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Zero Discrimination Day: समावेशन और समानता का उत्सव, शून्य भेदभाव दिवस 2025

Zero Discrimination Day, शून्य भेदभाव दिवस (Zero Discrimination Day) प्रतिवर्ष 1 मार्च को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना और समानता,

Zero Discrimination Day : शून्य भेदभाव दिवस, हर किसी के लिए बराबरी का हक

Zero Discrimination Day, शून्य भेदभाव दिवस (Zero Discrimination Day) प्रतिवर्ष 1 मार्च को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना और समानता, समावेशन तथा मानवाधिकारों को बढ़ावा देना है। इस दिवस की शुरुआत 1 मार्च 2014 को संयुक्त राष्ट्र एड्स कार्यक्रम (UNAIDS) द्वारा की गई थी, ताकि एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों के प्रति हो रहे भेदभाव को समाप्त किया जा सके। तब से, यह दिवस वैश्विक स्तर पर विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों द्वारा मनाया जा रहा है।

हर किसी के लिए बराबरी का हक

शून्य भेदभाव दिवस का प्रतीक ‘तितली’ है, जो परिवर्तन और नवजीवन का संकेत माना जाता है। यह प्रतीक हमें याद दिलाता है कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए हमें भेदभाव के खिलाफ एकजुट होना होगा। इस दिन, विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को भेदभाव के विभिन्न रूपों के बारे में जानकारी दी जाती है और उन्हें समानता तथा समावेशन के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाया जाता है।

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शून्य भेदभाव दिवस 2025

शून्य भेदभाव दिवस 2025 के लिए, कई संगठनों ने विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें से कुछ कार्यक्रमों में भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए वर्कशॉप, सेमिनार, और सोशल मीडिया अभियानों का आयोजन शामिल है। इसके अलावा, विभिन्न समुदायों में समानता और समावेशन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर भी कई पहल की जा रही हैं।

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भेदभाव के खिलाफ आवाज

इस अवसर पर, हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए सक्रिय प्रयास करेंगे। समानता, समावेशन और मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए, हम एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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