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PM Modi: पीएम मोदी ने युवाओं को गिनाईं विकास की ‘सप्तधारा’, 2047 के लक्ष्य पर दिया जोर

PM Modi, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल युवा प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया।

PM Modi : ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर पीएम मोदी का फोकस, सेवा संकल्प यात्रा के युवाओं से किया संवाद

PM Modi, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल युवा प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में आज की युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने युवाओं से देश के अलग-अलग हिस्सों को करीब से समझने और समाज के विभिन्न वर्गों की आकांक्षाओं को जानने का भी आह्वान किया।

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वडनगर से काशी तक पहुंच रही सेवा संकल्प यात्रा

‘सेवा संकल्प यात्रा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान वडनगर से शुरू होकर उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक पहुंच रही है। इस यात्रा में शामिल युवा विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के बीच जाकर सेवा गतिविधियों से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने संवाद के दौरान इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी यात्राएं युवाओं को भारत को जमीन से समझने का अवसर देती हैं।पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत की चर्चा केवल नीतियों या योजनाओं तक सीमित नहीं हो सकती। इसके लिए देश के गांवों, अलग-अलग क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच जाकर उनकी वास्तविक परिस्थितियों और आकांक्षाओं को समझना भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं को इस अनुभव को अपने जीवन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की बात कही।

विकसित भारत के निर्माता भी युवा, सबसे बड़े लाभार्थी भी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और इस विकसित भारत की सबसे बड़ी लाभार्थी भी होगी। उनके मुताबिक 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की क्षमता, कौशल और ऊर्जा का व्यापक इस्तेमाल जरूरी है।उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों की जरूरतों और सपनों को समझना चाहिए। अलग-अलग सामाजिक वर्गों से संवाद करने से भारत की विविधता और उसकी वास्तविक ताकत को समझने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी के अनुसार, सेवा संकल्प यात्रा इस दिशा में युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अनुभव साबित हो सकती है।

पीएम मोदी ने बताई ‘शक्ति की सप्तधारा’

संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में बताई गई ‘शक्ति की सप्तधारा’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं से इन सात शक्तियों के बारे में लोगों से संवाद करने को कहा।पीएम मोदी ने जिन प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया, उनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं। उन्होंने इन्हें विकसित भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा के रूप में प्रस्तुत किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के साथ भारत को कृषि और फूड प्रोसेसिंग में भी आगे बढ़ना होगा। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने की जरूरत है।

कनेक्टिविटी और आत्मनिर्भर रक्षा पर जोर

‘सप्तधारा’ के तहत पीएम मोदी ने गति शक्ति को भी महत्वपूर्ण बताया। इसका संबंध तेज और बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, पोर्ट और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स जैसी व्यवस्थाओं से है।रक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता और नई पीढ़ी की रक्षा तकनीकों पर जोर दिया। उनके स्वतंत्रता दिवस संबोधन के अनुसार, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में अवसर

प्रधानमंत्री ने ‘सप्तधारा’ में ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी को भी शामिल किया। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों को भविष्य के अवसरों से जोड़ा।इसके साथ ही समुद्र आधारित अर्थव्यवस्था के तहत फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और ओशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने भारत की सॉफ्ट पावर को भी इस व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा बताया। योग, आयुर्वेद, आध्यात्मिकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को उन्होंने दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव के महत्वपूर्ण माध्यमों के रूप में रेखांकित किया।

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सेवा भावना को बताया बदलाव की ताकत

संवाद में प्रधानमंत्री ने सेवा भावना को भी खास महत्व दिया। उन्होंने कहा कि जब राजनीति से ऊपर सेवा की भावना आती है तो जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं और पहलों को गति मिलती है। उन्होंने मुफ्त अनाज और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उदाहरण देते हुए सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों का उल्लेख किया।पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी काम करने की भावना को आगे बढ़ाएं। उनके मुताबिक राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी जितनी व्यापक होगी, विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में उतनी ही अधिक ऊर्जा जुटाई जा सकेगी।

सोशल मीडिया पर यात्रा की गतिविधियों पर नजर

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि वह सोशल मीडिया पर सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े वीडियो और तस्वीरें देखते हैं। उन्होंने यात्रा में युवाओं और विशेष रूप से युवा बेटियों की भागीदारी का उल्लेख किया और कहा कि इस तरह के अभियान युवाओं में सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं।उन्होंने झाबुआ के एक गांव में ‘मोदी फालिया’ नामकरण से जुड़े उदाहरण का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं की भागीदारी और जनसहभागिता से जुड़े ऐसे अनुभव यात्रा को एक अलग महत्व देते हैं।

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2047 के लक्ष्य से युवाओं को जोड़ने की कोशिश

प्रधानमंत्री के संवाद का मुख्य फोकस युवाओं को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ना रहा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश को कई क्षेत्रों में तेज प्रगति करनी होगी और इसके लिए युवाओं की भूमिका केंद्रीय रहेगी।‘शक्ति की सप्तधारा’ के जरिए विकास के अलग-अलग क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने की बात करते हुए पीएम मोदी ने सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से लोगों के बीच जाकर इन विषयों पर चर्चा करने का आह्वान किया। वहीं यात्रा के माध्यम से युवाओं को देश की विविधता, सामाजिक वास्तविकताओं और लोगों की आकांक्षाओं को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है।इस संवाद के जरिए प्रधानमंत्री ने सेवा, जनभागीदारी और युवा शक्ति को विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य से जोड़ने का संदेश दिया। अब इस अभियान के दौरान युवा प्रतिभागियों की गतिविधियों और जमीनी अनुभवों पर भी नजर रहेगी, क्योंकि इन्हीं अनुभवों के जरिए युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भागीदारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

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