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PCOS : भारत की चार में से एक महिला पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से ग्रस्त

क्या होता है PCOS?


भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के आंकड़ों के अनुसार, चार में से एक महिला पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से ग्रस्त होती हैं। बेहद आम बीमारी होते हुए भी महिलाये इस बीमारी के लक्षणों और कारणों के बारे में नहीं जानती हैं। आइये जानते है क्या होती है पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर।

क्या है पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम/ पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर 
(PCOS/PCOD)-
पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) लड़कियों और महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्या है ।पीसीओएस या पीसीओडी एक ऐसी मेडिकल समस्या है जिसमे महिलाओ को मेटाबोलिक और हार्मोनल असंतुलन के कारण अन्य समस्याएं जैसे उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, चिंता और अवसाद, स्लीप एप्निया, दिल का दौरा, मधुमेह और एंडोमेट्रियल, स्तन कैंसर आदि हो जाता हैं।

जब किसी महिला की ओवरी (अंडाशय) में पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन महिलाओं के हार्मोन एस्ट्रोजन की तुलना में अधिक होता है तो उस समस्या को PCOS / PCOD कहते हैं। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में आमतौर पर महिला के शरीर में पुरुष हॉरमोन एण्ड्रोजन का स्तर बढ़ने से महिला की ओवरी में एक से ज्यादा सिस्ट बन जाते हैं।

PCOS/PCOD के लक्षण 

PCOS/PCOD के लक्षण पीरियड्स की समस्या से जुड़ें होते हैं। इसके अन्य लक्षण हैं –
• अत्यधिक वजन बढ़ना या कम होना
• पीरियड्स का अनियमित होना
• जरूरत से जायदा थकान
• फेसिअल हेयर ग्रोथ होना
• बालों का पतले होना
• पेल्विक दर्द उठना
• चेहरे और कमर पर मुंहासे
• सिर दर्द बने रहना
• नींद की समस्या
• गर्भधारण ना कर पाना
• मूड स्विंग होना आदि

PCOS के कारण 


पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के मुख्य तीन कारण होते हैं :
• अनुवांशिकता – जब किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे में यह बीमारी होती है तो इसे अनुवांशिक कहते हैं। इसमें बच्चा मां के जीन्स से इस बीमारी को अपने अंदर संचरित केर लेता हैं।

• इंसुलिन क्षमता –  जब किसी महिला का शरीर इंसुलिन को  शोषित करने की क्षमता को नहीं बनाये रख पाता या  इंसुलिन  प्रतिरोधि हो जाता हैं तो PCOS हो  जाती है। ऐसे में शरीर मवे कोशिकाएं इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाती है और इसके कारण डायबिटीज और मोटापे जैसी समस्याएं आती हैं।

• शरीर पर सूजन  – किसी महिला के शरीर में पुरुष हार्मोन का अधिक उत्पादन होने से सूजन आती है।

PCOS का उपचार करने के उपाय

• संतुलित आहार का सेवन
• वज़न कम करें
• तनाव से दूर रहें
• नियमित व्यायाम या मेडिटशन करे
• धूम्रपान और शराब  से दूर रहें

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लाइफस्टाइल

तनाव से छूटकारा पाने के लिए, ये करें

     आज के वक्‍त हर कोई तनाव जैसी समस्‍या से जुझ रहा है


आज कल भागती दौड़ती जिन्‍दगी में हम अपने के वक्‍त ही नहीं दे पाते है।  ऑफिस में काम का प्रेशर और घर में जिम्‍मेदारी का बोझ। ऐसी जिन्‍दगी में हम अपने हसंने और मन पसन्‍द कामों के लिए वक्‍त नहीं निकल पाते और ये ही हमारे स्ट्रेस  यानि टेंशन का कारण बन जाता है। आज के वक्‍त हर कोई तनाव जैसी समस्‍या से जुझ रहा है। इसका  कब और कितनी जल्‍द लेवल  बढ़ जाता है, ये हम डेली रुटीन में सही तरीके से मैनेज भी नहीं कर पाते हैं।  तनाव जैसी समस्‍या से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जो हम जरूरत पड़ने पर आसानी से कर सकें।

तनाव

आज हम आप को बताएंगे कुछ ऐसे काम जो आप आसानी से कर सकते है। साथ ही उससे आपकीटेंशन  भी कम हो जाएगा।

  • जब आप  टेंशन महसूस करें तो सिर्फ पांच मिनट आंख बन्‍द कर के चुप-चाप बैठ जाएं। उस के बाद आप अच्‍छा महसूस करेंगी।
  • टेंशन होने पर तीन बार गहरी सांस यानि डीप ब्रीदिंग लें।
  • अगर आप ऑफिस में है और टेंशन महूसस कर रहे है तो थोड़ा ठंडा पानी पिएं। उस के आप अच्‍छा महूसस करेंगी।
  • हाथ – पैर फैलाकर दो से तीन तक स्‍ट्रेचिंग करें।
  • कुछ लोग तनाव में लाइट म्‍यूजिक सुना पसन्‍द करते है। गाने सुने से आप खुद को टेंशन  से दूर महूसस करते है।  इसलिए तनाव में अपने मनपसंद गाना सुन सकते है।
  • टेंशन में हम हसंना भूल जाते है, इसलिए तनाव के वक्‍त खूब हसंने की कोशिश करें।
  • एक हफ्ते में से एक दिन अपने उन दोस्‍तों के साथ बिताएं, जिनके साथ वक्‍त बिताना आप को अच्‍छा लगता है।
  • अगर आप को किताब पढ़ने का शौक है, तो आप किताब भी पढ़़ सकते है।

कुछ लोग तनाव दूर करने के लिए शराब और सिगरेट का सहरा लेते है, मगर ऐसा ना करें। सिगरेट और शराब ना पिएं , इससे तनाव दूर नहीं होता है।