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IPL देखने जाना होगा सस्ता? फ्रेंचाइज़ियों की बड़ी पहल

IPL, भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा जुनून है। खासकर Indian Premier League का हर सीजन फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता।

महंगे IPL टिकट से मिलेगी राहत? सरकार से टैक्स घटाने की अपील

IPL, भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा जुनून है। खासकर Indian Premier League का हर सीजन फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता। लेकिन हाल के वर्षों में IPL टिकट की बढ़ती कीमतों ने कई फैंस को स्टेडियम से दूर कर दिया है। अब इस मुद्दे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है IPL फ्रेंचाइजी टीमों ने सरकार से टिकटों पर लगने वाले GST को कम करने की मांग की है।

वित्त मंत्रालय के सामने रखी गई बड़ी मांग

Board of Control for Cricket in India से जुड़े IPL फ्रेंचाइजी मालिकों ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि IPL मैचों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के समान दर्जा दिया जाए।उनका कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय मैचों पर कम टैक्स लगता है, तो IPL को अलग श्रेणी में रखकर ज्यादा टैक्स लगाना उचित नहीं है। इसीलिए उन्होंने मौजूदा 40% GST को घटाकर 18% करने की मांग की है।

40% GST और ‘डी-मेरिट’ श्रेणी का विवाद

पिछले साल सितंबर में GST नियमों में बदलाव के बाद IPL टिकटों को ‘डी-मेरिट’ (De-merit) श्रेणी में रखा गया था। इस श्रेणी में आने वाले उत्पादों और सेवाओं पर 40% तक का टैक्स लगाया जाता है।आमतौर पर इस तरह का टैक्स उन चीजों पर लगाया जाता है, जिन्हें ‘सिन गुड्स’ यानी समाज के लिए हानिकारक माना जाता है जैसे तंबाकू, सिगरेट, जुआ, कैसीनो और पान मसाला।IPL टीमों का तर्क है कि एक खेल आयोजन को ऐसी श्रेणी में रखना न केवल अनुचित है, बल्कि खेल और मनोरंजन उद्योग के लिए गलत संदेश भी देता है।

टीमों के चार बड़े तर्क

1. अंतरराष्ट्रीय मैचों जैसा दर्जा मिले

टीमों का कहना है कि जब Board of Control for Cricket in India द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों (जैसे थिएटर और शास्त्रीय नृत्य) पर सिर्फ 18% GST लगता है, तो IPL के साथ अलग व्यवहार क्यों?

2. खेलों के विकास पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि 40% जैसा भारी टैक्स खेलों के विकास में बाधा बन सकता है। IPL केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह नए खिलाड़ियों को मंच देने और क्रिकेट के स्तर को बेहतर बनाने का भी एक बड़ा जरिया है।

3. अर्थव्यवस्था को मिलता है बढ़ावा

IPL से केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि पर्यटन, होटल, ट्रांसपोर्ट और फूड इंडस्ट्री को भी जबरदस्त फायदा होता है। बड़ी संख्या में लोग मैच देखने के लिए शहरों में आते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।भारी टैक्स इस पूरे इकोसिस्टम की ग्रोथ को धीमा कर सकता है।

4. वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहना जरूरी

आज अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देश भी क्रिकेट में निवेश कर रहे हैं। ऐसे में भारत को अपनी वैश्विक नेतृत्व स्थिति बनाए रखने के लिए टैक्स ढांचे को प्रतिस्पर्धी बनाना होगा।अगर टैक्स ज्यादा रहेगा, तो इससे निवेश और दर्शकों की संख्या दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?

टैक्स और फाइनेंस के क्षेत्र के विशेषज्ञ भी इस मुद्दे पर अपनी राय दे रहे हैं। EY के पार्टनर बिपिन सपरा का कहना है कि IPL जैसे बड़े खेल आयोजनों पर 40% टैक्स लगाना नकारात्मक संदेश देता है और इससे इंडस्ट्री की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।वहीं, PwC के पार्टनर प्रतीक जैन के अनुसार, भारत क्रिकेट का ग्लोबल लीडर है, लेकिन अत्यधिक टैक्स इस बढ़त को कमजोर कर सकता है।

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क्या सच में सस्ते होंगे IPL टिकट?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फैंस को राहत मिलेगी?सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव को GST काउंसिल के सामने रखा जाएगा। आने वाली 57वीं GST काउंसिल बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।अगर सरकार इस मांग को मान लेती है और GST दर 40% से घटाकर 18% कर दी जाती है, तो IPL टिकट की कीमतों में अच्छी-खासी कमी आ सकती है। इसका सीधा फायदा दर्शकों को मिलेगा और ज्यादा लोग स्टेडियम में जाकर मैच का आनंद ले सकेंगे।

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फैंस और इंडस्ट्री के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

यह फैसला सिर्फ टिकट की कीमतों तक सीमित नहीं है। इसका असर पूरे स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर पड़ेगा।

  • फैंस के लिए मैच देखना सस्ता होगा
  • स्टेडियम में दर्शकों की संख्या बढ़ेगी
  • स्थानीय कारोबार को फायदा मिलेगा
  • खेल को और बढ़ावा मिलेगा

Indian Premier League टिकट पर GST घटाने की मांग एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। फ्रेंचाइजी टीमों का मानना है कि IPL को ‘सिन गुड्स’ की श्रेणी में रखना सही नहीं है और इससे खेल के विकास पर असर पड़ता है।अब सबकी नजर GST काउंसिल के फैसले पर टिकी है। अगर सरकार टैक्स घटाने का फैसला लेती है, तो यह न सिर्फ फैंस के लिए खुशखबरी होगी, बल्कि भारतीय क्रिकेट और उससे जुड़े उद्योगों के लिए भी एक बड़ा सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।

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