BWF Championships 2026: लक्ष्य सेन को 92वें नंबर के खिलाड़ी ने हराया, मचा बड़ा उलटफेर
BWF Championships 2026, भारत में चल रही BWF World Championships 2026 से भारतीय बैडमिंटन फैंस के लिए निराशाजनक खबर सामने आई है। भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन को पुरुष एकल के दूसरे दौर में अमेरिका के 18 वर्षीय खिलाड़ी गररेट टैन के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
BWF World Championships 2026: लक्ष्य सेन का वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना टूटा, गररेट टैन ने दी करारी शिकस्त
BWF Championships 2026, भारत में चल रही BWF World Championships 2026 से भारतीय बैडमिंटन फैंस के लिए निराशाजनक खबर सामने आई है। भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन को पुरुष एकल के दूसरे दौर में अमेरिका के 18 वर्षीय खिलाड़ी गररेट टैन के हाथों हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टैन ने जोरदार वापसी करते हुए लक्ष्य को 19-21, 21-19, 21-17 से हराया। मुकाबला करीब 73 मिनट तक चला। लक्ष्य सेन को टूर्नामेंट में 14वीं वरीयता मिली थी, जबकि उनके सामने दुनिया के 92वें नंबर के खिलाड़ी गररेट टैन थे। ऐसे में मुकाबले से पहले लक्ष्य को मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने बेहतरीन धैर्य, आक्रामक खेल और कोर्ट कवरेज के दम पर बड़ा उलटफेर कर दिया।
दिल्ली में हो रही है BWF World Championships 2026
BWF World Championships 2026 का आयोजन 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है। भारत करीब 17 साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले देश ने 2009 में विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। घरेलू जमीन पर भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं। लक्ष्य सेन, पीवी सिंधु, आयुष शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी भारतीय अभियान की प्रमुख उम्मीदों में शामिल है। हालांकि लक्ष्य के जल्दी बाहर होने से पुरुष एकल में भारत को बड़ा झटका लगा है।
पहले मुकाबले में लक्ष्य ने किया था शानदार कमबैक
लक्ष्य सेन का टूर्नामेंट का शुरुआती मुकाबला भी आसान नहीं रहा था। उन्होंने ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की थी। लक्ष्य ने पहला गेम 16-21 से गंवाया, लेकिन इसके बाद अगले दोनों गेम 21-8 और 21-4 से जीतकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी।इस जीत के बाद उम्मीद थी कि लक्ष्य घरेलू दर्शकों के सामने अपने अभियान को आगे बढ़ाएंगे। दूसरे दौर में उनका सामना अमेरिका के गररेट टैन से हुआ, जो अपने पहले विश्व चैंपियनशिप अभियान में खेल रहे थे।
गररेट टैन ने किया बड़ा उलटफेर
दूसरे दौर के मुकाबले में लक्ष्य सेन ने पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया। इसके बाद ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर लेंगे। लेकिन टैन ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की और 21-19 से गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। निर्णायक गेम में अमेरिकी खिलाड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। लक्ष्य ने वापसी की कोशिश की, लेकिन टैन ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीसरा गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया। इस तरह उन्होंने 73 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में लक्ष्य को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
घरेलू दर्शकों के सामने मिली निराशा
लक्ष्य सेन को दिल्ली में घरेलू दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा था। स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वह विश्व चैंपियनशिप में लंबा सफर तय करेंगे। लेकिन गररेट टैन के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय दर्शकों को निराश कर दिया।टैन के लिए यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने न सिर्फ एक वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया, बल्कि अपने पहले विश्व चैंपियनशिप अभियान में बड़ा उलटफेर भी कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, टैन ने भारत आने से पहले शुक्रवार की वापसी की फ्लाइट तक बुक कर रखी थी, लेकिन अब उनकी शानदार जीत के बाद उन्हें अपना कार्यक्रम बदलना पड़ सकता है।

लक्ष्य के लिए क्यों बड़ा झटका है यह हार?
लक्ष्य सेन विश्व स्तर पर भारत के प्रमुख पुरुष एकल खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं और बड़े टूर्नामेंटों में दबाव झेलने का अनुभव रखते हैं। ऐसे में दुनिया के 92वें नंबर के खिलाड़ी से हार उनके लिए निश्चित तौर पर निराशाजनक परिणाम है।घरेलू परिस्थितियों और दर्शकों के समर्थन के कारण लक्ष्य से इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। लेकिन बैडमिंटन में रैंकिंग हमेशा जीत की गारंटी नहीं देती। टैन ने निर्णायक गेम में अपनी रणनीति और मानसिक मजबूती का शानदार परिचय दिया।
दिल्ली की ‘ड्रिफ्ट’ बनी चुनौती
इस विश्व चैंपियनशिप के दौरान कोर्ट की परिस्थितियां भी चर्चा में रही हैं। इंडोर स्टेडियम में एयर-कंडीशनिंग और हवा के प्रवाह के कारण शटल की गति और दिशा में बदलाव महसूस किया गया है। इसे बैडमिंटन की भाषा में ‘ड्रिफ्ट’ कहा जाता है।कई खिलाड़ियों और कोचों ने कोर्ट की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की चुनौती का जिक्र किया है। ऐसे माहौल में शॉट की टाइमिंग और दिशा पर नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। लक्ष्य ने अपने पहले मुकाबले में भी कोर्ट की परिस्थितियों से तालमेल बैठाने में शुरुआती परेशानी का सामना किया था। हालांकि उन्होंने वापसी करते हुए मैच जीत लिया था। दूसरे दौर में भी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन इस बार वह निर्णायक गेम में मुकाबला अपने पक्ष में नहीं कर सके।
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भारत की उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं
लक्ष्य सेन के बाहर होने के बावजूद भारत का अभियान अभी जारी है। पीवी सिंधु और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने अपने मुकाबले जीतकर प्री-क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई है। आयुष शेट्टी ने टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शी यू ची को भी हराया था। पीवी सिंधु ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में प्रवेश किया है। अब उनकी नजर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने पर है। वहीं पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी से भी भारत को काफी उम्मीदें हैं। 20 अगस्त को भारतीय खिलाड़ियों के कई अहम मुकाबले निर्धारित हैं।
युवा गररेट टैन के लिए बड़ी उपलब्धि
गररेट टैन की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में एक अनुभवी और वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया है। महज 18 साल की उम्र में टैन ने दबाव वाले मुकाबले में जिस तरह अपना संयम बनाए रखा, उसने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। पहला गेम हारने के बाद वापसी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। लेकिन टैन ने दूसरे गेम में लक्ष्य की रणनीति को समझते हुए लगातार दबाव बनाया। तीसरे गेम में भी उन्होंने अपनी गति और आक्रामकता को बनाए रखा और अंत में मुकाबला अपने नाम कर लिया।
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विश्व चैंपियनशिप में लक्ष्य का सफर यहीं खत्म
इस हार के साथ BWF World Championships 2026 में लक्ष्य सेन का अभियान समाप्त हो गया है। वह राउंड ऑफ 32 से आगे नहीं बढ़ सके। हालांकि पहले मुकाबले में शानदार वापसी ने उनकी क्षमता और संघर्ष की झलक जरूर दिखाई।अब भारतीय फैंस की नजर टूर्नामेंट में बचे हुए खिलाड़ियों पर होगी। सिंधु, आयुष शेट्टी और सात्विक-चिराग की जोड़ी से पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं। लक्ष्य के बाहर होने के बाद भारतीय बैडमिंटन टीम के लिए आगे के मुकाबले और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।कुल मिलाकर, दिल्ली में हो रही BWF World Championships 2026 में लक्ष्य सेन का सफर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। 14वीं वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी को 92वें नंबर के गररेट टैन ने तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। अब देखना होगा कि टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी घरेलू दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।
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