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Citizenship Amendment Act को चुनौती देने वाली याचिका पर आज होगी सुनवाई

Citizenship Amendment Act: नागरिकता संशोधन अधिनियम पर सुनवाई आज


सर्वोच्च न्यायालय में आज यानी 18 दिसंबर को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के लिए एक बैच की बैठक की है जहा इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीश बेंच के सामने वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल ने सभी याचिकाओं का बयोरा दिया। न्यायमूर्ति बीआर गवई और सूर्यकांत जो इस बेंच का हिस्सा हैं, उन्होंने इस अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर एक साथ आज सुनवाई करने का फैसला किया हैं।

नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ याचिकाएं 

अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 10 से अधिक अलग-अलग याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। भाजपा के एक सहयोगी पार्टी असोम गण परिषद (एजीपी)  के पार्टी नेता कुमार दीपक दास ने कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके संशोधित नागरिकता अधिनियम को रद्द करने की प्रार्थना करेंगे। 

असम के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उच्च अदालत में याचिका दायर की है और साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की तरफ से इस याचिका को दायर करेंगे।

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन  – Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी और केरल के त्रिशूर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद टीएन प्रतापन ने भी इस अधिनियम को चुनौती देते हुए शनिवार को शीर्ष अदालत में अलग-अलग याचिकाएँ दायर कीं थी।  

तृणमूल कांग्रेस के कानून निर्माता महुआ मोइत्रा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) ने भी अधिनियम के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की हैं। इन याचिकाओं में भेदभावपूर्ण और संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताकर इसको रद्द करफ्ने की अपील की गई है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ सीलमपुर में भड़की हिंसा 

उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में नए नागरिकता कानून के विरोध में लोगों ने बड़ी संख्या में उग्र प्रदर्शन किया। उन्होंने इस कानून को वापिस लेने की मांग की। इस विरोध ने हिंसा का रूप ले लिया और प्रदर्शन के दौरान कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए और पथराव के दौरान कुछ पुलिसवाले और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। 

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