Categories
सेहत

सर्दियों मे छोटे बच्चों का ख्याल रखने के लिए फॉलो करे कुछ ख़ास टिप्स

सर्दियों मे छोटे बच्चों का ख्याल कैसे रखें ?


सर्दियों के आते ही सर्दी, कोल्ड, फ्लू, वायरल आदि बीमारियां  घेर लेती हैं। इससे बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी ठंड के मौसम में बहुत सी बीमारियों से झूंझते हैं। बड़े  लोगों के लिए तो अपने आप को ठण्ड से बचाकर रखना आसान होता है लेकिन जहाँ बात छोटे बच्चों की आती है तो माँ-बाप की परेशानी बढ़ जाती हैं। एक तरफ उन्हें जहाँ बच्चों को को बीमारियोंसे बचाना होता है वही दूसरी और उन्हें ठंड से भी दूर रखने क लिए कई बातों का ध्यान रखना होता हैं। आइये जानते है सर्दियों में छोटे बच्चों का ध्यान कैसे रखें?

Read more: भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान ‘दादा साहब फाल्के’ – अमिताभ बच्चन को मिलेगा

सर्दियों में छोटे बच्चों का ध्यान रखने के लिए जरूरी बातें –

•ठंड का  मौसम आने से पहले एक दस्तक देता है और इसी को ठंड के आने का इशारा समझकर छोटे बच्चों को गर्म कपड़े और वार्मर पहनाना शुरू कर दें।

•बच्चें को हमेशा ठंड सर या पैरों से चढ़ती हैं।  ध्यान रहें कि बच्चें हमेशा सर व पैर ढक कर रखे। उन्हें पैरों में सॉक्स और सर पर स्कार्फ़ या टोपा पहना कर रखें।

•छोटे बच्चें की मालिश करने के लिए गर्म तेल का उपयोग करें और साथ ही बंद कमरें या तेज धुप में बिठाकर मालिश करें। ध्यान रहें मालिश करने के एकदम बाद बच्चें को ना नहलाएं।

•बच्चे को थोड़ी देर के लिए धूप में जरूर लेकर जाएँ, उससे शरीर को ताजी हवा और विटामिन डी दोनों मिलता हैं।

•अगर बच्चें को आप स्वेटर पहना रहें तो ध्यान रहें स्वेटर के नीचे एक कॉटन का कपडा या वार्मर पहनाये, वूलेन से कभी-कभी बच्चें की त्वचा पर कब ही-रशेस या एलर्जी हो जाती है।

छोटे बच्चों को सर्दियों में संक्रमण से बचाने के लिए उनके हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें। साथ ही बच्चों को दोदूध में लौंग, इलाइची, केसर आदि डालकर पिलायें। इससे वो ठंड और बिमारियों से बचें रहेंगे।

•अगर आपके बच्चें को सर्दी,जुखाम, बुखार 3 दिन से ज्यादा से हो रहा है तो ये ये नीमोनिया या वायरल हो सकता है, इसीलिए बच्चे के साथ लापरवाही न दिखाएं और सही समय पर डॉक्टर से सलाह करें।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
सेहत

स्वाइन फ्लू है एक ख़तरनाक वायरस: जाने कैसे फैलता है यह वायरस

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए करे यह सब 


स्वाइन फ्लू  एक ऐसा खतरनाक वायरस है जो भारत में बहुत तेज़ी से फ़ैल रहा है .  यह वायरस इतना ख़तरनाक होता है की इस वायरस से लोगो की जान तक चली जाती  है अगर सही समय पर इलाज न कराया जाए तो . बात करे अगर स्वाइन फ्लू  से मरने वालों  की तादाद की  तो पिछले साल इस  वायरस की वजह से एक हजार लोगो की जाने गई थी.  एक बार फिर से इस वायरस ने दिल्ली में दस्तक दे दिया है. ऐसे में यह जानना  बहुत जरुरी है की इस वायरस से कैसे बचा जाए और यह वायरस कैसे फैलता है?

Vaccinations

जानते है की स्वाइन फ्लू का वायरस फैलता कैसे है ? 

स्वाइन फ्लू  एक ऐसा वायरस है जो सुअरो से फैलता है. इसका वायरस सुअरों के बुखार को कहते हैं और यह उनकी सांस से जुड़ी बीमारी है.  यह एक छुआछूत की तरह है अगर एक बीमार व्‍यक्ति दूसरे व्‍यक्ति को छू देगा तो उसे भी स्वाइन  फ्लू  होने का खतरा रहता है

कितने तरह के होते है स्वाइन फ्लू ? 

स्वाइन फ्लू भी चार प्रकार के होते है :

1.H1N1

2. H1N2

3. H3N2

4.  H3N1

लेकिन इनमे से जो सबसे खतरनाक  वायरस है वो है H1N1 जिससे इंसान की मौत भी हो सकती  है.

Read more: शराब की हल्की डोज़ भी हो सकती है बेहद हानिकारक : रिसर्च

जाने स्वाइन फ्लू  के लक्षण क्या- क्या है ? 

1. स्वाइन फ्लू का पहला लक्षण है की आपको अचानक से बुखार, सिर दर्द और सुस्ती आना

2. अचानक से मांसपेशियों में दर्द होना

3.  उलटी और दस्त होना

4. भूख न लगना और खांसी आना

अब इस खतरनाक वायरस से बचा  कैसे  जाए ? 

1. इस वायरस से बचने के लिए आप मास्क लगाए .

2. अपने आस- पास सफाई का खास ध्यान दे

3.  4से 5 तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, ज़रा सी काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को चाय में उबालकर दिन में दो-तीन बार पिएं.

4. गिलोय बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पिएं. यह बुखार को तोड़ने  में मदद करता है.

5. थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ को साबुन और पानी से धोते रहें.

तो स्वाइन फ्लू  से बचने के लिए इन बातो का ख़ास ख्याल रखे  जितना हो सके साफ  सफाई  पर जयदा ध्यान दे और कूड़े को डस्टबिन में ही फैंके .

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
स्वादिष्ट पकवान

सर्दियों में गरमा-गरम चटपटे व्यंजन का लें मज़ा

घर पे बनाएं इन 3 रेसिपी के साथ मज़े लें सर्दियों के


सर्दी की गुनगुनी धूप में खाने का स्वाद ही कुछ अलग होता है। ऐसे में फैमिली मेंबर्स या अपने दोस्तों के साथ बैठकर चटपटे व्यंजन खाने में बड़ा मजा आता है। इसलिए इस बार हम कुछ अलग तरह-तरह की चटपटी डिशेज की रेसिपी लेकर आए हैं। इन्हें बनाएं और सबके साथ शेयर करते हुए सर्दी के मौसम को फुल एंज्वॉय करें।

रेसिपी

खट्टी-मीठी तड़का मूंगफली

सामग्री: –

मूंगफली के दाने- 1 प्यालाकाली

सरसों- 1/2 छोटी चम्मच

हींग- 1 चुटकी

जीरा- 1/4 छोटा चम्मचसाबुत

लाल मिर्च- 1

करी पत्ते- थोड़े से

नमक और नींबू का रस- स्वादानुसार

पिसी हुई चीनी- 1 छोटा चम्मच

तेल- 1 छोटा चम्मच

मूली के पत्ते और मनपसंद कटी सलाद- सर्व करने के लिए

खट्टी-मीठी तड़का मूंगफली

ऐसे बनाएं:-

पहले मूंगफली के दानों को प्रेशर कूकर में नमक और 2 प्याला पानी के साथ 2-3 सीटी आने तक पकाकर छलनी में छान लें। एक पैन में तेल गर्म करके हींग, जीरा, काली सरसों, साबुत लालमिर्च डालकर भूनें। फिर करी पत्ता डाल कर भूनें। अब उबली मूंगफली डालकर 2-3 मिनट तक भूनें। चीनी डालकर आंच से उतार लें। नमक चख लें और अगर आवश्यकता हो तो नमक और स्वादानुसार नीबू का रस मिलाएं। सलाद के साथ खट्टा-मीठा तड़का डालकर मूंगफली को सर्व करें।

मटर की कतली

सामग्री:-

उबले हरे मटर के दाने- 1 प्याला

अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट- 1 छोटा चम्मच

भुनें चने का पावडर- 1/4 प्याला

मूंगफली का चूरा- 2 बड़े चम्मच

नमक-लाल मिर्च पावडर

नींबू का रस- स्वादानुसार

तेल- 2 छोटा चम्मच

काली सरसों- 1 छोटा चम्मच

करी पत्ते- 8-10

सूखी लाल मिर्च- 2-3

तलने के लिए- रिफाइंड ऑयल

सजाने के लिए- टमाटर, पनीर और लाल मिर्च

मेथी दाना-मटर सब्जी

विधि: –

हरे मटर के दानों को मिक्सी में पीस लें। एक नॉन-स्टिक पैन में तेल गर्म करें और उसमें काली सरसों, करी पत्ते, लाल मिर्च भून लें। पैन में पिसे मटर, चने का पावडर, मूंगफली का बूरा डालकर मिश्रण के सूख जाने तक भूनें। अब इसमें नमक, मिर्च पावडर और निम्बू का रस मिलाकर आंच से उतार लें। एक ट्रे में तेल लगाकर मिश्रण को फैलाकर अच्छे से उसे सेट कर लें। जम जाने पर कतली के आकार का काट लें। सर्व करने से पहले तेल में फ्राई करें। पनीर टमाटर, लाल मिर्च और करी पत्ते से सजाकर मटर की कतली सर्व करें।

मेथी दाना-मटर सब्जी

सामग्री: –

मटर के छिलके- 1/2 प्याला

उबले मटर के दाने- 1/2 प्याला

मेथी दाना- 1/4 प्याला

बीज निकले बारीक कटे टमाटर- 2

तेल- 2 छोटे चम्मच

जीरा- 1/2 छोटा चम्मच

नमक-लाल मिर्च पावडर- स्वादानुसार

अमचूर पावडर- स्वादानुसार

पिसी चीनी- 1/2 छोटा चम्मच

धनिया-सौंफ पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

गर्म मसाला पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

भूना जीरा पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

काली मिर्च पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

सजाने के लिए- 1/4 प्याला कटा ताजा पनीर, टमाटर का फूल, पुदीना पत्ती

विधि: –

मेथी दाने को अच्छी तरह धोकर, गुनगुने पानी में 2 घंटे के लिए भिगो दें। इसे दोबारा छानकर फिर से 2-3 अच्छे से बार धोएं। प्रेशर कुकर में 1 प्याला पानी के साथ 2-3 सीटी आने तक इसे पकाकर छलनी में निकाल लें। कड़वा पानी फेंक दें। मेथी दाने को एक बार फिर से धोकर रख लें। कटे टमाटर में पिसी चीनी और अमचूर पावडर डाल कर रख लें। एक पैन में 1 छोटा चम्मच तेल गर्म करें। तेज आंच पर मटर के छिलकों को 1 मिनट तक भूनें। इसके बाद बाहर निकाल लें। दूसरे पैन में बचा तेल डालकर गर्म कर लें, इसमें मेथी दाना, नमक, टमाटर डाल कर 2-3 मिनट तक भूनने के बाद उबले मटर डालकर 2-3 मिनट तक चलाएं। अब सर्विंग बाउल के चारों ओर भुने मटर के छिलके लगाएं। ऊपर से गर्म मसाला, जीरा, काली मिर्च पावडर बुरकें। पनीर, टमाटर फूल और पुदीना पत्ती से सजाकर मेथी दाना छिलका सब्जी सर्व करें।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सेहत

सर्दी-खांसी से लेकर गले की खराश से छुटकारा दिलाएंगे ये नुस्खे

सर्दियों में सर्दी–खांसी जैसे बीमारियों से कैसे पाए छुटकारा?


सर्दियों के आते ही लोगों को सर्दी-जुकाम, खांसी और गले की खराश जैसी समस्याएं होना आम बात है लेकिन सही समय पर इसका इलाज न करने पर यह किसी बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकती है। सर्दियों के मौसम में खुद का थोड़ा एक्स्ट्रा ख्याल रखना चाहिए क्यूकि लोग बीमार भी काफी जल्दी पड़ते है। ऐसे में अपने शरीर को हेल्दी रखने के लिए अपने खाने-पीने का खास ख्याल रखें। आज आपको कुछ ऐसे ही नुस्खे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप इन सब समस्याओं से छुटकारा पा सकते है।

सर्दी-खांसी

Related : अधिक ठंड लगना नहीं है सामान्य

आइये जानते है ऐसे कौन-से नुस्खे हैं जिससे सर्दी-जुकाम जैसी बिमारियों से जल्द-से-जल्द छुटकारा पाया जा सकता है:-

हल्दी

हल्दी को गर्म करके नमक के साथ पानी में या दूध के साथ लेने से गले की खराश से और सर्दी जुकाम से राहत मिलती है। इसके अलावा हल्दी के साथ शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार खाने से भी यह प्रॉब्लम दूर होती है।

नींबू

दो (2) टेबलस्पून नींबू, 1 टेबलस्पून शहद और चुटकी भर काली मिर्च को मिलाकर खाने से पुरानी खांसी और गले की खराश से राहत मिलती है।

प्याज

सर्दी में प्याज को काटकर उसे सूघंने से बंद नाक खुल जाती है। इसके अलावा ½ टीस्पून प्याज में 1 टीस्पून शहद मिलाकर खाने से सर्दी-खांसी, जुकाम और गले की खराश दूर हो जाती है।

गाजर

गाजर का जूस में 2 टी-स्पून शहद मिलाकर पीने से शरीर गर्म रहता है और इससे सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी समस्याएं भी दूर होती है।

लहसुन

1 कप पानी में 2 कली लहसुन और 1 टीस्पून ऑरिगेनो को उबाल कर इसमें शहद मिलाकर दिन में 2 बार पीने से आपकी सर्दी-खांसी, जुकाम, गले की सूजन, दर्द और खराश जैसी परेशानी दूर होती है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
लाइफस्टाइल

क्या आप भी है जुकाम से परेशान?

क्या आप भी है जुकाम से परेशान? जानिए इसके मुख्य कारण


अगर आप भी जुकाम से परेशान है तो जाने उसके पीछे के मुख्य कारण. अक्सर मौसम बदलने के साथ ही हमारी तबीयत भी बिगड़ने लगती है। जिसके कारण हमें सबसे पहले बुखार और सर्दी जुखाम होने लगती है। ठंड के दिनों में ज्यादा ठंड में घूम लेने से या ज्यादा ठंड की वजह से हमें सर्दी और जुकाम हो जाती है। जो हमें बहुत ज्यादा परेशान करते है। जिसके कारण हमें कई जगह शर्मिंदा होना  पड़ता है। क्योंकि कई  बार हमें किसी प्रतिष्ठित स्थान में बैठे होते है। लेकिन सर्दी और जुकाम के कारण हमें  बार-बार छींक और खांसी होती है। जिससे की बात करने में दिक्कत पैदा होती है।
जल्दी ठीक न होने वाली जुकाम हमें बहुत परेशान करती है और पीड़ित असहज रहता है।

जुकाम से परेशान

तो चलिए आज आपको जुकाम और खासी के होने के कुछ कारण

धूम्रपान

धूम्रपान ज्यादा करने से भी जुकाम जल्दी ठीक नहीं होती है। इसके कारण नासिका क्षेत्र में कफ़ से भी हालत खराब हो जाती है।

ज्यादा व्यायाम

स्वस्थ रहने के लिए रोज व्यायाम करने बहुत जरुरी है। लेकिन जुकाम के समय यदि आप ज्यादा व्यायाम करते हैं तो आपका इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है, इससे जुकाम लंबे समय तक रहती है।

साइनसाइटिस

यदि आप नाक में संक्रमण और सूजन के कारण साइनसाइटिस से पीड़ित हैं तो जुकाम के लक्षणों का इलाज नहीं हो पाता है। जब कर कि साइनसाइटिस का इलाज न किया जाये।

एलर्जी

यदि आपको मिट्टी, जानवरों के फर, पराग आदि से एलर्जी है तो आपके नासिक क्षेत्र में कैविटी पैदा होती है जिससे जुकाम ज्यादा समय तक रहती है।

निमोनिया

निमोनिया ज्यादातर बच्चों को होता हैं। वैसे कई बड़े में भी यह बीमारी पाई जाती है। यदि आप निमोनिया से पीड़ित हैं तो आपका नासिका क्षेत्र नाजुक और इन्फेक्शन के प्रति संवेदनशील हो जाता है। इससे जुकाम जल्दी ठीक नहीं होती है।

सर्दी खांसी की दवा

हमें जब कभी भी थोड़ी सी सर्दी होती है। तो तुरंत सर्दी की दवा ले लेते है। ज्यादा दवाई के इस्तेमाल से नाक में सूजन हो जाती है। जिससे जुकाम ज्यादा समय तक रहती है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in