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Delhi-NCR: दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर लगाम लगाने की तैयारी, AQI 244 होने पर GRAP-1 लागू

Delhi-NCR, दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बाद प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है।

 Delhi-NCR : दिल्ली-NCR में प्रदूषण का खतरा बढ़ा, GRAP-1 लागू; क्या स्कूल और ऑफिस पर भी पड़ेगा असर?

Delhi-NCR, दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बाद प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दोपहर 2 बजे 244 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यानी 20 अक्टूबर को AQI 179 था, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में शामिल था। हवा की गुणवत्ता में अचानक आई गिरावट और आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर खराब बने रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में GRAP-1 के सभी 25 उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया।

AQI 244 होने का क्या मतलब है?

एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों के स्तर को समझने का एक पैमाना है। इसके जरिए पता लगाया जाता है कि हवा कितनी साफ या प्रदूषित है। भारत में AQI को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।दिल्ली का AQI 244 पहुंचने का मतलब है कि शहर की हवा खराब श्रेणी में आ गई है। इस स्तर पर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, प्रदूषण का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की सेहत, बाहर बिताए गए समय और स्थानीय वायु गुणवत्ता पर भी निर्भर करता है।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को दिल्ली का AQI दोपहर 2 बजे 244 और शाम 4 बजे 245 दर्ज किया गया था।

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GRAP-1 लागू होने से क्या-क्या बदलेगा?

GRAP यानी Graded Response Action Plan प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तैयार की गई चरणबद्ध व्यवस्था है। इसके तहत हवा की गुणवत्ता बिगड़ने पर संबंधित एजेंसियों को अलग-अलग स्तरों पर कदम उठाने होते हैं। पहला चरण तब लागू किया जाता है, जब दिल्ली का AQI 201 से 300 के बीच पहुंच जाता है।GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं, निर्माण गतिविधियों और कचरा जलाने जैसी समस्याओं पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों को प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई करने और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।इस चरण में स्कूलों और दफ्तरों को सामान्य रूप से बंद करने का आदेश नहीं है। हालांकि, प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर आगे के चरणों में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

निर्माण कार्यों और सड़क की धूल पर रहेगी नजर

GRAP-1 के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। निर्माण स्थलों पर सामग्री को ढककर रखना, निर्माण से निकले मलबे का उचित निपटान करना और उसे खुले में फैलने से रोकना जरूरी होगा।500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे निर्माण एवं तोड़फोड़ प्रोजेक्ट, जो संबंधित सरकारी पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं या धूल नियंत्रण की निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करते, उन्हें काम करने की अनुमति नहीं होगी।इसके अलावा, सड़कों पर मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल जैसे उपाय तेज किए जाएंगे। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहन उसे ढककर ले जाएं और निर्माण स्थलों से धूल आसपास के इलाकों में न फैले।

कचरा जलाने और तंदूर में कोयले के इस्तेमाल पर रोक

प्रदूषण नियंत्रण के लिए खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर रोक का सख्ती से पालन कराया जाएगा। खुले स्थानों पर कचरा फेंकने और अवैध डंपिंग के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। लैंडफिल और कचरा स्थलों पर आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।इसके अलावा, होटल, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के ईंधन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इनकी जगह बिजली, गैस या अन्य निर्धारित स्वच्छ ईंधन वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा।इन उपायों का उद्देश्य हवा में धूल और धुएं की मात्रा कम करना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकते हैं।

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वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी कार्रवाई

दिल्ली-NCR में वाहनों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC की जांच तेज की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले और स्पष्ट रूप से धुआं छोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर लागू मौजूदा प्रतिबंधों का भी पालन कराया जाएगा।निर्धारित नियमों के तहत दिल्ली-NCR में दूसरे शहरों से आने वाली बसों के लिए भी ईंधन और उत्सर्जन मानकों से संबंधित पाबंदियां लागू हैं। संबंधित श्रेणियों में केवल इलेक्ट्रिक, CNG या BS-VI डीजल बसों को अनुमति देने का प्रावधान है।प्रदूषण कम करने के लिए लोगों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले रास्तों पर यातायात सुचारु रखने और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा प्रदूषण?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बनी रह सकती है। इसी संभावना को देखते हुए GRAP-1 लागू किया गया है।दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर मौसम, हवा की गति, धूल, वाहनों के उत्सर्जन और अन्य स्थानीय कारणों से प्रभावित होता है। इसलिए AQI में आगे कितना बदलाव होगा, यह मौसम और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के असर पर निर्भर करेगा।

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प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

खराब हवा के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। AQI बहुत खराब होने पर बाहर व्यायाम करने से बचें और प्रदूषण के ताजा अपडेट पर नजर रखें। जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है।वाहन चलाते समय इंजन को अनावश्यक रूप से चालू न रखें, कचरा न जलाएं और अपने आसपास प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की सूचना संबंधित सरकारी ऐप या विभाग को दें।

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