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Bhooth Bangla Teaser: डर और हंसी का फुल पैकेज, अक्षय कुमार ने जीता फैंस का दिल

Bhooth Bangla Teaser, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस-2025 की प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले 410 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं।

Bhooth Bangla Teaser : डर और कॉमेडी का डबल डोज लेकर लौटे अक्षय कुमार

Bhooth Bangla Teaser, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस-2025 की प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले 410 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। आयोग ने निरस्तीकरण के स्पष्ट कारणों के साथ संबंधित उम्मीदवारों के अनुक्रमांक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं।आयोग ने प्रभावित अभ्यर्थियों को 17 मार्च शाम 5 बजे तक डाक के माध्यम से या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रत्यावेदन (आपत्ति) देने का अवसर भी प्रदान किया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर ही मामलों पर विचार किया जाएगा।

260 अभ्यर्थी शैक्षिक अर्हता में अयोग्य पाए गए

आयोग के अनुसार, सबसे अधिक 260 उम्मीदवारों के आवेदन इसलिए खारिज किए गए क्योंकि उन्होंने जिन पदों के लिए आवेदन किया था, उनके लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं की थी।जांच में पाया गया कि या तो अभ्यर्थियों ने आवश्यक डिग्री प्रस्तुत नहीं की, या उनकी शैक्षणिक योग्यता संबंधित पद के मानकों के अनुरूप नहीं थी। ऐसे में आयोग ने नियमों के तहत उनके आवेदन निरस्त कर दिए।

95 अभ्यर्थियों का आवेदन समय पर नहीं पहुंचा

करीब 95 उम्मीदवारों के आवेदन इस कारण रद्द किए गए कि उनका मुख्य परीक्षा का आवेदन-पत्र निर्धारित अंतिम तिथि 5 जनवरी तक आयोग कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ।आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में समय-सीमा का विशेष महत्व होता है और अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसलिए निर्धारित समय के बाद पहुंचे सभी आवेदन स्वतः निरस्त कर दिए गए।

जन्मतिथि में अंतर के कारण कार्रवाई

कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन अभिलेखों और आवेदन पत्र में जन्मतिथि के विवरण में अंतर पाए जाने के कारण निरस्त किए गए। आयोग ने बताया कि दस्तावेजों में दी गई जन्मतिथि और ऑनलाइन आवेदन में दर्ज जन्मतिथि में असंगति थी।पांच अभ्यर्थियों के मामले में यह भिन्नता स्पष्ट रूप से सामने आई, जिसके चलते उनके आवेदन अमान्य घोषित कर दिए गए।

आरक्षण श्रेणी से जुड़े दस्तावेज नहीं किए अपलोड

आयोग ने यह भी बताया कि 13 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित (डीएफएफ) श्रेणी का दावा किया था, जबकि पांच उम्मीदवारों ने भूतपूर्व सैनिक श्रेणी में आवेदन किया।हालांकि, इन उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा के आवेदन-पत्र के साथ संबंधित प्रमाण-पत्र न तो संलग्न किए और न ही ऑनलाइन अपलोड किए। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में इन आवेदनों को भी निरस्त कर दिया गया।

श्रेणी परिवर्तन की अनुमति नहीं

कुछ उम्मीदवारों ने शपथ पत्र या प्रत्यावेदन के माध्यम से डीएफएफ श्रेणी को मान्य न करने का अनुरोध किया था। लेकिन आयोग ने स्पष्ट किया कि आवेदन की अंतिम तिथि के बाद किसी भी श्रेणी या उपश्रेणी में परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जा सकती।नियमों के अनुसार, अंतिम तिथि के बाद आवेदन में संशोधन स्वीकार्य नहीं होता। इसी आधार पर ऐसे सभी मामलों को भी निरस्त कर दिया गया।

प्रत्यावेदन का अवसर

हालांकि आयोग ने पारदर्शिता बरतते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अभ्यर्थी 17 मार्च शाम 5 बजे तक डाक या स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।निर्धारित समय के भीतर प्राप्त आपत्तियों की जांच की जाएगी और यदि दस्तावेज सही पाए गए तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

UPPSC ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों के पालन में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जा सकती।आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन करते समय सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड करें, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

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अभ्यर्थियों के लिए सीख

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन प्रक्रिया के दौरान छोटी-सी गलती भी भारी पड़ सकती है। शैक्षिक अर्हता, दस्तावेजों की सही जानकारी, समय-सीमा और श्रेणी संबंधी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।UPPCS जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी भाग लेते हैं, इसलिए आयोग नियमों के पालन में सख्ती बरतता है।UPPCS Main Exam 2025 के लिए 410 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त होना परीक्षा प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अपडेट है। आयोग ने कारणों सहित सूची जारी कर पारदर्शिता का परिचय दिया है और साथ ही प्रत्यावेदन का अवसर देकर अभ्यर्थियों को न्यायसंगत प्रक्रिया का भरोसा भी दिया है।अब संबंधित उम्मीदवारों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। आने वाले दिनों में आयोग इन प्रत्यावेदनों पर अंतिम निर्णय लेगा।

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