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Seemapuri building collapse: दिल्ली के सीमापुरी में मकान ढहने से 5 मौतें, भूकंप के बाद आई थीं इमारत में दरारें?

Seemapuri building collapse, दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को हुए दर्दनाक मकान हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। न्यू सीमापुरी के ईदगाह और मछली मंडी के पास एक बहुमंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया था। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस,

Seemapuri building collapse : दिल्ली सीमापुरी हादसा, मलबे से मिले और शव, मृतकों की संख्या 5 हुई; ये बनी हादसे की वजह

Seemapuri building collapse, दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को हुए दर्दनाक मकान हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। न्यू सीमापुरी के ईदगाह और मछली मंडी के पास एक बहुमंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया था। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गुरुवार को मलबे से दो और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या पांच पहुंच गई। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है और आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।

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पांच मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिरा

यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच हुआ। सीमापुरी की संकरी गलियों में स्थित इमारत अचानक गिर गई और देखते ही देखते पूरा मलबा सड़क और आसपास के हिस्से में फैल गया। मकान के गिरने से आसपास की कुछ इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। पास की ईदगाह की चारदीवारी भी प्रभावित हुई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग राहत-बचाव में जुट गए और कई लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।मौके पर पहुंची फायर सर्विस और एनडीआरएफ की टीमों ने भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। संकरी गलियों के कारण बड़े बचाव उपकरणों को घटनास्थल तक पहुंचाने में भी परेशानी हुई। इसके बावजूद टीमें लगातार मलबे के अंदर जिंदगी तलाशती रहीं।

मृतकों में गर्भवती महिला और बच्चे भी शामिल

हादसे में मरने वालों में एक गर्भवती महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 वर्षीय गुलफशा करीब चार महीने की गर्भवती थीं। इसके अलावा एक 12 वर्षीय बच्ची और एक अन्य बच्चे की भी मौत हुई है। बाद में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किए गए, जिसके बाद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या पांच हो गई।हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव अभियान के दौरान मलबे से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ घायलों को इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों की ओर से घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

आखिर क्यों ढहा मकान?

सीमापुरी हादसे की सबसे बड़ी वजह को लेकर अभी जांच जारी है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि यह इमारत करीब 20 से 25 साल पुरानी थी। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ समय में इसमें अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया था। स्थानीय लोगों और परिवार से जुड़े लोगों ने दावा किया है कि पहले यह एक मंजिला ढांचा था और बाद में इसमें कई और मंजिलें बनाई गईं।इमारत के निर्माण और उसकी संरचनात्मक मजबूती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि पुरानी इमारत पर अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया था, तो जांच एजेंसियां यह भी देख सकती हैं कि निर्माण के दौरान संरचनात्मक सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

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भूकंप के झटकों के बाद आई थीं दरारें?

मकान ढहने की एक संभावित वजह को लेकर भूकंप के झटकों का भी जिक्र सामने आया है। मंगलवार रात दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बाद इमारत में दरारें दिखाई देने लगी थीं। हालांकि, अभी तक अधिकारियों ने यह पुष्टि नहीं की है कि भूकंप ही मकान गिरने की सीधी वजह था।एमसीडी की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, आसपास के लोगों ने बताया कि भूकंप के बाद इमारत में दरारें विकसित हुई थीं। वहीं परिवार की ओर से पड़ोसी इमारत में चल रहे निर्माण या तोड़फोड़ के काम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए हादसे की वास्तविक वजह का पता विस्तृत संरचनात्मक जांच के बाद ही चल सकेगा।

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आसपास की इमारतों को भी नुकसान

मकान गिरने का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ा है। मलबे की चपेट में आने से आसपास की दो इमारतों के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। पास की ईदगाह की दीवार भी प्रभावित हुई। प्रशासन ने आसपास के ढांचों की सुरक्षा का आकलन शुरू कर दिया है, ताकि बचाव अभियान के दौरान किसी और हादसे का खतरा न रहे।घनी आबादी और संकरी गलियों की वजह से रेस्क्यू टीमों के सामने कई चुनौतियां आईं। भारी कंक्रीट के स्लैब मलबे के बड़े हिस्से पर गिरे हुए थे, जिन्हें हटाने में काफी समय लगा। राहत टीमों ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से धीरे-धीरे मलबा हटाया।

परिवारों में मचा कोहराम

हादसे के बाद घटनास्थल पर परिवार के लोगों और स्थानीय निवासियों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग अपनों की तलाश में अस्पताल और घटनास्थल के बीच भटकते रहे। मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने भी राहतकर्मियों की मदद की। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान गिरने के बाद कुछ समय तक मलबे के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई देती रहीं।

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प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

दिल्ली सरकार और प्रशासन की ओर से संबंधित एजेंसियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, एमसीडी और अन्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। मलबे में किसी और व्यक्ति के फंसे होने की संभावना को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रखा गया है।फिलहाल सीमापुरी हादसे में मृतकों की संख्या पांच हो चुकी है। मकान की पुरानी संरचना, अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण, भूकंप के बाद आई संभावित दरारों और आसपास चल रहे निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच और संरचनात्मक आकलन के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर बहुमंजिला मकान अचानक क्यों ढहा।

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