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लाइफस्टाइल

सर्दियों में क्रिएटिव इंटीरियर डेकोरेशन से रखें घर को गर्म!

अपने घर को बनाएं और भी सुंदर


सर्दियों का मौसम आते ही ठंडी हवा से बचने के लिए लोगों ने स्वेटर और जैकेट निकाल ही लेते हैं। शरीर को गर्म रखने के लिए लोगों ने अपनी पूरी तैयारी कर ही ली है लेकिन अपने आसपास के वातावरण में गर्माहट पैदा करने के लिए क्या-क्या तैयारियां की हैं? जैसे गर्मी में अलग कपड़े और रंग-बिरंगे रंग मन को भाते हैं उसी तरह ठंड में भी इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। घर का भी इंटिरियर ऐसा हो जो मौसम में गरमाहट लाएं।

डेकोरेटिव इंटीरियर

घर में गर्माहट बरक़रार रखने के लिए इंटिरियर के कुछ टिप्स:-

  • अधिकतर घरों में प्लास्टिक वाले डाइनिंग कवर और सोफा कवर ही काम में लेते है। लेकिन सर्दी के मौसम में क्रोशिया बुने सोफा कवर, मेजपोश आदि भी काफी आकर्षक दिखते हैं। पुराने स्वेटर का इस्तेमाल करके कुशन, तकिया, फुट-मैट, डेकोरेशन पीसेस आदि बना सकते हैं।
  • रंगों का हमारे लाइफ और मूड पर भी बहुत प्रभाव डालते है। गर्मी में हल्के रंग आंखों का सुकून देते हैं तो सर्दी के मौसम में गर्माहट भरे रंग जैसे नारंगी, लाल व नीला आदि को अपने घर की सजावट करनी चाहिए। इनके अलावा गहरे रंग जैसे पीला, चॉकलेटी, गाढ़ा भूरा रंग सजावट में काम में ले। ये घर को गर्माहट के एहसास से भर देंगे।
  • ठंड के मौसम में घर में परदे, बेडशीट, कुशन कवर आदि में वेलवेट, फॉक्स और फर जैसे फैब्रिक का इस्तेमाल करें। इस तरह के फैब्रिक से न सिर्फ घर को शाही अंदाज मिलेगा बल्कि आपको भी ठंड भी कम लगेगी। इसके अतिरिक्त कश्मीरी कढ़ाई या फिर वेलवेट पर जरदोजी के काम वाले पर्दे शालीन व राजसी शान देते हैं और सर्दियों के मौसम के लिए बेहद उपयुक्त होते हैं।
  • सर्दी के मौसम में फर्श बहुत ठंडी हो जाती है। ऐसे में ठंड से बचने और घर को गर्माहट से भरने के लिए ठंड के मौसम में कालीन को अपने घर के इंटीरियर का हिस्सा जरूर बनाएं। चाहें तो छोटे-छोटे डोर-मैट्स को एक साथ जोडक़र भी कालीन जैसा रूप दे सकती हैं।
  • घर में बौन-फायर के होने से घर का तापमान संतुलित रहता है। इसलिए घर में यह जरूर होना चाहिए। और हो सके तो अपने फर्नीचर को बोनफायर के आसपास ही रखें।
  • घर में एक-दो बड़े साइज के इंडोर पौधे जैसे एरिका पम या फिर क्रिसमस ट्री जैसे खूबसूरत गमलों से कमरे को सजा सकते हैं। पौधों को कमरे के कोने में रखकर उनको कुछ रंग-बिरंगी फेयरी लाइट्स से सजा सकते हैं। ये जलती-बुझती रोशनी ठंडी रातों में गर्माहट का एहसास कराएगी। सर्दियों में गेंदा, गुलदाउदी, पैंजी, पिटुनिया के रंग-बिरंगे फूलों के गमले भी बेहद खूबसूरत दिखते हैं।

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स्वादिष्ट पकवान

इस कड़कड़ाती ठंड में लें चटनी का मजा

इस कड़कड़ाती ठंड में लें चटनी का मजा


अच्छा खाना हर किसी का शौक होता है। कई लोग तो ऐसे भी होते है कि अच्छा खाना खाने के कारण खुद ही बनाना पसंद करते है। बदलते मौसम के साथ खाने की वैराइटी में भी बदलाव आ जाता है। बदलते मौसम के साथ बाजार में साग सब्जी में बदलाव आ जाता है। गर्मी के दिनों में भिंडी और ठंड में गोभी सब्जी बाजार की रौनक को बढ़ाती है। ठंड में लोग ज्यादातर स्टफ पराठे खाना पसंद करते है। गर्म- गर्म पराठों के साथ अगर चटनी हो तो खाने का स्वाद भी बढ़ जाता है। तो चलिए आज आपको विभिन्न प्रकार की चटनी के बारे में बताते है जिसे आप गर्म-गर्म पराठे के साथ खा सकते हैं।

धानिया पत्ता टमाटर की चटनी

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चने दाल की चटनी

चने की दाल को तवे में तेल डालकर फ्राई करें। उसे थोड़ी देर के लिए पानी भी भींगा दें। उसके बाद प्याज हरी मिर्च और चने दाल को मिक्स करें लें। उसके बाद उसे नमक डालकर ग्रैंड कर लें।

मूंगफली की चटनी

मूंगफली दाने के छिलके को अलग करके थोड़ी देर के लिए पानी में भींगा दे। उसके बाद प्याज और हरी मिर्च के साथ अच्छे तरह से ग्रैंड कर ले। अगर आपको थोड़ा खट्टा खाने की इच्छा रखते है तो अनारदाना भी चटनी में ग्रैंड कर लें।

धानिया पत्ता टमाटर की चटनी

ठंडी के दिनों में लगभग हर घर में बनने वाली धानिया पत्ता और टमाटर की चटनी सबसे आसान तरीके से और सबसे जल्दी बन जाती है। लेकिन इसमें में कई तरह के स्वाद बदले जा सकते है। अगर आप कच्चा लहसून खाना पसंद करते है तो इस चटनी की सामग्री में इसे भी शामिल कर सकते है। कच्चा लहसून सेहत के लिए भी अच्छा होता है। कच्चा लहसून खाने से जोड़ो की दर्द से भी राहत मिलती है। इसे बनाने का तरीका भी बड़ा आसान है। धानिया पत्ता, टमाटर, हरी मिर्च, लहसून, प्याज को अच्छी तरह धोकर काट लें और ग्रैंडर में स्वादानुसार नमक डालकर ग्रैंड कर लें।

पोस्तु की चटनी

वैसे तो पोस्तु चटनी गर्मी के दिनों के लिए बहुत ही लाभकारी होती है। लेकिन अपने स्वाद के लिए ठंड में भी खा सकते है। इसे बनाने का तरीका भी बड़ा आसान है। सबसे पहले चने दाल और पोस्तु को अलग-अलग धीमी आंच में भून लें। इसे एक बर्तन में निकालकर पानी में भींगा लेते हैं। ताकि दोनों चीजें थोड़ी नरम हो जाएं जिससे की वह आसानी से ग्रैंड हो जाएं। थोड़ी देर भीगने के बाद कुछ लहसून की कलियां, हरी मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर सबको मिक्स करके ग्रैंड कर लें।

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सेहत

अधिक ठंड लगना नहीं है सामान्य

ठंड का समय है तो जायज सी बात हैं सभी को सर्दी लगती होगी पर कभी-कभी कुछ लोगों को हर समय ठंड सभी के मुकाबले अधिक लगती हैं…. आपको बतादें अधिक सर्दी लगना सामान्य बात नहीं है। आपने कुछ लोगों को देखा होगा जो गर्मी में भी ऐ.सी चलाने से डरते है, ठंड में दो कंबल ओढ़े बिना जिसके पैर गर्म ही नहीं होते। या फिर उसके हाथ-पैर ज्यादातर बर्फ के जैसे ठंडे रहते हैं।
इस तरह के सभी लक्षण सामान्य बिलकुल भी नहीं हैं। हमारे शरीर का औसत तापमान लगभग 98.6 डिग्री होता है। वैसे पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा ठंड लगती है, क्योंकि उनकी शारीरिक बनावट ही कुछ इस तरह की होती है। पर अगर आप बहुत ज्यादा ठंड लगने की समस्या से लंबे समय से पीडि़त हैं तो आपको डॉक्टर के पास जाकर अपनी समस्या जाननी चाहिए….

बहुत ज्यादा ठंड लगने से हो सकती है यह समस्या:

· अगर शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम होने से ठंड ज्यादा लगने लगती है तो यह डायबिटीज की बीमारी की तरफ संकेत कर सकता है।

· अगर आपका वजन आपकी लंबाई के हिसाब से कम है तो आपको सर्दी भी बहुत लगती होगी। वजन कम होने के कारण आपके शरीर में वसा भी कम है, जिससे शरीर गर्म नहीं रह पाता।

· कम वजन का सीधा संबंध इस बात से भी है कि आप खाना बहुत कम खा रहे हैं। इस वजह से मेटाबॉलिज्म बाधित होता है और शरीर पर्याप्त गर्मी उत्पन्न नहीं कर पाता और आपको ठंड अधिक लगती हैं।

· आपके हाथ-पैरों अगर हमेशा ठंडे रहते हैं और कंबल ओढने के बाद भी हाथ-पैरों गर्म नहीं होते तो, हो सकता है कि आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो रहा है।

· ठंड अधिक लगने पर दिल से जुड़ी काफी सारी समस्याएं आपको हो सकती है।