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मलेशिया को 3-1 से हराकर भारत का फाइनल टिकट पक्का, Junior Asia Cup में बरकरार दबदबा

Junior Asia Cup, भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए Junior Asia Cup 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। चीन के मोकी में शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 3-1 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही मौजूदा चैंपियन भारत लगातार चौथी बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गया है।

Junior Asia Cup : मलेशिया को मात देकर भारत ने लगातार चौथी बार फाइनल में बनाई जगह

Junior Asia Cup, भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए Junior Asia Cup 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। चीन के मोकी में शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 3-1 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही मौजूदा चैंपियन भारत लगातार चौथी बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गया है। अब भारतीय टीम की नजर खिताब बचाने और एशिया में अपनी बादशाहत कायम रखने पर है। भारत की जीत में कप्तान और ड्रैग-फ्लिकर अनमोल एक्का का प्रदर्शन सबसे खास रहा। उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल किए। इसके अलावा सुखविंदर सिंह ने भी एक फील्ड गोल करके टीम की जीत को मजबूत किया। मलेशिया की ओर से मुकाबले के अंतिम मिनट में एक गोल आया, लेकिन तब तक भारत की जीत लगभग तय हो चुकी थी।

चौथी बार फाइनल में पहुंचा भारत

मलेशिया के खिलाफ 3-1 की जीत भारतीय जूनियर हॉकी के लिए खास उपलब्धि है। टीम अब लगातार चौथी बार Junior Asia Cup के फाइनल में पहुंची है। भारत इससे पहले 2015, 2023 और 2024 में यह खिताब जीत चुका है। मौजूदा टीम अब लगातार चौथा फाइनल खेलकर एक और ट्रॉफी अपने नाम करने की कोशिश करेगी। भारत के लगातार फाइनल में पहुंचने से यह भी साबित होता है कि देश की जूनियर हॉकी में लगातार मजबूत प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। युवा खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया है और सेमीफाइनल में भी टीम ने शुरुआत से ही मलेशिया पर दबाव बनाए रखा।

अनमोल एक्का बने जीत के हीरो

भारतीय कप्तान अनमोल एक्का इस टूर्नामेंट में लगातार शानदार फॉर्म में हैं। मलेशिया के खिलाफ उन्होंने दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। इन दो गोल के साथ ही टूर्नामेंट में उनके गोलों की संख्या 16 हो गई है और वह गोल स्कोरिंग चार्ट में शीर्ष पर बने हुए हैं। अनमोल इससे पहले भी भारतीय टीम के लिए कई महत्वपूर्ण मौकों पर गोल कर चुके हैं। चीनी ताइपे के खिलाफ पूल मुकाबले में उन्होंने छह गोल दागकर सनसनी मचा दी थी। उस मैच में भारत ने 15-0 से जीत हासिल की थी और अनमोल के टूर्नामेंट गोलों की संख्या 14 पहुंच गई थी। मलेशिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भी उनकी ड्रैग-फ्लिक भारत के लिए निर्णायक साबित हुई। कप्तान की इस निरंतरता ने भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

भारत ने कैसे हासिल की 3-1 की जीत?

सेमीफाइनल में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धी रहा और मलेशिया ने भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि भारतीय टीम ने अपना संयम बनाए रखा। गोलकीपर विवेक लाकड़ा ने भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए। उन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक को रोककर टीम की बढ़त बनाए रखने में अहम योगदान दिया और उन्हें मुकाबले का ‘Player of the Match’ चुना गया। दूसरे हाफ में भारत ने अपनी बढ़त और मजबूत की। सुखविंदर सिंह ने 51वें मिनट में फील्ड गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद अनमोल एक्का ने अपना दूसरा गोल करते हुए भारत को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। मलेशिया ने आखिरी मिनट में एक गोल जरूर किया, लेकिन भारतीय टीम ने उसके बाद कोई गलती नहीं की और मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया।

गोलकीपर विवेक लाकड़ा का भी अहम योगदान

सेमीफाइनल में केवल गोल करने वाले खिलाड़ियों ने ही नहीं, बल्कि भारतीय गोलकीपर विवेक लाकड़ा ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मलेशिया को कई मौकों पर गोल करने का अवसर मिला, लेकिन लाकड़ा ने महत्वपूर्ण बचाव करते हुए भारतीय बढ़त को सुरक्षित रखा। सबसे खास मौका तब आया जब मलेशिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। लाकड़ा ने इसे रोककर भारत को बड़ा झटका लगने से बचाया। यही वजह रही कि उन्हें मुकाबले के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार मिला।

पूल चरण में भी दिखा था भारत का दबदबा

भारतीय टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर शानदार रिकॉर्ड के साथ तय किया। टूर्नामेंट के पूल चरण में भारत ने शानदार आक्रामक हॉकी खेली। दक्षिण कोरिया के खिलाफ टीम ने 7-3 से जीत दर्ज की थी, जबकि चीनी ताइपे को 15-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। चीनी ताइपे के खिलाफ कप्तान अनमोल एक्का ने छह गोल किए थे। इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया था कि भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका आक्रामक खेल और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की क्षमता है।

अब फाइनल में दक्षिण कोरिया से मुकाबला

मलेशिया को हराने के बाद भारत का सामना अब फाइनल में दक्षिण कोरिया से होगा। दक्षिण कोरिया ने दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। Asian Hockey Federation के मुताबिक, अब Junior Asia Cup 2026 का फाइनल भारत और दक्षिण कोरिया के बीच खेला जाएगा। भारत के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि टीम लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंची है और वह मौजूदा चैंपियन भी है। ऐसे में खिलाड़ियों पर खिताब बचाने का दबाव रहेगा, लेकिन सेमीफाइनल में मलेशिया के खिलाफ मिली जीत से टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है।

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खिताब बचाने की चुनौती

भारत ने पिछली तीन बार फाइनल में पहुंचकर 2015, 2023 और 2024 में खिताब जीते हैं। अब टीम की कोशिश लगातार चौथी बार फाइनल जीतकर ट्रॉफी अपने नाम करने की होगी। फाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत को अपनी डिफेंस लाइन को और मजबूत रखना होगा। साथ ही पेनल्टी कॉर्नर के मौकों को गोल में बदलना भी अहम होगा। अनमोल एक्का की मौजूदा फॉर्म भारत के लिए बड़ी उम्मीद है।

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जूनियर हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि

भारत का लगातार चौथी बार Junior Asia Cup के फाइनल में पहुंचना देश की जूनियर हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह टूर्नामेंट सिर्फ एशियाई खिताब के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा मंच भी देता है। इन खिलाड़ियों में से कई भविष्य में भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे में अनमोल एक्का, विवेक लाकड़ा और बाकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए भी अहम माना जा रहा है। Junior Asia Cup 2026 में भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जूनियर हॉकी में वह एशिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। मलेशिया को 3-1 से हराकर लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंचना टीम की निरंतरता और मजबूती को दिखाता है। अनमोल एक्का के 16 गोल और विवेक लाकड़ा के शानदार बचाव भारत की इस यात्रा के प्रमुख आकर्षण रहे हैं। अब खिताब के लिए भारत का सामना दक्षिण कोरिया से होगा। भारतीय टीम के पास लगातार चौथी बार फाइनल जीतने और जूनियर एशिया कप में अपनी बादशाहत कायम रखने का मौका है। फैंस की नजरें अब इस खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं, जहां युवा खिलाड़ी एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।

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