Sanjay Gupta: ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ के निर्देशक संजय गुप्ता का निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
Sanjay Gupta, बॉलीवुड से 31 अक्टूबर 2026 को एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन हो गया है। वह 'कांटे', 'काबिल', 'जिंदा' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक,
Sanjay Gupta : नहीं रहे फिल्ममेकर संजय गुप्ता, बाथरूम में गिरने से हुई मौत; बॉलीवुड में शोक
Sanjay Gupta, बॉलीवुड से 31 अक्टूबर 2026 को एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन हो गया है। वह ‘कांटे’, ‘काबिल’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 अक्टूबर की रात वह अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे। इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर उनके निधन की पुष्टि की और उन्हें अपना करीबी दोस्त बताया।

बाथरूम में गिरने से हुआ हादसा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संजय गुप्ता 30 अक्टूबर की रात अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे। इस हादसे में उनके सिर पर चोट लगी। IANS की रिपोर्ट में उनके करीबी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रात में गिरने के बाद सिर में चोट लगने से उनका निधन हो गया। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर संजय गुप्ता के निधन की खबर साझा करते हुए दुख जताया। उन्होंने लिखा कि यह खबर उनके लिए बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। उन्होंने संजय को एक शानदार निर्देशक, बेहतरीन कहानी सुनाने वाला और जिंदगी से भरपूर इंसान बताया। अशोक पंडित ने यह भी कहा कि संजय गुप्ता का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने उनके परिवार और करीबी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी साझा किए जाने की बात भी कही गई।
तीन दशक से ज्यादा का रहा फिल्मी सफर
संजय गुप्ता ने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से की थी। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। अपनी पहली फिल्म से ही उन्होंने एक्शन और क्राइम ड्रामा की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘खौफ’, ‘जंग’ और ‘हमेशा’ जैसी फिल्मों के साथ अपने निर्देशन का सफर आगे बढ़ाया।संजय गुप्ता की फिल्मों में एक्शन, तेज रफ्तार कहानी, अपराध की दुनिया और दमदार किरदारों पर खास जोर देखने को मिलता था। उन्होंने मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों में एक अलग तरह की स्टाइलिश एक्शन शैली विकसित की। उनकी फिल्मों में मुंबई शहर और उसके अपराध जगत की पृष्ठभूमि भी अक्सर दिखाई देती थी।
‘कांटे’ से मिली खास पहचान
संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘कांटे’ का नाम शामिल है। साल 2002 में रिलीज हुई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकार नजर आए थे। यह एक क्राइम थ्रिलर फिल्म थी, जिसकी कहानी और कलाकारों की टोली ने दर्शकों का ध्यान खींचा। समय के साथ इस फिल्म को एक खास दर्शक वर्ग के बीच लोकप्रियता मिली।इसके बाद संजय गुप्ता ने ‘मुसाफिर’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। अभिनेता संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी कई फिल्मों में नजर आई। दोनों ने ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी परियोजनाओं में साथ काम किया। इस सहयोग ने उनके फिल्मी सफर में अहम भूमिका निभाई।
‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से भी जुड़ा था नाम
संजय गुप्ता का नाम ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से भी गहराई से जुड़ा रहा। साल 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म को अपूर्व लाखिया ने निर्देशित किया था, जबकि संजय गुप्ता इसके निर्माता और लेखन से जुड़े थे। फिल्म 1991 में मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में हुई पुलिस मुठभेड़ की घटना से प्रेरित थी। इसमें संजय दत्त, विवेक ओबेरॉय, सुनील शेट्टी, तुषार कपूर और अमिताभ बच्चन सहित कई कलाकार नजर आए थे।इसके बाद संजय गुप्ता ने 2013 में ‘शूटआउट एट वडाला’ का निर्देशन किया। यह फिल्म भी मुंबई के अपराध जगत और एक पुलिस मुठभेड़ की घटना पर आधारित थी। इस फिल्म में जॉन अब्राहम, अनिल कपूर, मनोज बाजपेयी और कंगना रनौत जैसे कलाकार थे। इस तरह ‘शूटआउट’ फ्रेंचाइजी से उनका जुड़ाव हिंदी सिनेमा में उनकी पहचान का एक अहम हिस्सा रहा।
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‘काबिल’, ‘जज्बा’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्में भी बनाईं
संजय गुप्ता ने केवल क्राइम और गैंगस्टर फिल्मों तक ही अपना काम सीमित नहीं रखा। उन्होंने अलग-अलग विषयों पर भी फिल्में बनाईं। साल 2015 में आई ‘जज्बा’ में ऐश्वर्या राय बच्चन और इरफान खान नजर आए थे। इसके बाद 2017 में उन्होंने ऋतिक रोशन और यामी गौतम की फिल्म ‘काबिल’ का निर्देशन किया। यह एक रिवेंज थ्रिलर थी, जिसे दर्शकों के बीच पहचान मिली।साल 2021 में उनकी फिल्म ‘मुंबई सागा’ रिलीज हुई। इसमें जॉन अब्राहम और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके अलावा उन्होंने ‘दस कहानियां’ और ‘एसिड फैक्ट्री’ जैसी फिल्मों से भी दर्शकों के सामने अलग तरह की कहानियां पेश कीं। निर्देशन के साथ-साथ वह फिल्म निर्माण और लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। उन्होंने अपने प्रोडक्शन बैनर व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए कई फिल्मों का निर्माण किया।
आखिरी फिल्मों में शामिल रहा ‘द मिरांडा ब्रदर्स’
संजय गुप्ता के हालिया काम में ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ का नाम शामिल है, जिसमें हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी नजर आए थे। इस फिल्म की कहानी दो भाइयों और उनके जीवन में आने वाली चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसके अलावा वह ‘विस्फोट’ जैसी परियोजनाओं से भी जुड़े रहे।संजय गुप्ता के निधन की खबर ने उनके साथ काम कर चुके कलाकारों, सहयोगियों और प्रशंसकों को दुखी कर दिया है। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने एक्शन और क्राइम फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निर्देशन, लेखन और निर्माण से जुड़ी कई फिल्में दर्शकों के बीच याद की जाती रहेंगी। फिलहाल उनके अंतिम संस्कार और परिवार की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है।
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