है होली के सांग की हिट लिस्ट

सबसे ज्यादा फेमस सांग – बालम पिचकारी

बलम पिचकारी

मोहब्बतें का सांग

बद्री की दुलहनिआ

जॉली एल एल बी

छन्न के मोहल्ला सारा

वक़्त – डू मी ए फेवर

लहू मुँह लग गया