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World Mental Health Day 2022 : भारत में 19.7 मिलियन लोग मानसिक रोग से हैं पीड़ित – WHO , ठोस कदम उठाने की है जरूरत

World Mental Health Day 2022 :भारत में आत्महत्या के पीछे है मानसिक स्थिति एक गंभीर मुद्दा, पिछले दो दशकों में आत्महत्या दर बढ़ा 3%


Highlights –

.मानसिक समस्याओं के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है।

. चिंता हमें तनाव देती है और अगर ये तनाव लंबे समय तक बना रहे, तो ये डिप्रेशन यानी अवसाद में बदल सकता है।

.  ऐसे में मेंटल हेल्थ यानी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बहुत ज्यादा जरूरी है।

World Mental Health Day 2022 :चिंता हमें तनाव देती है और अगर ये तनाव लंबे समय तक बना रहे, तो ये डिप्रेशन यानी अवसाद में बदल सकता है। ऐसे में मेंटल हेल्थ यानी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बहुत ज्यादा जरूरी है।  वैसे भी मेंटल हेल्थ शरीर के नजरअंदाज किये जाने वाले हिस्सों में से एक है।

मानसिक समस्याओं के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है।

इतिहास –

वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी। इस दिन को पहली बार संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव रिचर्ड हंटर और वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ की पहल पर मनाया गया था। इस दिन को मनाये जाने की सलाह वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव यूजीन ब्रॉडी ने दी थी और इसे मनाये जाने के लिए एक थीम भी निर्धारित की गयी थी। तब से हर वर्ष यह दिन मनाया जाता है।

महत्व –

मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन की वजह से दुनिया में बहुत सारे लोग सोशल स्टिग्मा, डिमेंशिया, हिस्टीरिया, एग्जाइटी, आत्महीनता जैसी कई तरह की दिक्कतों और मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन दिक्कतों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है। जिससे लोग मानसिक दिक्कतों और बीमारियों के प्रति जागरूक हों और समय रहते अपना इलाज करवा सकें।

WHO  के अनुसार , भारत में आत्महत्या एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसके पीछे बिगड़ती मानसिक स्थिति है। पिछले दो दशकों में आत्महत्या की दर 7.9 से बढ़कर 10.3 प्रति 1000, 000 हो गई है।

आपको बता दें भारत में 19.7 मिलियन लोग किसी तरह के मानसिक रोग से पीड़ित हैं जिसमें 45.7 मिलियन लोग अवसाद और 44.9 मिलियन लोग एंग्जायटी से ग्रसित हैं। भारत में मानसिक रोगों में सबसे ज्यादा भागीदारी अवसाद की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिपोर्ट की मानें तो भारत अवसाद के मरीजों के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में है।

Mental health awareness concept

आज के समय पर हम सभी लोगों का लाइफस्टाइल काफी ज्यादा भागदौड़ भरा हो गया है इस भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित जीवनशैली के कारण थकान किसी को भी हो सकती है। ये बात तो हम सभी लोग जानते हैं कि हमारे शरीर में थकान होना किसी शारीरिक बीमारी का कारण हो सकता है। जिसे हम दवाओं या अन्य उपायों के जरिए ठीक कर सकते हैं। लेकिन मानसिक थकान हमें मानसिक तौर पर बीमार कर सकती है।

कई बार पढ़ाई या काम के बोझ, रिश्ते में दरार, करियर को लेकर चिंता हमें तनाव देती है जो लम्बे समय तक हमारे डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है। इसलिए हमारा अपनी मेंटल हेल्थ यानि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बहुत ज्यादा जरूरी है। तो चलिए आज हम आपको विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के बारे में बताएंगे। हर साल लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। तो चलिए आज हम आपको विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर योगासन के फायदों के बारे में बताएंगे। कैसे आपके मानसिक शांति के लिए योगासन बहुत ज्यादा जरूरी है।

जानें योगासन कैसे फायदेमंद है हमारी मेंटल हेल्थ के लिए

आज के समय पर हम सभी लोगों की जिंदगी काफी ज्यादा भागदौड़ भरी है ऐसे में किसी भी व्यक्ति के लिए शांत रहना बहुत जरूरी है। हमारी विकसित सभ्यता ने हमारे जीवन को जितना आसान करने की कोशिश की है। उतना ही हम तनावग्रस्त भी हुए हैं। आज के समय पर आप देख सकते हैं कि कई लोग चिंता और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। कई बार तो लोगों की स्थिति इतनी बुरी भी हो जाती है कि वो इन सभी चीजों से परेशान हो जाते है और गलत कदम भी उठा लेते है।

इसलिए कहा जाता है कि सभी लोगों का शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। लेकिन ये बात भी हम सभी लोग जानते हैं कि कोई भी व्यक्ति स्वस्थ तभी रह सकता है, जब उसके जीवन में शांति होती है। शांति ही एक ऐसी चीज है जो हमें तनावग्रस्त जीवन से मुक्ति दिला सकती है। आपको बता दें कि नियमित रूप से योग करने से किसी भी व्यक्ति के जीवन में शांति का अनुभव हो सकता है। रोजाना योगासन करने से हमारे जीवन से तनाव दूर हो जाता है। साथ ही साथ हमें मस्तिष्क और शरीर आराम भी मिलता है। तो चलिए आज हम आपको विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर उन योगासनों के बारे में बताएंगे जिनसे आपको मानसिक शांति मिलती है।

स्फिंक्स योगासन: आपको बता दें कि स्फिंक्स पोज करने से हमारे पेट की मांसपेशियां खिंचती हैं। साथ ही इसे करने से हमारी छाती और कंधे भी खुल जाते हैं। स्फिंक्स पोज करने से हमारी रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है। अगर आप स्फिंक्स योगासन करना चाहते हैं तो इसके लिए आप सीधा लेट जाएं। उसके बाद अपनी कोहनी को कंधों के नीचे रखें। धीरे-धीरे अपनी छाती को ऊपर उठाएं। इसके बाद आपको अपने कंधों को पीठ के नीचे की ओर खींचते हुए फोरआर्म्स को नीचे दबाएं। उसके बाद अपनी ठुड्डी को नीचे आने दें। आपको बता दें कि इस योगासन को रोज करने से हमारे जीवन में शांति आती है और हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।

फॉरवर्ड फोल्ड योगासन: अगर आप फॉरवर्ड फोल्ड योगासन करना चाहते है तो इसके लिए अपने पैरों के कूल्हों की चौड़ाई दूरी के साथ लंबा रखें। उसके बाद अपने घुटनों को हल्का ढीला छोड़। उसके बाद धीरे धीरे उससे आगे की ओर मोड़ें। साथ ही अपने हाथों को विपरीत दिशा में कोहनियों तक ले जाएं। उसके बाद अपनी गर्दन, बाहों और सिर को भारी होने दें और इस दौरान अपने घुटनों को नरम रखने का प्रयास करें। उसके बाद अपने वजन को बढ़ाएं। साथ ही खड़े होने के लिए अपने आप को रोल करें।

आपको बता दें कि इस योगासन को रोज करने से हमारे मन में फालतू के विचार नहीं आते और हमें शान्ति का अनुभव होता है।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

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