Air India Express bomb threat: एअर इंडिया एक्सप्रेस बम धमकी केस में बड़ा खुलासा, फर्स्ट ऑफिसर की लिखावट से मैच हुआ धमकी वाला नोट
Air India Express bomb threat, एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में मिली बम की धमकी के मामले में जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। 31 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के दम्माम से नई दिल्ली आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX170 में ‘RED: BOMB’ लिखा एक धमकी भरा नोट मिलने के बाद विमान को अहमदाबाद डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
Air India Express bomb threat : बम की झूठी धमकी ने मचाई सनसनी, फर्स्ट ऑफिसर की लिखावट से मिला नोट का मैच; पॉलीग्राफ टेस्ट भी चर्चा में
Air India Express bomb threat, एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में मिली बम की धमकी के मामले में जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। 31 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के दम्माम से नई दिल्ली आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX170 में ‘RED: BOMB’ लिखा एक धमकी भरा नोट मिलने के बाद विमान को अहमदाबाद डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। अब जांच में विमान की फर्स्ट ऑफिसर पुलिस के रडार पर आ गई हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, धमकी वाले नोट की लिखावट फर्स्ट ऑफिसर की हैंडराइटिंग से करीब 65 प्रतिशत तक मैच हुई है। इसके अलावा पूछताछ के दौरान उनके बयानों में कथित तौर पर अंतर पाया गया और पॉलीग्राफ यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट में भी वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। हालांकि, जांच अभी जारी है और फर्स्ट ऑफिसर को दोषी ठहराने वाला कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

क्या है पूरा मामला?
31 अगस्त को एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX170 दम्माम से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। विमान में कुल 40 लोग सवार थे, जिनमें 32 यात्री, चार कॉकपिट क्रू और चार केबिन क्रू शामिल थे। उड़ान के दौरान विमान के टॉयलेट में एक पर्ची मिली, जिस पर ‘RED: BOMB’ लिखा था। धमकी की जानकारी मिलते ही पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को अहमदाबाद की ओर मोड़ दिया गया।विमान ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाम करीब 4:27 बजे सुरक्षित लैंडिंग की। विमान को आइसोलेटेड बे में ले जाया गया और यात्रियों को सुरक्षित उतार दिया गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों और बम डिस्पोजल टीम ने विमान की पूरी तलाशी ली। जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद इसे बम की झूठी धमकी यानी होक्स माना गया।
जांच में फर्स्ट ऑफिसर पर क्यों बढ़ा शक?
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों के हैंडराइटिंग सैंपल लिए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, धमकी वाले नोट पर लिखी हैंडराइटिंग और फर्स्ट ऑफिसर की लिखावट में करीब 65 प्रतिशत समानता पाई गई। जांचकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि नोट में इस्तेमाल हुई स्याही और फर्स्ट ऑफिसर के पास मौजूद स्याही के बीच भी समानता मिली।इसके अलावा पूछताछ के दौरान फर्स्ट ऑफिसर के बयानों में कथित तौर पर कुछ बदलाव पाए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन्हीं कारणों से जांच का फोकस उन पर और बढ़ गया। हालांकि, हैंडराइटिंग का मैच होना या किसी व्यक्ति के बयान में अंतर मिलना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की आगे की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
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पॉलीग्राफ टेस्ट में क्या हुआ?
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, फर्स्ट ऑफिसर का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया। इस टेस्ट में उनसे छह सवाल पूछे गए थे। पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि वह टेस्ट में ‘फेल’ हुईं। हालांकि, पॉलीग्राफ टेस्ट को अकेले किसी व्यक्ति के दोष का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता और इसके नतीजों की कानूनी अहमियत परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों के साथ देखी जाती है। इसलिए इस मामले में भी पॉलीग्राफ रिपोर्ट को जांच के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
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एक और फ्लाइट से भी जुड़ रहा है कनेक्शन
जांच में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संबंधित फर्स्ट ऑफिसर पहले एक ऐसी दूसरी उड़ान की क्रू मेंबर रह चुकी हैं, जिसमें इसी तरह की बम की झूठी धमकी का मामला सामने आया था। जांचकर्ताओं ने दोनों मामलों में मिले हैंडराइटिंग सैंपल की तुलना की है और कथित तौर पर दोनों के बीच समानता पाई गई है। यह कनेक्शन जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन इससे भी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अन्य सबूतों की जांच जरूरी है।
जांच अब NIA के हाथों में
शुरुआत में इस मामले की जांच अहमदाबाद पुलिस कर रही थी। अब मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA को सौंप दिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी भरा नोट विमान के टॉयलेट तक कैसे पहुंचा, इसे किसने लिखा और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। गृह विभाग से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, जांच में अभी इस घटना के पीछे की मंशा को लेकर सवाल बाकी हैं और इसमें किसी तरह की शरारत की संभावना को भी देखा जा रहा है।
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