Jai Shri Mahakal: महाकाल की शरण में ViratKohli: निर्णायक मुकाबले से पहले उज्जैन में की पूजा-अर्चना
Jai Shri Mahakal:न्यूजीलैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे से पहले विराट कोहली उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। कुलदीप यादव और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के साथ भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल से जीत और सफलता की प्रार्थना की।
Jai Shri Mahakal:निर्णायक मैच से पहले उज्जैन पहुंचे ViratKohli, महाकाल मंदिर में की पूजा-अर्चना।
Jai Shri Mahakal: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस समय अपने करियर के एक अहम दौर से गुजर रहे हैं। मैदान पर उनकी पहचान जहां एक आक्रामक और जुनूनी खिलाड़ी की रही है, वहीं पिछले कुछ वर्षों में उनका आध्यात्मिक रुझान भी साफ तौर पर नजर आने लगा है। क्रिकेट के साथ-साथ भक्ति और आस्था की राह पर बढ़ते विराट एक बार फिर चर्चा में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले विराट कोहली उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की।
कुलदीप यादव और कोच टी. दिलीप भी रहे साथ
ViratKohli के साथ इस पावन अवसर पर भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव और फील्डिंग कोच टी. दिलीप भी मौजूद रहे। तीनों ने मंदिर परिसर में शांत वातावरण में पूजा की और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। यह दौरा सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि बड़े मुकाबले से पहले मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
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भस्म आरती में शामिल होकर लिया आशीर्वाद
शनिवार सुबह करीब चार बजे ViratKohli और KuldeepYadav महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां भस्म आरती में भाग लिया, जिसे महाकाल मंदिर की सबसे पवित्र और विशेष आरती माना जाता है। दोनों खिलाड़ी करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर आरती का दर्शन करते रहे। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने उनके माथे पर चंदन का तिलक लगाया और उन्हें आशीर्वाद दिया। पूरा माहौल श्रद्धा, भक्ति और शांति से भरा हुआ नजर आया।
“Jai Shri Mahakal” से गूंजा मंदिर परिसर

मंदिर से बाहर निकलते समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और पुजारियों के साथ सुरक्षा अधिकारी विराट को घेरे हुए थे। जब एक रिपोर्टर ने उनका अभिवादन किया तो विराट कोहली ने मुस्कराते हुए “Jai Shri Mahakal” कहा। यह शब्द न सिर्फ उनकी आस्था को दर्शाता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक बन गया। KuldeepYadav ने भी मंदिर दर्शन के बाद कहा कि महाकाल के दर्शन कर उन्हें बहुत अच्छा लगा और उन्होंने भगवान से यही प्रार्थना की कि क्रिकेट और जीवन दोनों में अच्छा करने की शक्ति मिले।
निर्णायक मुकाबले से पहले आध्यात्मिक तैयारी
वनडे सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबरी पर है और अब 18 जनवरी को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच निर्णायक मुकाबला खेला जाना है। ऐसे में विराट और कुलदीप का मंदिर जाना यह दर्शाता है कि खिलाड़ी केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी खुद को मजबूत करने में विश्वास रखते हैं। क्रिकेट के बड़े मुकाबलों से पहले मंदिर, गुरुद्वारे या किसी धार्मिक स्थल पर जाना कई खिलाड़ियों की परंपरा रही है। विराट कोहली भी इसी परंपरा को निभाते नजर आए।
भक्ति और क्रिकेट का सुंदर संगम
ViratKohli का यह दौरा एक बार फिर साबित करता है कि उनके जीवन में भक्ति और क्रिकेट दोनों का विशेष स्थान है। मैदान पर आक्रामकता और जुनून दिखाने वाले विराट निजी जीवन में बेहद शांत और आध्यात्मिक सोच रखने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आते हैं। उनका महाकाल मंदिर पहुंचना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आने वाले बड़े मुकाबले से पहले आत्मविश्वास, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रयास भी है।
निष्कर्ष
Jai Shri Mahakal की शरण में पहुंचकर विराट कोहली और KuldeepYadav ने यह संदेश दिया कि जीत के लिए सिर्फ अभ्यास और रणनीति ही नहीं, बल्कि आस्था और मन की शांति भी जरूरी होती है। अब सभी की निगाहें इंदौर में होने वाले निर्णायक वनडे पर टिकी हैं, जहां टीम इंडिया के प्रदर्शन से यह देखना दिलचस्प होगा कि महाकाल का आशीर्वाद मैदान पर कैसे रंग लाता है।
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