Ahmedabad Firecracker Factory Blast: अहमदाबाद में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट का बढ़ा मौत का आंकड़ा, इलाज के दौरान एक और व्यक्ति ने तोड़ा दम
Ahmedabad Firecracker Factory Blast, गुजरात के अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
Ahmedabad Firecracker Factory Blast : गुजरात के अहमदाबाद में पटाखा फैक्ट्री हादसा, अब तक 10 लोगों की दर्दनाक मौत
Ahmedabad Firecracker Factory Blast, गुजरात के अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे एक और व्यक्ति ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस दर्दनाक दुर्घटना में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है। कई अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है, जिनमें कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
18 जुलाई को हुआ था भीषण धमाका
यह हादसा 18 जुलाई को अहमदाबाद के रामोल क्षेत्र में स्थित एक कथित अवैध पटाखा निर्माण इकाई में हुआ था। दोपहर के समय अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी फैक्ट्री आग की लपटों में घिर गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकानों की दीवारें हिल गईं और दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 48 वर्षीय व्यक्ति का शहर के अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के अनुसार, अन्य घायलों का भी विशेष निगरानी में उपचार किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अवैध रूप से चल रही थी फैक्ट्री
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, वहां पटाखों का निर्माण कथित तौर पर बिना वैध अनुमति के किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद वहां विस्फोटक सामग्री के साथ काम जारी था। इस लापरवाही ने एक बड़े हादसे का रूप ले लिया।
फैक्ट्री मालिक समेत कई लोगों पर केस दर्ज
अहमदाबाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक और उससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री को अवैध रूप से संचालित करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
बाल श्रमिकों की मौजूदगी पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद सामने आई रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि मृतकों में तीन नाबालिग भी शामिल थे। इससे फैक्ट्री में बाल श्रम कराए जाने के आरोप लगे हैं। इस मामले ने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या बच्चों से खतरनाक परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था।
पीएम मोदी और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी घटना पर शोक जताते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से विस्फोटक सामग्री का काम चल रहा था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और समय पर कार्रवाई होती, तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।
जांच जारी, कई पहलुओं की पड़ताल
फिलहाल पुलिस, फोरेंसिक टीम और अन्य जांच एजेंसियां विस्फोट के कारणों की गहराई से जांच कर रही हैं। घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं और फैक्ट्री के संचालन, लाइसेंस, सुरक्षा इंतजाम तथा प्रशासनिक लापरवाही जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
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