Indira Gandhi Birth Anniversary : भारत की आयरन लेडी ‘इंदिरा गाँधी’ की है आज 102वी जयंती

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Indira Gandhi Birth anniversary

Indira Gandhi Birth anniversary: क्यों लगानी पड़ी थी इंदिरा गाँधी को इमरजेंसी?


आज भारत की ‘आयरन लेडी’ और पहली  प्रधानमंत्री ‘इंदिरा गांधी’ का आज जन्मदिन है। जब भी देश को चांद पर ले जाने की बात कही जाएगी इंदिरा गांधी का नाम आएगा और जब भी देश को परमाणु शक्ति बनाए जाने की बात लिखी जाएगी तब भी इंदिरा का नाम लिया जाएगा। यही नहीं जब भी पाकिस्तान को धूल चटाने की बात कही जाएगी तब  इंदिरा गांधी का नाम सुनहरे शब्दों में लिखा जाएगा। वह इंदिरा गांधी ही थी जिसने पाकिस्तान में बांग्लादेशियों को मुक्त कराने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और आज है इंदिरा गांधी की 102वीं जयंती है। इंदिरा पहली नेता  थी जिन्होंने सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपने इरादों का डंका बजाया  था।

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थी इंदिरा गाँधी

जब भी अंतरिक्ष की बात होती है तो इंदिरा का नाम ज़रूर आता है। अंतरिक्ष में अपना झंडा स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा के रूप में फेहराया था। जब राकेश शर्मा से वो बात करते हुए पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा था ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। इंदिरा ने ही सत्ता से बाहर फेंके जाने के डर के बाद भी पंजाब में फैले उग्रवाद को उखाड़ फेंकने के लिए कड़े फैसले लिए और ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया और स्वर्ण मंदिर तक सेना भेजी थी।

क्यों लगाई इमरजेंसी?

भारत में धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता जा रहा था। तो इसकी वजह से इंदिरा को लगने लगा की उनकी प्रजा उनके विरोध में उतरने लगी है। तो उनके खिलाफ उठ रही आवाज को दबाने के लिए इमरजेंसी का सहारा लिया। आपातकाल के समय देवकांत बरुआ कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उन्होंने एक नया नारा दिया था ‘इंडिया इज इंदिरा’ और ‘इंदिरा इज इंडिया।’

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इंदिरा को आभास था मृत्यु का:

इंदिरा को पहले ही पता चल गया था की उनकी मृत्यु निकट है। 30 अक्टूबर को जब वो भाषण दे रही थी तो उन्होंने कहा था की ‘मैं आज यहां हूं, कल शायद यहां न रहूं। मुझे चिंता नहीं मैं रहूं या न रहूं। मेरा लंबा जीवन रहा है और मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा में बिताया है। मैं अपनी आखिरी सांस तक ऐसा करती रहूंगी और जब मैं मरूंगी तो मेरे खून का एक-एक कतरा भारत को मजबूत करने में लगेगा।’

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