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बंगाल के तट से टकराया तूफ़ान, चक्रवात बुलबुल ने ली 3 लोगो की जान

बंगाल के तट पर लगाया गया हाई अलर्ट, 3 लोगो की हुई मौत


शनिवार की आधी रात को चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ ने  पश्चिम बंगाल के सागर आइलैंड और बांग्लादेश के खेपुपारा इलाके में दस्तक दी। हालांकि दक्षिण परगना और कोलकाता में बारिश रुक गई है लेकिन तेज हवाओं से खतरा बना हुआ है। इन इलाकों में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। तेज हवाओं की चपेट में आने से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है।सरकार ने इन सात जिलों के स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। साथ ही निजी स्कूलों से भी ऐसा करने के लिए कहा गया है। वहीं आपदा प्रतिक्रिया बल भी राहत और बचाव सामग्रियों के साथ परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क है।

 चक्रवाती तूफान का असर:

इस चक्रवाती तूफान का असर ओडिशा में भी देखने को मिला है , जहां सैकड़ों पेड़ उखड़ गए थे। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और दमकल के कर्मचारी लगाए गए है। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में 1070 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बालासोर और जगतसिंहपुर जिले में भी 1500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। वहीं केंद्रपाड़ा जिले के राजकनिका पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत गजराजपुर गांव में एस्बेस्टस गिरने से 70 वर्षीय एक शख्स की मौत हो गई है। मृतक की पहचान गणेश्वर मलिक के रूप में हुई है। हादसा उस समय हुआ जब बुजुर्ग अपने घर में सो रहा था।

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 मछवारों को समुन्दर के पास न जाने की सलाह:

उत्तरी ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है। अगले 18 घंटे तक बंगाल की खाड़ी में न जाने की हिदायत दी गई है। तूफान के कारण दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के कुछ इलाकों में अगले 36 घंटे में मध्यम या भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

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अयोध्या पर फैसला आने से पहले अंबेडकर नगर में पुलिस हुई अलर्ट

प्रशासन द्वारा कॉलेजों में बनाई गई 8 अस्थाई जेल


सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या-बाबरी मस्जिद को लेकर सुनवाई खत्म हो चुकी है। लेकिन इसके फैसले को लेकर सभी की धड़कने तेज़ हो गयी है यह सोच कर की कोर्ट का फैसला किसके हित में जायेगा। वही अयोध्या पर फैसले से पहले अंबेडकर नगर के अलग-अलग कॉलेजों में 8 अस्थाई जेल बनाई गई है। प्रशासन ने ऐसा फैसला सुरक्षा के मद्देनजर लिया है।

आपको बता दें की अयोध्या में पहले से हाई अलर्ट है रखा गया है और जगह-जगह पर जवानों की तैनाती की गई है। ताकि किसी तरह का मुठभेड़ देखने को ना मिले।इसके अलावा पुलिस ने  34 जिलों के पुलिस प्रमुखों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। जिनमे इन जिलों के नाम शामिल है जैसे- मेरठ, आगरा, अलीगढ़, रामपुर, बरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और आजमगढ़ आदि।

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इस से पहले गोरखपुर में हाई अलर्ट लगाया गया। 6 नवंबर को यूपी पुलिस ने गोरखपुर में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान जिले की सड़कों पर सैकड़ों पुलिसकर्मी फ्लैग मार्च में दिखे। साथ ही अयोध्या पर फैसले से पहले यूपी पुलिस ने कड़ी  सुरक्षा बढ़ा दी है।  साथ ही अफवाहों और गलत जानकारियों को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी ख़ास ध्यान रखे हुए है।

गोरखपुर में  फ्लैग मार्च इसलिए किया गया क्यूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र गोरखपुर है और राम मंदिर आंदोलन में गोरखपुर बेहद अहम रहा है। अयोध्या केस में फैसला आने से पहले नेपाल की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इलाके में 7 आतंकवादियों के घुसने की भी खबर आयी है जिसके उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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