भारत

कोर्ट के अवमानना मामले में जस्टिस कर्नन को हुई सजा

6 साल की हुई सजा


कोर्ट की अवमानना के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने आज कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस सीएस कर्नन को 6 महीने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे फौरन मानने को कहा है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को ये निर्देश दिया है कि वो टीम बनाकर जस्टिस कर्नन को हिरासत में ले और जेल भेजें।
मीडिया की कवरेज पर लगा प्रतिबंद
भारतीय इतिहास में आज पहली बार ऐसा हुआ जब किसी कार्यरत जस्टिस को अपने पद आसीन होते हुए सजा सुनाई गई है।
कोर्ट ने अपना कोर्ट रुख देखते हुए मीडिया पर भी पाबंदी लगा दी कि वो जस्टिस कर्नन के किसी बयान को न छापेगा और न ही टीवी पर प्रसारित किया जाएं।

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जस्टिस सीएस कर्नन


कोर्ट के ऑर्डर की आवहेलना
इससे पहले भी जस्टिस कर्नन को कोर्ट ने हाजिर होने के लिए कहा गया था। पर वह नहीं आएं। उल्टे सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ ही ऑर्डर निकला दिया। साथ ही उन्हें एक-एक लाख जुर्माना देने को कहा।
आपको बता दें कुछ दिन पहले ही कोर्ट ने जस्टिस कर्नन की दिमागी हालत को जांच करने की निर्देश दिए थे। लेकिन जस्टिस कर्नन ने यह कहते हुए मेडिकल चेकऑप करने से इंकार कर दिया था कि वह पूरी तरह से फिट हैं।
देश की न्यायिक इतिहास मे पहली बार हुआ
देश के न्यायिक इतिहास में पहली बार ऐसे हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के किसी जज के खिलाफ अदालत की अवमानना की कारवाई की है। जस्टिस कर्नन ने प्रधानमंत्री को लिखे एक खत में बीस सिटिंग और रिटायर्ड जजों पर करप्शन का आरोप लगाते हुए कारवाई किए जाने की मांग की।
जस्टिस कर्नन द्वारा भेजे गए इस तरह के पत्र पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं ही संज्ञान लिया और अवमानना की कारवाई शुरु की थी। जमानती वारंट जारी होने के बाद जस्टिस कर्नन 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश भी हुए थे। कोर्ट ने उन्हें एक मौका देते हुए चार हफ्ते के अंदर जवाब मांगा था।
सात जजों की बेंच ने सुनाई सजा
जस्टिस कर्नन को देश के चीफ जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस जे.चेल्मेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन.बी.लोकुर, जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष, और जस्टिस कुरियन जोसेफ की बेंच ही सजा सुनाई है।

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