Noida Workers Protest: आंदोलन के दौरान आगजनी, तोड़फोड़ और ट्रैफिक जाम से 9 घंटे तक ठप रहा शहर
Noida Workers Protest: नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन। 300 से अधिक गिरफ्तार, 7 FIR दर्ज, 3000 करोड़ का नुकसान। जानें पूरी खबर।
Noida Workers Protest: 300 गिरफ्तार, 7 FIR दर्ज | वेतन विवाद की पूरी कहानी
Noida Workers Protest: नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया और 7 एफआईआर दर्ज की गईं। तोड़फोड़, आगजनी और जाम से शहर करीब 9 घंटे तक प्रभावित रहा। जानें पूरी घटना, प्रशासन की कार्रवाई और श्रमिकों की प्रमुख मांगें।
वेतन वृद्धि की मांग से शुरू हुआ विवाद
Noida में श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। कई दिनों से चल रही नाराजगी सोमवार को हिंसक रूप में सामने आई, जब हजारों श्रमिक सड़कों पर उतर आए।
कैसे भड़का आंदोलन?
शनिवार को इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन के दौरान एक महिला कर्मी के घायल होने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद से श्रमिक लगातार लामबंद हो रहे थे और सोमवार को अचानक उग्र प्रदर्शन शुरू हो गया।
300 से ज्यादा गिरफ्तार, 7 FIR दर्ज
प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है और 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही सोशल मीडिया, खासकर वॉट्सएप ग्रुप्स की जांच भी की जा रही है।
Noida Workers Protest से 3000 करोड़ का नुकसान
Noida Workers Protest ने 500 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की और 20 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा, जिसका अनुमान लगभग 3000 करोड़ रुपये लगाया गया है।
Noida Workers Protest 9 घंटे तक ‘बंधक’ रहा नोएडा
सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस प्रदर्शन के कारण पूरा शहर जाम से जूझता रहा। Noida-Greater Noida Expressway और NH-9 समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हुई।
Noida Workers Protest में 30 लोग घायल
उपद्रव के दौरान 10 पुलिसकर्मियों समेत करीब 30 लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया और कई गाड़ियों में आग लगा दी।
किन जगहों पर हुई सबसे ज्यादा हिंसा?
फेज-2, फेज-3 और फेज-1 औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे ज्यादा तोड़फोड़ हुई। सेक्टर-63, सेक्टर-57 और सेक्टर-1 में फैक्ट्रियों, सर्विस सेंटर और अन्य औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाया गया।
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प्रशासन और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
Medha Roopam और Laxmi Singh ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
श्रमिकों की मुख्य मांगें क्या हैं?
- अकुशल श्रमिकों को 12,000 रुपये वेतन
- कुशल श्रमिकों को 20,000 रुपये वेतन
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
- हर महीने की 10 तारीख को वेतन
- सप्ताह में एक दिन अवकाश
- बोनस और सुरक्षित कार्य वातावरण
अन्य शहरों में भी प्रदर्शन
Faridabad, Palwal और Bhiwadi में भी श्रमिकों ने प्रदर्शन किया, जिससे यह मुद्दा क्षेत्रीय स्तर पर फैलता नजर आ रहा है।
Conclusion:
नोएडा में हुआ यह हिंसक प्रदर्शन श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का परिणाम है। हालांकि, इस दौरान हुई हिंसा और नुकसान ने प्रशासन और उद्योग दोनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे का समाधान कैसे निकलेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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