Abhijeet Bhattacharya and AR Rahman controversy:तकनीक बन रही है वरदान या म्यूजिशियंस के लिए अभिशाप? AR Rahman पर लगाए गए आरोपों से उठे बड़े सवाल
Abhijeet Bhattacharya and AR Rahman controversy: Abhijeet Bhattacharya के हालिया बयान ने बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि तकनीक और डिजिटल म्यूजिक के बढ़ते चलन की वजह से सैकड़ों म्यूजिशियंस बेरोजगार हो रहे हैं। इस बयान मेंAR Rahman का नाम आने से मामला और ज्यादा गरमा गया है।
Abhijeet Bhattacharya and AR Rahman controversy: Abhijeet Bhattacharya के बयान से क्यों मचा बवाल?
Abhijeet Bhattacharya and AR Rahman controversy: Abhijeet Bhattacharya और AR Rahman से जुड़ा यह विवाद म्यूजिक इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। तकनीक ने जहां संगीत को आसान, तेज और आधुनिक बनाया है, वहीं इसने पारंपरिक म्यूजिशियंस के सामने रोज़गार और पहचान की चुनौती भी खड़ी कर दी है। यह मुद्दा किसी एक कलाकार को दोष देने का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को संतुलित बनाने का है। ज़रूरत इस बात की है कि तकनीक और इंसानी हुनर के बीच सामंजस्य बनाया जाए, ताकि आधुनिकता के साथ-साथ कलाकारों का सम्मान और भविष्य भी सुरक्षित रह सके।
बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री में फिर मचा बवाल
बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री एक बार फिर सुर्खियों में है। मशहूर सिंगर Abhijeet Bhattacharya के बयान ने पूरे मनोरंजन जगत को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर AR Rahman का नाम लेते हुए कहा कि इंडस्ट्री में म्यूजिशियंस के बेरोजगार होने के पीछे बड़े म्यूजिक कंपोजर्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी का हाथ है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर म्यूजिक सर्कल तक तीखी बहस शुरू हो गई है।
पहले और अब के म्यूजिक सिस्टम में बड़ा फर्क
Abhijeet Bhattacharya का कहना है कि पहले एक गाने की रिकॉर्डिंग में दर्जनों म्यूजिशियंस काम करते थे। हर वाद्य यंत्र के लिए अलग कलाकार होता था, जिससे सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी चलती थी। लेकिन अब वही काम कुछ कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है। इससे इंसानी हुनर की अहमियत कम हो गई है और पारंपरिक म्यूजिशियंस को काम मिलना मुश्किल होता जा रहा है।
बड़े नामों का असर और लाइव म्यूजिक का पतन
उन्होंने यह भी कहा कि जब इंडस्ट्री के बड़े और प्रभावशाली नाम इस तरह की तकनीक को बढ़ावा देते हैं, तो बाकी लोग भी उसी रास्ते पर चलने लगते हैं। नतीजा यह होता है कि लाइव म्यूजिक धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है और असली कलाकार हाशिए पर चले जाते हैं। उनके मुताबिक यह सिर्फ तकनीक का मामला नहीं है, बल्कि कलाकारों के सम्मान और उनके भविष्य का सवाल है।
AR Rahman के समर्थन में उठी आवाजें
वहीं दूसरी तरफ, AR Rahman के समर्थक मानते हैं कि उन्होंने भारतीय संगीत को एक नई पहचान दी है। तकनीक का इस्तेमाल उन्होंने म्यूजिक को बेहतर, आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए किया है। उनके फैंस का कहना है कि किसी एक व्यक्ति को पूरे बदलाव का जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, क्योंकि समय के साथ हर इंडस्ट्री को खुद को बदलना पड़ता है।
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तकनीक: खतरा या नए अवसर?
इस विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – क्या तकनीक के कारण कलाकारों का अस्तित्व खतरे में है या यह बदलाव नए अवसर भी लेकर आ रहा है? कुछ लोग मानते हैं कि डिजिटल म्यूजिक से नए टैलेंट को आगे आने का मौका मिला है, वहीं कई पुराने म्यूजिशियंस के लिए यह दौर संघर्ष भरा बन गया है।
बदलाव के दौर से गुजरती म्यूजिक इंडस्ट्री
सच यह है कि म्यूजिक इंडस्ट्री एक बदलाव के दौर से गुजर रही है। जहां एक तरफ आधुनिक तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ पारंपरिक कला और कलाकार अपनी पहचान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। Abhijeet Bhattacharya का बयान इसी टकराव को सामने लाता है।
म्यूजिक इंडस्ट्री के भविष्य पर बड़ा सवाल
कुल मिलाकर, यह विवाद सिर्फ दो दिग्गज कलाकारों के बीच की बहस नहीं है, बल्कि पूरे म्यूजिक जगत के भविष्य पर सवाल उठाता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इंडस्ट्री तकनीक और इंसानी हुनर के बीच संतुलन कैसे बनाती है।
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