Categories
बिना श्रेणी

#MondayMotivation : कैसे महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को स्मृति ईरानी ने दी नई दिशा?

स्मृति ईरानी – मैकडॉनल्ड्स में वेटर की नौकरी करने से लेकर कैबिनेट मिनिस्टर बनने तक का सफ़र 


कहते है हर व्यक्ति का एक अतीत होता है और कुछ लोगों का अतीत ऐसा होता है जो दूसरों के लिए मिसाल बन जाता है। ऐसा ही अतीत रहा है हमारी टेलीविजन की स्टार और “सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी यानि स्मृति ईरानी का। जी हाँ, हम बात कर रहे है यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर स्मृति ईरानी की जिनका टेलीविज़न से लेकर राजनीति तक का सफर बहुत ही दिलचस्प रहा है।

वेट्रेस से मॉडलिंग और एक्टिंग का सफर 

मॉडलिंग से एक्टिंग और टेलेविज़न इंडस्ट्री की तुलसी राजनीति में अपने पैर ज़मा चुकी हैं। लेकिन क्या आप जानते है वो कभी मैकडॉनल्ड्स में वेटर की नौकरी करती थी। 23 मार्च 1976 को दिल्ली में जन्मी स्मृति ईरानी 3 बहनों में सबसे बड़ी होने के नाते बचपन से ही समझदार थी। होली चाइल्ड ऑक्जिलियम स्कूल से अपनी स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया। उसके बाद मिस इंडिया कॉम्पिटिशन और 1998 में मिस इंडिया पेजेंट फाइनलिस्ट में अपनी पहचान बनाने के बाद स्मृति ने मीका सिंह के साथ एक एल्बम ‘सावन में लग गई आग’ के गाने ‘बोलियां’ पर परफॉर्म किया। फिर उन्हें छोटे पर्दे पर “सास भी कभी बहू थी” में तुलसी की भूमिका मिली जिसे वो भारतीय महिलाओ के बीच एक प्रसिद्ध चेहरा बन गई।

राजनीति का सफर

एक्टिंग के बाद टीवी ने उन्हें ऐसी पहचान दी जिससे उन्हें राजनीति में एंट्री का मौका मिला और फिर शुरू हुआ उनका राजनीति का सफर जो अभी तक एक सफल दिशा में जा रह है। 2003 में स्मृति ईरानी ने भारतीय जनता पार्टी में आने का फैसला किया। एक साल बाद महाराष्ट्र की यूथ विंग का वाइस प्रेसिडेंट बनकर उन्होंने लोगों का विश्वास जीता। इसी विश्वास के दम पर वो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में टेक्सटाइल मिनिस्टर के पद पर कार्य कर रही हैं। इससे पहले वो केंद्र में मानव संसाधन मंत्री रह चुकी हैं।

और पढ़ें: वो कौन से काम है जो सक्सेसफुल लोगों को बनाते हैं ख़ास

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
पॉलिटिक्स

अमेठी दौरे के लिए राहुल गांधी को मिली अनुमति,

4-6 तक रहेंगे अमेठी में


कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी जाने के अनुमति मिल गई है। इस बात की जानकारी अमेठी के डीएम ने दी है।

राहुल गांधी

कार्यक्रम को रद्द करने की खबरें गलत है

अमेठी के डीएम ने एक पत्र जारी कहा है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम पर लगा प्रतिबंध गलत है। उनके कार्यक्रम में किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

एक नए लेटर में अमेठी ने डीएम योगेश कुमार ने लिखा है कि कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी के दौरे को रद्द करने की खबरें गलत है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को लेकर सिर्फ सलाह दी गई थी। रद्द करने को आदेश नही दिया गया। डीएम ने लिखा- माननीय सांसद के दौरे को रोकने की कोई कारवाई नहीं की गई। उन्होंने सिर्फ सुरक्षा की दृष्टि से अवगत कराया गया था।

आपको बता दें इससे पहले रविवरा को खबर आई थी कि प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को अनुमित देने से मना कर दिया था।

सुरक्षा देने से मना कर दिया था

कांग्रेस कमिटी को इस मामले में लिखित पत्र भेजा है जिसमें प्रशासन ने राहुल गांधी को किसी भी तरह की सुरक्षा देने से मना कर दिया था।

डीएम योगेश कुमार ने बताया था कि अमेठी जिले मे दुर्गा की मूर्ति विसर्जन दशहरे के पांचवे दिन करने की प्रथा है। इसी कारण यहां पर पांच छह अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन होना है। जिले में 896 मूर्तियां का विसर्जन होना है। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस पर सुरक्षा का बहुत दबाव है। इतना ही नहीं जिले की कुछ फोर्स भी दूसरे जिले में भेजी गई है।

जिसेस जिले में फोर्स कम है।

गौरतलब है कि राहुल गांधी इसी महीने की 4 और 6 को अमेठी के दौरे पर रहेंगे।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
पॉलिटिक्स भारतीये पॉलिटिक्स

यूपी विधानसभा चुनाव- पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला

पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला


यूपी में आज पांचवें चरण के चुनाव के लिए वोटिंग की जा रही है। पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला. पांचवें चरण में रानियों के बीच है मुकाबला वोटिंग सुबह सात बजे से शुरु हो गई है। पांचवे चरण के लिए 11 जिलों के 51 विधानसभा सीटें पर मतदान किया जा रहा है। दोपहर तीन बजे तक 49.43फीसदी मतदान हुआ था। बहराइज, गोडा, बस्ती, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर और कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले अमेठी में चुनाव हो रहा है। इस चरण के चुनाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने गोंडा, बस्ती और बहराइज में जनसभा भी की। अंबेडकरनगर जिले के आलापुर सीट से सपा प्रत्याशी की मृत्यु हो जाने स चुनाव निरस्त कर दिया गया है। अब यहां चुनाव आगामी 9 मार्च को होगा।

नतदान देने के लिए मतदाताओं की लंबी लाइऩ

किसने कहां डाला वोट

बीजेपी के स्टार प्रचारक विनय कटियार ने कटरा के पोलिंग बूथ पर वोट डाला। वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राम मंदिर भी जरुरी है। अमेठी के राजघराने के राजा संजय सिंह समेत दोनों रानियों अमिता और गरिमा सिंह ने भी मतदान किया। यूपी सरकार के गायत्री प्रजापति भी सुबह-सुबह पोलिंग बूथ पर वोटिं करने के लिए पहुंचे।

पांचवे चरण में सीटों का मामला

इस चरण में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन का खासतौर पर लिटमस टेस्ट होगा क्योंकि इस चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है उनमें करीब 80 प्रतिशत पर इन्हीं दलों का कब्जा है। साथ ही सपा और कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अमेठी और गौरीगंज विधानसभा सीटों पर आमने-सामने होने से दोनों पार्टियां दुविधा में है। कांग्रेस ने 11 जिलों में से सात जिलों में कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा है। जिसमें फैजाबाद, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती और बहराइज शामिल है।

अमेठी में रानियों के बीच मुकाबला

अमेठी में त्रिकोणियां मुकाबला है यहां कांग्रेस नेता संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह, बीजेपी से और दूसरी पत्नी अमिता सिंह कांग्रेस की टिकट पर मैदान में है। वहीं तीसरी ओर सपा के बहुचर्चित नेता गायत्री प्रजापति की पत्नी मैदान में है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at
info@oneworldnews.in