Grok: X ने रोकी AI इमेज क्रिएशन, Grok अब नहीं बनाएगा अश्लील तस्वीरें
Grok, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा अपडेट आया है। X (पूर्व में Twitter) ने अपने AI चैटबॉट Grok के माध्यम से अश्लील और अनैतिक इमेज क्रिएशन को रोकने का ऐलान किया है।
Grok : X ने Grok की अश्लील इमेज क्रिएशन पर लगाई रोक
Grok, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा अपडेट आया है। X (पूर्व में Twitter) ने अपने AI चैटबॉट Grok के माध्यम से अश्लील और अनैतिक इमेज क्रिएशन को रोकने का ऐलान किया है। यह कदम तकनीक, सामाजिक जिम्मेदारी और डिजिटल एथिक्स के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य AI आधारित इमेज क्रिएशन को सुरक्षित बनाना और प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी या अनुचित सामग्री को रोकना है।
Grok क्या है?
Grok X का AI चैटबॉट है, जिसे OpenAI के GPT मॉडल के आधार पर बनाया गया है। यह चैटबॉट उपयोगकर्ताओं को सवाल-जवाब, टेक्स्ट जनरेशन, और इमेज क्रिएशन जैसी सुविधाएं प्रदान करता था। हाल ही में, Grok के इमेज क्रिएशन फीचर को लेकर कुछ विवाद सामने आए थे, जिसमें यह AI अश्लील और संवेदनशील कंटेंट भी बना सकता था। इस तरह की सामग्री के निर्माण को लेकर सामाजिक और कानूनी चिंताएं उठ रही थीं। ऐसे में X ने यह कदम उठाया है कि Grok अब अश्लील इमेज नहीं बनाएगा।
X ने क्यों लिया यह निर्णय?
X के अधिकारियों ने कहा कि प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और सकारात्मक डिजिटल अनुभव देना प्राथमिकता है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
- सामाजिक जिम्मेदारी
AI की ताकत अब इतनी बढ़ चुकी है कि गलत उपयोग होने पर यह समाज में नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। अश्लील इमेज क्रिएशन से ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर अपराध बढ़ सकते हैं। - कानूनी प्रतिबंध और नीति पालन
कई देशों में अश्लील सामग्री को लेकर सख्त नियम और कानून हैं। AI के माध्यम से इस तरह की सामग्री बनाना कानूनी खतरे में डाल सकता है। - यूजर सुरक्षा और प्लेटफॉर्म इमेज
X का उद्देश्य है कि उसका प्लेटफॉर्म सुरक्षित और भरोसेमंद बना रहे। अश्लील इमेज बनाने की सुविधा को रोकना इसके लिए जरूरी था। - AI नैतिकता और एथिक्स
AI को नैतिक रूप से जिम्मेदार बनाना अब टेक्नोलॉजी कंपनियों की प्राथमिकता बन चुकी है। इससे उपयोगकर्ताओं में AI के प्रति भरोसा भी बढ़ता है।
Grok के इमेज क्रिएशन फीचर में बदलाव
Grok अब सिर्फ सुरक्षित और गैर-नुकसानदेह इमेज ही क्रिएट करेगा। X ने कहा कि इसके लिए AI मॉडल में सेंसिटिव कंटेंट डिटेक्शन और फिल्टरिंग मैकेनिज्म को अपडेट किया गया है।
मुख्य बदलाव:
- अश्लील, हिंसक और संवेदनशील इमेज क्रिएशन पर रोक
- केवल सकारात्मक और सुरक्षित कंटेंट को AI द्वारा जनरेट करने की अनुमति
- उपयोगकर्ता की मांग पर AI इमेज जनरेशन में सुरक्षा और एथिकल गाइडलाइंस का पालन
तकनीकी और सामाजिक असर
इस निर्णय का तकनीकी और सामाजिक दोनों तरह का असर देखने को मिलेगा।
- तकनीकी पक्ष
AI के मॉडल में नई सुरक्षा प्रोटोकॉल जोड़े गए हैं। इसके चलते उपयोगकर्ताओं को Grok पर सुरक्षित इमेज बनाने का अनुभव मिलेगा। - सामाजिक पक्ष
X पर अश्लील और गैरकानूनी कंटेंट की संभावना कम होगी। इससे ऑनलाइन टॉर्चर, छेड़खानी और साइबर अपराध की घटनाओं में कमी आएगी। - AI और यूजर भरोसा
AI टेक्नोलॉजी में भरोसा बढ़ेगा क्योंकि लोग जान पाएंगे कि प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित और जिम्मेदार AI काम कर रहा है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
AI विशेषज्ञ और डिजिटल एथिक्स के शोधकर्ताओं ने इस कदम को सकारात्मक माना है। उनके अनुसार:
- यह AI सुरक्षा और नैतिकता के दिशा में सही कदम है।
- इससे युवा उपयोगकर्ताओं और बच्चों की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
- टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए यह एक उदाहरण है कि कैसे AI का जिम्मेदार उपयोग किया जा सकता है।
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Grok और भविष्य की संभावनाएं
Grok अब केवल सुरक्षित इमेज क्रिएशन, टेक्स्ट जनरेशन और सवाल-जवाब के लिए इस्तेमाल होगा। भविष्य में X और AI कंपनियां इसे और यूजर-फ्रेंडली और एथिकल बनाने की कोशिश कर सकती हैं।
संभावित विकास:
- AI इमेज और कंटेंट जनरेशन में नैतिक गाइडलाइंस का पालन
- उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और रचनात्मक सामग्री बनाने का प्लेटफॉर्म
- AI मॉडल में सेंसिटिविटी और कंटेंट फिल्टरिंग की निरंतर अपडेट
Grok का अश्लील इमेज क्रिएशन रोकना डिजिटल दुनिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। X ने इस कदम से यह संदेश दिया है कि AI का उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ होना चाहिए। इससे न केवल प्लेटफॉर्म सुरक्षित बनेगा बल्कि उपयोगकर्ताओं में AI के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा।
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