Manikarnika Ghat पर बुलडोजर कार्रवाई से मचा हंगामा, मंदिर और मूर्तियां टूटने पर भड़का पाल समाज
Manikarnika Ghat: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर कॉरिडोर निर्माण के दौरान बुलडोजर से मंदिर और मूर्तियां टूटने के आरोपों पर पाल समाज में आक्रोश फैल गया है। रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में घाट पर प्रदर्शन हुआ। वायरल वीडियो के बाद विकास बनाम धरोहर की बहस तेज हो गई है।
Manikarnika Ghat कॉरिडोर निर्माण पर विवाद, मंदिर और मूर्तियां टूटने से भड़का पाल समाज
Manikarnika Ghat: वाराणसी के सबसे पवित्र और ऐतिहासिक Manikarnika Ghat पर चल रहे कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। घाट पर बुलडोजर से मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने के आरोपों के बाद पाल समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। रानी अहिल्याबाई की मूर्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
घाट पर पहुंचकर जताया गया विरोध
मंगलवार को पाल समाज के अध्यक्ष महेंद्र पाल पिंटू अपने समर्थकों के साथ मणिकर्णिका घाट पहुंचे और कथित रूप से मूर्ति व मंदिर तोड़े जाने का विरोध किया। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद एडीएम और एसीपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
“विकास के नाम पर धरोहर को खत्म किया जा रहा”
पाल समाज के नेताओं ने कहा कि विकास के नाम पर काशी की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचाना गलत है। उनका आरोप है कि मंदिरों और ऐतिहासिक मूर्तियों को हटाकर घाट की पहचान को खत्म किया जा रहा है। घाट के चच्छन गुरु ने भी कहा कि इस तरह के निर्माण से Manikarnika Ghat का अस्तित्व ही खतरे में पड़ता दिख रहा है।
वायरल वीडियो से भड़का विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बुलडोजर से पुराने मंदिरों और ढांचों को तोड़ते हुए देखा जा रहा है। पगला बाबा के नाम से वायरल वीडियो में शिव मंदिर, गंगा मंदिर, काली माता मंदिर और तारकेश्वर महादेव मंदिर के आसपास के हिस्सों को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। इन वीडियो ने शहरभर में चर्चा और आक्रोश को और तेज कर दिया है।
स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर संकट
घाट के आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी छिन रही है। वर्षों से घाट से जुड़े कार्यों पर निर्भर परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके लिए धार्मिक और सामाजिक ढांचे को तोड़ना सही तरीका नहीं है।
Read More: Whooping Crane Festival 2026: जानिए क्या है Whooping Crane Festival और क्यों है यह इतना खास
शिवलिंग और मूर्तियां भी टूटीं
घाट के पुरोहितों ने दावा किया कि Manikarnika Ghat पर शिवलिंग, रानी अहिल्याबाई की मूर्ति और कई छोटे मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया है। उनका कहना है कि काशी जैसी धार्मिक नगरी में मंदिरों और मूर्तियों को तोड़ना आस्था पर सीधा प्रहार है।
कैसे शुरू हुई कार्रवाई?
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर को अचानक जलासेन घाट से लेकर सिंधिया घाट तक गंगा किनारे बुलडोजर चलाकर स्थायी और अस्थायी निर्माण हटाए गए। इस दौरान कई छोटे मंदिर भी ध्वस्त कर दिए गए। भारी मशीनों की आवाज से स्थानीय लोग चौंक गए और पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई Manikarnika Ghat के सुंदरीकरण और विकास के लिए की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक कॉरिडोर निर्माण से घाट की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र का स्वरूप आधुनिक बनाया जाएगा।
Read More: Orthodox Lent 2026: Great Lent 2026, यीशु मसीह के त्याग को समर्पित 40 दिन
विकास बनाम धरोहर की बहस तेज
Manikarnika Ghat पर चल रही यह कार्रवाई अब “विकास बनाम धरोहर” की बहस का रूप ले चुकी है। एक तरफ प्रशासन इसे शहर के विकास से जोड़ रहा है, तो दूसरी तरफ स्थानीय लोग और धार्मिक संगठन इसे काशी की आत्मा पर हमला बता रहे हैं।
काशी की पहचान पर उठते सवाल
काशी अपनी संकरी गलियों, प्राचीन घाटों और सदियों पुराने मंदिरों के लिए जानी जाती है। ऐसे में Manikarnika Ghat जैसे ऐतिहासिक स्थल पर बुलडोजर चलना कई लोगों को असहज कर रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या विकास की राह में विरासत को कुर्बान करना जरूरी है?
निष्कर्ष
Manikarnika Ghat पर कॉरिडोर निर्माण ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। मंदिरों और मूर्तियों के टूटने के आरोपों ने इसे बेहद संवेदनशील मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन और समाज के बीच कैसे संतुलन बनाया जाता है, ताकि विकास भी हो और काशी की ऐतिहासिक पहचान भी सुरक्षित रहे।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com







