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Sunita Williams: सुनीता विलियम्स का रिटायरमेंट, 608 दिन अंतरिक्ष, 27 साल का शानदार करियर

Sunita Williams, भारतीय मूल की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा को अलविदा कह दिया है। 27 साल लंबी सेवा के बाद उनका रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से मान्य किया गया।

Sunita Williams : 27 साल में बनाया इतिहास, 608 दिन अंतरिक्ष में

Sunita Williams, भारतीय मूल की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा को अलविदा कह दिया है। 27 साल लंबी सेवा के बाद उनका रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से मान्य किया गया। सुनीता ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान कई रिकॉर्ड बनाए। अंतरिक्ष में उन्होंने कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया दूसरा सबसे लंबा समय है। खास बात यह है कि सुनीता इन दिनों भारत के दौरे पर भी हैं।

शुरुआती जीवन और परिवार

सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, जिनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से था। उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। सुनीता ने अमेरिकी सेना में अपने करियर की शुरुआत की और बाद में अंतरिक्ष विज्ञान की ओर रुख किया। उन्होंने जून 1998 में नासा से जुड़कर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपने करियर की नींव रखी। इसके बाद उनके 27 साल का लंबा और शानदार सफर शुरू हुआ। सुनीता के पति माइकल जे विलियम्स हैं।

अंतरिक्ष में पहला मिशन

सुनीता ने अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी (STS-116) के माध्यम से की। इसके बाद वह STS-117 मिशन के तहत स्पेस शटल अटलांटिस से पृथ्वी लौटीं। इस दौरान उन्होंने एक्सपीडिशन 14/15 में फ्लाइट इंजीनियर के रूप में काम किया और चार स्पेसवॉक कर कई रिकॉर्ड बनाए।

2012 का रिकॉर्ड-ब्रेकिंग मिशन

2012 में सुनीता ने कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से 127 दिन के मिशन के लिए उड़ान भरी। वह एक्सपीडिशन 32/33 का हिस्सा रहीं और एक्सपीडिशन 33 की कमांडर भी बनीं। इस मिशन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के रेडिएटर में आई खराबी को ठीक करने और सोलर एरे के जरूरी हिस्से को बदलने के लिए तीन स्पेसवॉक किए।

अद्वितीय रिकॉर्ड्स

सुनीता ने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो नासा के इतिहास में किसी भी अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया दूसरा सबसे लंबा समय है। अमेरिका के अंतरिक्ष यात्रियों में सबसे लंबी एकल उड़ान में वह छठे स्थान पर हैं। उन्होंने कुल 9 स्पेसवॉक किए, जिनका कुल समय 62 घंटे 6 मिनट रहा। यह किसी महिला द्वारा किया गया सबसे लंबा स्पेसवॉक समय है और दुनिया में चौथा सबसे अधिक माना जाता है। इसके अलावा, वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान भी बन गईं।

रिटायरमेंट पर सुनीता की प्रतिक्रिया

सुनीता ने अपने रिटायरमेंट पर कहा, “जो मुझे जानते हैं, वे जानते हैं कि अंतरिक्ष मेरी सबसे पसंदीदा जगह है। नासा में 27 साल का करियर और तीन बार अंतरिक्ष में उड़ान मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान रहा। इसका श्रेय मेरे सहयोगियों के समर्थन और प्यार को जाता है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, वहां के लोग और इंजीनियरिंग सचमुच अद्भुत हैं। हमें जो नींव मिली है, वह भविष्य की खोजों को आसान बनाएगी। मैं आगे होने वाले ऐतिहासिक पलों को देखने के लिए उत्साहित हूं।”

पिछले साल फंसे थे मिशन में

सुनीता और नासा के अन्य अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर पिछले साल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे थे। उनका मिशन केवल एक सप्ताह का था, लेकिन बोइंग के ‘स्टारलाइनर’ कैप्सूल में तकनीकी दिक्कतों के कारण यह मिशन नौ महीने से अधिक लंबा हो गया। अंततः वे मार्च 2024 में सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे।

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अंतरिक्ष विज्ञान में योगदान

सुनीता ने अपने करियर में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने न केवल मिशनों को सफल बनाया, बल्कि अंतरिक्ष स्टेशन पर आवश्यक सुधार और रख-रखाव में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी सेवाएं चंद्रमा और मंगल जैसी अगली खोजों के लिए भी प्रेरणा हैं।

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भारत से खास संबंध

सुनीता का भारतीय मूल उन्हें भारत में भी लोकप्रिय बनाता है। गुजरात से जुड़ी उनकी जड़ों और भारतीय संस्कृति के प्रति उनका प्रेम उन्हें देशवासियों के दिल के करीब रखता है। उनके भारत दौरे पर फैंस और युवा अंतरिक्ष विज्ञान में करियर बनाने वाले लोगों के लिए यह एक प्रेरणा है। सुनीता विलियम्स का 27 साल का करियर न केवल नासा के लिए बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। 608 दिन अंतरिक्ष में, 9 स्पेसवॉक, और तीन प्रमुख मिशन उनकी कड़ी मेहनत और साहस का प्रमाण हैं। उनका रिटायरमेंट अंतरिक्ष जगत में एक युग के अंत का प्रतीक है, लेकिन उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।

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