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पॉलिटिक्स

Mizoram CM Lalduhoma : कौन है मिजोरम के नए मुख्यमंत्री लालदुहोमा?

Mizoram CM Lalduhoma : मिजोरम में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लालदुहोमा मिजोरम के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। मिजोरम विधानसभा चुनाव 2023 में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के अध्यक्ष लालदुहोमा मिजोरम के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं।

Mizoram CM Lalduhoma : मिजोरम के नए मुख्यमंत्री और जेडीपीएम नेता लालदुहोमा


Mizoram CM Lalduhoma : जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के नेता लालदुहोमा, मिजोरम में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मिजोरम के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। ZPM नेता लालदुहोमा ने 8 दिसंबर 2023 शुक्रवार सुबह 11 बजे आइजोल के राजभवन में राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति के सामने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

मिजोरम विधानसभा चुनाव में किस को कितनी सीटें मिली ?

40 सीटों पर हुए मिजोरम विधानसभा चुनाव में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने कुल 27 सीटें जीतीं है। वहीं सत्ताधारी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) को 10  सीटें मिली, जबकि भाजपा को 2 सीटें और कांग्रेस के खाते में महज एक सीट आई है।
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कौन है मिजोरम के नए मुख्यमंत्री और पूर्व आईपीएस लालदुहोमा ?

मिजोरम विधानसभा चुनाव 2023 में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM)  के अध्यक्ष लालदुहोमा मिजोरम के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। गौरतलब है की 1972 से 1977 तक लालदुहोमा ने मिजोरम के मुख्यमंत्री के प्रधान सहायक के तौर पर काम किया था। उसके बाद लालदुहोमा ने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर  भारतीय सिविल सेवा परीक्षा दी। और 1977 में आईपीएस अधिकारी बनने के बाद उन्होंने गोवा में एक स्क्वाड लीडर के तौर पर भी काम किया। तैनाती के दौरान लालदुहोमा ने तस्करों पर बड़ी कार्रवाई भी की थी। कहतें है की पुलिस अधिकारी के तौर पर तब से ही उनकी उपलब्धियां सामाचार पत्रों की सुर्खियां बनने लगी थीं। इसके बाद 1982 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लालदुहोमा को अपना सुरक्षा प्रभारी नियुक्त किया था। और इसके साथ ही लालदुहोमा को पुलिस उपायुक्त के रूप में विशेष पदोन्नति दी गई थी। इतना ही नहीं राजीव गांधी की अध्यक्षता में लालदुहोमा 1982 एशियाई खेलों की आयोजन समिति के सचिव भी थे।

लालदुहोमा का राजनीतिक सफर

1984 में मिजोरम से कांग्रेस के टिकट पर लालदुहोमा ने लोकसभा सीट जीती थी। लेकिन फिर बाद में राज्य कांग्रेस के नेताओं से उनका मतभेद हो गया और लालदुहोमा को अयोग्य घोषित कर दिया गया। लालदुहोमा 1988 में दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने वाले सबसे पहले लोकसभा सांसद थे। लेकिन फिर 2018 में लालदुहोमा ने आइजोल पश्चिम- I और सेरछिप से निर्दलीय चुनाव जीता। और तब लालदुहोमा ने जोराम नेशनलिस्ट पार्टी नाम से एक नया दल बनाया, जिसके जरिए वे राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए।

जोराम नेशनलिस्ट पार्टी

गौरतलब है की 2018 में जोराम नेशनलिस्ट पार्टी (ZPM) ने छह क्षेत्रीय दलों के गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था और आठ सीटें जीतीं भी थी। इसके बाद चुनाव आयोग (ECI) ने आधिकारिक तौर पर जोराम नेशनलिस्ट पार्टी (ZPM) को जुलाई 2019 में रजिस्टर्ड कर दिया था। इसी समय सबसे बड़ी संस्थापक पार्टी यानी मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस गठबंधन से बाहर हो गई थी और बाकी बची पांच पार्टियां जोराम नेशनलिस्ट पार्टी (ZPM) में शामिल हो गईं।

जोरम पीपुल्स मूवमेंट पार्टी के वह छह क्षेत्रीय दल

जोरम पीपुल्स मूवमेंट पार्टी शुरुआत में छह क्षेत्रीय दलों का गठबंधन था। जिसमें

1 -मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस
2 -जोरम नेशनलिस्ट पार्टी
3 -जोरम एक्सोडस मूवमेंट
4 -जोरम डिसेंट्रलाइजेशन फ्रंट
5 -जोरम रिफॉर्मेशन फ्रंट और
6 -मिजोरम पीपुल्स पार्टी शामिल थीं

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