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Delhi University protest: पहली बार ‘डीयू’ में स्टूडेंट्स और टीचर्स मिलकर कर रहे हैं विरोध

39 मंजिला बिल्डिंग के निर्माण पर लिखा पीएम को लेटर


Delhi University protest: दिल्ली यूनिवर्सिटी में चल रहे विरोध ने पहली बार टीचर्स और स्टूडेंट्स एक साथ ला दिया है। दरअसल सेंट्रल गवरन्मेंट डीयू के साथ वाली ज़मीं पर एक 39 मंजिला बिल्डिंग बनाना चाहती है, लेकिन अब इस बिल्डिंग के निर्माण को रोकने के लिए टीचर्स और स्टूडेंट पूरा ज़ोर लगा रहे है। स्टूडेंट्स हड़ताल पर बैठ चुके है और विरोध शुरू हो चूका है। इस मामले पर मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स असोसिएशन (DUTA) की ओर से प्रधानमंत्री को लेटर भी लिखा गया है। इस लेटर में कहा गया है की जमीन पर प्राइवेट बिल्डिंग की जगह हॉस्टल बनाए जाए। आज शिक्षक और स्टूडेंट इस मामले के तहत ‘एलजी हाउस’ तक साइकल रैली निकलेंगे और वहीं दूसरी ओर एबीवीपी (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) की ओर से भी प्रदर्शन को आंदोलन में बदलने की तैयारी चल रही है।

DUTA के वाईस-प्रेजिडेंट डॉ. आलोक रंजन का कहना है उन्होंने ने इस मामले पर पीएम को लेटर लिखा है की इस मसले पर वो अपनी नज़र डाले, और 39 मंजिला इमारत के निर्माण पर रोक लगवाने का आदेश भी दिया है। उन्होंने ने लेटर में ये भी लिखा है की इस बिल्डिंग की जगह हॉस्टल बनाए जाएं क्योंकि कई सारे स्टूडेंट्स को हॉस्टल नहीं मिल पाता है। अगर इस पर रोक नहीं लगवाई कई तो हमें कोर्ट जाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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क्या है पूरा मामला:

सोमवार को डीयू की आर्ट्स फैकल्टी धरने के साथ-साथ क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू हुई है। इसमें शामिल डीयू के कैंपस डिवेलमेंट कमिटी के मेंबर डॉ. रसाल सिंह कहते हैं की, यह जमीन डिफेंस की है और दिल्ली रेल कॉरर्पोरेशन को पब्लिक यूज के लिए दी गई थी। मगर डीएमआरसी (DMRC) ने इसे प्राइवेट बिल्डिर को दे दिया। वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (डूसू) जल्द ही इस मसले को लेकर रक्षा मंत्रालय, एलजी, डीएमआरसी से के अधिकारियों से मिलेगी। डूसू का कहना है कि यह निर्माण डीयू प्रशासन के सुस्त रवैए का नतीजा है। डूसू और एबीवीपी जल्द ही सीनियर अधिकारियों से मिलेगा। डूसू सभी कॉलेजों की यूनियन को भी इस मुद्दे से जोड़ रहा है। डीयू प्रशासन की ओर से इस मसले पर राष्ट्रपति और एलजी से अपील की जा चुकी है।

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में घटेंगी स्पोर्ट्स कोटा की सीटें 

बढ़ने वाली हैं एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी की सीटें


दिल्ली यूनिवर्सिटी में 15 अप्रैल से एडमीशन शुरू किये जाने थे परन्तु नियमो के बदलाव के कारण तारीख में बदलाव किया गया है, बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल से शुरू होने वाले एड्मिशन अब 1 मई से शुरू होंगे  दरअसल परीक्षाओं के कट ऑफ़ को अभी निर्धारित नहीं किया गया है जिसके चलते विलम्ब की स्थितियां पैदा हो चुकी हैं. अब ऐसे में ही खबर मिली है की कट ऑफ के साथ -साथ स्पोर्ट्स कोटे और एक्सट्रा करिकुलम एक्टिविटी (ईसीए) कोटे  की सीटों में भी बदलाव किया गया है

एडमिशन कमेटी  के  सुझाव पर स्पोर्ट्स काउंसिल ने लिखा लेटर

दिल्ली यूनिवर्सिटी का इरादा है कि इस साल एक्स्ट्रा करिकुलर ऐक्टिविटीज कोटे के स्टूडेंट्स को ज्यादा मौके दिए जाएं. ऐडमिशन कमिटी का मानना है कि हर कॉलेज ईसीए कोटे के लिए सीटें नहीं रखता है. खेलकूद (स्पोर्ट्स) और बाकी हुनर (ईसीए) दोनों में बढ़िया कर रहे स्टूडेंट्स के लिए डीयू में कुल 5% सीटें  रिजर्व रखने का सिस्टम है.  हालांकि ज्यादातर कॉलेज स्पोर्ट्स के लिए तो 3 से 5% सीटें रखता हैं, मगर ईसीए के लिए 0 से 2% ही रखी जाती हैं. एडमिशन कमीटी का कहना है कि उन कॉलेजों में जहां ईसीए के लिए कम जगह है, वहां इसे 1-2% सीटें रखा जाना चाहिए.  बताया जा रहा है कि एडमिशन कमीटी के सुझाव पर स्पोर्ट्स काउंसिल ने लेटर लिखा है.

डीयू के डीनराजीव गुप्ता का कहना है कि यह सिर्फ एडमिशन कमीटी  का सुझाव है, फाइनल कुछ नहीं हुआ है. हम यह चाहते हैं कि दोनों कैटिगरी के लिए ही कुछ ना कुछ सीट पर्सेंटेज रहे. अगर यह कदम उठाया जाता है तो स्पोर्ट्स कोटे की सीटें कम हों जाएँगी.

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जल्द शुरू होगी प्रवेश करने की प्रक्रिया

डीयू में करीब 66,000 सीटों के लिए एडमीशन प्रोसेस के लिए रजिस्ट्रेशन दो स्टेप में खोलने का इरादा है. प्रशासन ने पहले इसे 15 अप्रैल से 7 मई और फिर अब 20 मई से खोलने का प्लान बनाया था. मगर अब यह तारीखें आगे बढ़ेंगी. एक अधिकारी का कहना है कि अब पोर्टल अप्रैल के आखिर में खुलेगा, ताकि स्टूडेंट्स रिजल्ट से पहले बाकी डॉक्युमेंट्स की व्यवस्था कर लें . खासतौर पर एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी (ईसीए) और स्पोर्ट्स कोटे के लिए डॉक्युमेंट की आवश्कता होती है.इस पर दोनों कैटिगरी के ट्रायल भी जल्द 20 मई के आसपास शुरू होंगे. पिछले साल यह जून में हुए हैं.

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कैसे दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र होते है सबसे अलग

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र सबसे अलग


दिल्ली विश्वविद्यालय के किसी भी कॉलेज में होना, हम सभी के लिए गर्व और ख़ुशी की बात है। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र होना अपने आप में बहुत मायने रखता है। स्कूल के अंत तक इतनी मेहनत और पढाई करने के बाद हम इस काबिल बने की हम इतने अच्छे नंबर ला सके की दिल्ली विश्वविद्यालय की कट ऑफ में कहीं आ सके। और इस मेहनत के फल स्वरुप आज हम इतनी बड़ी और इतनी प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी का हिस्सा है।

अब जब हम कुछ समय किसी जगह पर बिताते है, तो हम उन्ही की तरह कार्य करना और वहाँ की परिस्तिथियों के अनुसार ढलना शुरू हो जाते है। हमारी आदतो और हमारी हरकतों से ये बात साबित हो जाती है कि हम कहाँ से आये है।

मस्तीखोर छात्र

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तो जाने है कि कैसे दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र होते है सबसे अलग:-

  1. दिल्ली विश्वविद्यालय के बहुत ही बिंदास होते है। ना किसी चीज़ का डर और ना किसी बात की परवाह। वो अपनी हद जानते है और अपनी सीमा में रहते है। पर मस्ती करने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
  2. उनके पास हर चीज़ का जुगाड़ होता है। परेशानी कुछ भी उनके पास गर चीज़ का इलाज होगा। कोर्स के सवालो के अलावा, हमारे पास हर सावल का जवाब होता है।
  3. पैसों की कमी होते हुए भी कैसे सारा खर्चा संभाला जाए, ये हमसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। कहाँ सस्ता खाना मिलता है और कहाँ सस्ते कपडे मिलते है, इसकी पूरी खबर हम रखते है और क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं करते।
  4. पढ़ते भी है हम छात्र
  5. हमे हमारी अटेंडेंस बहुत प्यारी होती है पर दोस्तों के साथ घूमना भी हमारे लिए उतना ही ज़रूरी होता है। हमारे लिए असाइनमेंट्स इतनी ज़रूरी नहीं होती। काम सबसे बाद में आता है।
  6. एक रात में सारा काम खत्म करना और एग्जाम के लिए तैयारी करना, कोई हम से सीखे। य काबिलियत सिर्फ हम में होती है कि हम एक रात में वो कर देते है जो हमने तीन महीनो में नहीं किया।
  7. कैंटीन में बिना पैसे दिया खाना लेना भी हमारा ही हुनर है। कैंटीन वाले भैया भी हमे इतने अच्छे से जानते है कि आर्डर लेने से पहले ही आपका हिसाब लिख लेते है और आपका आर्डर दे देते है।
  8. हम सभी को 75% अटेंडेंस का मतलब पता होता है। इसलिए हम हर काम बहुत ही मस्ती से करते है। बिना अटेंडेंस की परवाह किए।

हमारी कॉलेज लाइफ बहुत ही अलग होती है। अलग कॉलेज में भले ही होते हो पर कहलाते दिल्ली विश्वविद्यालय के ही है। तभी हर फेस्ट में सारे कॉलेज के छात्र एक साथ आजाते है और दोस्ती और मस्ती की एक अलग ही परिभाषा दे जाता है।

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