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Milkha Singh Birthday: भारत के फ्लाइंग सिख मना रहे है आज अपना 90th जन्मदिन

Milkha Singh Birthday: क्यों बुलाते थे मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख?


भारतीय दिग्गज दवक मिल्खा सिंह का आज 90वा जन्मदिन है। एशियाई गेम्स में 4 मैडल और कमनवैल्थ में 1 मैडल जीतने वाले मिल्खा सिंह के रफ़्तार की तो पूरी दुनिया दीवानी है। मिल्खा सिंह को ‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश में भी जाना जाता है और इन्हे पाकिस्तान जैसे देश से भी प्यार मिलता रहा है।

किसने दिया ‘फ्लाइंग सिख’ का टाइटल?

3 बार ओलिंपिक चैंपियन मिल्खा सिंह पार्टीशन से पहले वाले भारत के गोविंदपुरा में रहते थे लेकिन वो आज़ादी के बाद भारत आ गए । मिल्खा सिंह की प्रतिभा और रफ़्तार का इतना जलवा था कि  पाकिस्तानी प्रधानमंत्री फील्ड मार्शल अयूब खान ने ‘द फ्लाइंग सिख’ का नाम दिया था। मिल्खा सिंह पर बनी  फिल्म में भी इस घटना को दिखाया गया है। जब पाकिस्तान के स्टेडियम में मिल्खा का  नाम गूंजने लगा था क्यूंकि उन्होंने लाहौर के धावक अब्दुल खालिक को हराया था और फिर सारा स्टेडियम  उनकी जीत से झूम उठा था। दौड़ के बाद मिल्खा सिंह को पदक पहनाते हुए अयूब खान ने कंधा थपथपाकर कहा, ‘आज मिल्खा दौड़ नहीं उड़ रहे थे इसलिए हम उन्हें फ्लाइंग सिख के खिताब का नवाज़ा हैं।’

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काश मिल्खा ने पीछे मुड़  कर नहीं देखा होता:

जब मिल्खा सिंह की बात होती है तो रोम ओलंपिक्स का नाम अपने आप आजाता है। मिल्खा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी आदत थी कि वो हर दौड़ में एक दफा पीछे मुड़कर देखते थे। रोम ओलिंपिक में दौड़  ख़त्म होने के बहुत नजदीक थी और उन्होंने जबरदस्त ढंग से शुरुआत भी की थी । हालांकि, उन्होंने एक दफा पीछे मुड़कर देखा और शायद वो वही चूक गए थे।

मिल्खा सिंह की बायोपिक:

मिल्खा के जीवन पर आधारित एक बॉलिवुड फिल्म भी बन चुकी है। साल 2013 में ‘भाग मिल्खा भाग’ नाम से बनी इस फिल्म में मिल्खा का रोल फरहान अख्तर ने निभाया था। इस फिल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया था।

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Indira Gandhi Birth Anniversary : भारत की आयरन लेडी ‘इंदिरा गाँधी’ की है आज 102वी जयंती

Indira Gandhi Birth anniversary: क्यों लगानी पड़ी थी इंदिरा गाँधी को इमरजेंसी?


आज भारत की ‘आयरन लेडी’ और पहली  प्रधानमंत्री ‘इंदिरा गांधी’ का आज जन्मदिन है। जब भी देश को चांद पर ले जाने की बात कही जाएगी इंदिरा गांधी का नाम आएगा और जब भी देश को परमाणु शक्ति बनाए जाने की बात लिखी जाएगी तब भी इंदिरा का नाम लिया जाएगा। यही नहीं जब भी पाकिस्तान को धूल चटाने की बात कही जाएगी तब  इंदिरा गांधी का नाम सुनहरे शब्दों में लिखा जाएगा। वह इंदिरा गांधी ही थी जिसने पाकिस्तान में बांग्लादेशियों को मुक्त कराने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और आज है इंदिरा गांधी की 102वीं जयंती है। इंदिरा पहली नेता  थी जिन्होंने सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपने इरादों का डंका बजाया  था।

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थी इंदिरा गाँधी

जब भी अंतरिक्ष की बात होती है तो इंदिरा का नाम ज़रूर आता है। अंतरिक्ष में अपना झंडा स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा के रूप में फेहराया था। जब राकेश शर्मा से वो बात करते हुए पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा था ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। इंदिरा ने ही सत्ता से बाहर फेंके जाने के डर के बाद भी पंजाब में फैले उग्रवाद को उखाड़ फेंकने के लिए कड़े फैसले लिए और ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया और स्वर्ण मंदिर तक सेना भेजी थी।

क्यों लगाई इमरजेंसी?

भारत में धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता जा रहा था। तो इसकी वजह से इंदिरा को लगने लगा की उनकी प्रजा उनके विरोध में उतरने लगी है। तो उनके खिलाफ उठ रही आवाज को दबाने के लिए इमरजेंसी का सहारा लिया। आपातकाल के समय देवकांत बरुआ कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उन्होंने एक नया नारा दिया था ‘इंडिया इज इंदिरा’ और ‘इंदिरा इज इंडिया।’

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इंदिरा को आभास था मृत्यु का:

इंदिरा को पहले ही पता चल गया था की उनकी मृत्यु निकट है। 30 अक्टूबर को जब वो भाषण दे रही थी तो उन्होंने कहा था की ‘मैं आज यहां हूं, कल शायद यहां न रहूं। मुझे चिंता नहीं मैं रहूं या न रहूं। मेरा लंबा जीवन रहा है और मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा में बिताया है। मैं अपनी आखिरी सांस तक ऐसा करती रहूंगी और जब मैं मरूंगी तो मेरे खून का एक-एक कतरा भारत को मजबूत करने में लगेगा।’

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Big Boss 13 : माहिरा के होंठों को लेकर हिंदुस्तानी भाऊ ने किया यह भद्दा कमेंट

 यूज़र्स  ने सोशल मीडिया  पर दिया भाऊ करारा  जवाब


बिग बॉस आये दिन कंटेस्टेंट के विवादित बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। वही अब इस कंटेस्टेंट द्वारा दिए गए भद्दे कमेंट को लेकर सोशल   मीडिया पर यूज़र्स का ग़ुस्सा बाहर निकल रहा है। जी हाँ, अभी हाल ही में बिग बॉस 13 के सबसे एंटरटेनिंग कंटेस्टेंट्स हिंदुस्तानी भाऊ ट्रोलर्स के नज़र में आ गए है।शो में हिंदुस्तानी भाऊ यानी विकास पाठक को बिग बॉस ने घर के किसी भी 3 सदस्यों पर वीडियो बनाने का टास्क दिया था। जिसे लेकर विकास पाठक ने पारस छाबड़ा, माहिरा शर्मा और शहनाज गिल पर वीडियो बनाया।
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इस वीडियो को बनाते समय विकास ने तीनो के लिए कुछ न कुछ कहा जिसमे से उन्होंने माहिरा के लुक को लेकर कमेंट कर दिया। विकास ने इस शो में माहिरा शर्मा के होंठों पर कमेंट किया। वीडियो बनाते हुए हिंदुस्तानी भाऊ ने कई बार माहिरा को ‘बड़े होंठों वाली छिपकली’ कहा। ऐसे  नेशनल टीवी पर एक लड़की के फीचर्स पर कमेंट करना फैन्स को पसंद नहीं आया और उनका गुस्सा सोशल मीडिया पर नजर आने लगा। यूज़र्स ने भाऊ को ट्रोल करते हुए कहा की  को  शर्म करो। वही ट्रोल होने के बाद उन्होंने माहिरा से माफी भी मांगी।

यूज़र्स  ने सोशल मीडिया पर दिया भाऊ करारा  जवाब

आपको बता दें की भाऊ  के इस कमेंट पर एक यूज़र ने उन्हें बड़ा ही करारा जवाब दिया। यूज़र ने लिखा की- हिंदुस्तानी भाऊ का बेटा ये देख रहा है कि उसके पापा किस तरह महिलाओं के लिए कैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे है। वो जब बड़ा होगा तो वो भी अपने पिता की तरह ऐसा करेगा।

वही इस  कमेंट पर माहिरा शर्मा की माँ का भी गुस्सा सोशल मीडिया पर नजर आया उन्होंने कहा की – ‘उन्हें अपनी भाषा की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए खासकर जब आप नेशनल टीवी पर हों। उन्होंने मेरी बेटी को छिपकली कहा और उनके लिप साइज को लेकर कमेंट किया ताकि उनका वीडियो एंटरटेनिंग हो जाए। मैं इस बात से बेहद गुस्सा हूं।

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World’s most expensive things: 4 वो चीज़ें जिनकी नीलामी हुई सबसे मेहंगी

World’s most expensive things: दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग से लेकर सबसे महंगे बैग की कीमत


दुनिया में महंगे शौक रखने वाले लोगों की कमी नहीं है। कुछ लोग महंगे घर खरीदते हैं तो कुछ लोग महंगी गाड़ियां तो कुछ महंगे जेवर। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे शौक़ीन लोग भी हैं जिन्हें गाड़ियों और जेवर के अलावा महंगी पेंटिंग्स और सिक्के जमा करना बहुत पसंद है। तो आज हम उन चिजों के बारे में बात करने जा रहे हैं जिनकी नीलामी की कीमत आपके होश उड़ा देगी।

1. मोस्ट एक्सपेंसिव पेंटिंग:

जीएस क्राइस्ट की ‘लिओनार्दो दा विंची‘ द्वारा बनाई गयी एक पेंटिंग जो ऑक्शन में कई मिलियन डॉलर्स की बिकी। ये पेंटिंग दुनिया की 500 साल पुरानी पेंटिंग है। इस पेंटिंग को ‘सल्वाटोर मुंडे’ के नाम से जाना जाता है, जिसका मतलब होता है ‘दुनिया को बचाने वाला’ यह पेंटिंग 2017 में न्यू यॉर्क के क्रिस्टी में एक ऑक्शन के दौरान 450 मिलियन डॉलर की बेचीं गई थी।

2. मोस्ट एक्सपेंसिव ‘टेड्डी बियर:

इस टेडी का नाम ‘टेड्डी गर्ल’ है जो की 1994 में एक जापानी ऑक्शन में ‘एक मिलियन और दस हज़ार डॉलर’ में बिका थी। इस बेयर को 1904 में एक बहुत ही पप्रसिद्ध खिलोने वाले ‘स्टिफ’ ने बनाया था। इस की खास बात यह है की यह ‘कर्नल बोल हेंडर्सन’ का बियर था’ और वो जहाँ जाते इससे अपने साथ लेकर जाते थे, यहाँ तक की वो इस बियर को अपनी वर्ल्ड वॉर की लड़ाई के दौरान भी अपने साथ लेकर गए थे।

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3. मोस्ट एक्सपेंसिव मुसकिअल इंस्ट्रूमेंट – वायलिन

ये वायलिन ‘लेडी ब्लंट’ का था जो की 2011 में ऑनलाइन ऑक्शन के दौरान ‘नौ मिलियन और आठ डॉलर’ का बिका था। ये वायलिन इस लिए खास है क्यूंकि ये वायलिन उन 600 वायलिन में से है जो की अंटोनिओ स्त्रादिवारी ने बनाया था। 1721 में ये वायलिन बनाया गया था और इसे ‘लेडी ब्लंट’ बुलाया गया। उनके बाद इस वायलिन को उनकी ग्रैंड डॉटर ने ले लिया था। इस वायलिन के ऑक्शन से जितने पैसे आये थे उससे जापान में भूंकप से लोगो के राहत के लिए इस्तेमाल किया गया था।

4. मोस्ट एक्सपेंसिव बैग:

हाल ही में लंदन में 10 साल पुराना बैग ‘हेमस बिनेर्ग’ 217,144 डॉलर में बिका है। इस बैग की खास बात ये है कि इसमें 18 कैरेट वाइट गोल्ड जड़े हुए है, और यही कारण है की यह बैग दुनिया के सबसे महंगे बैग में से एक हो गया है।

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Delhi University protest: पहली बार ‘डीयू’ में स्टूडेंट्स और टीचर्स मिलकर कर रहे हैं विरोध

39 मंजिला बिल्डिंग के निर्माण पर लिखा पीएम को लेटर


Delhi University protest: दिल्ली यूनिवर्सिटी में चल रहे विरोध ने पहली बार टीचर्स और स्टूडेंट्स एक साथ ला दिया है। दरअसल सेंट्रल गवरन्मेंट डीयू के साथ वाली ज़मीं पर एक 39 मंजिला बिल्डिंग बनाना चाहती है, लेकिन अब इस बिल्डिंग के निर्माण को रोकने के लिए टीचर्स और स्टूडेंट पूरा ज़ोर लगा रहे है। स्टूडेंट्स हड़ताल पर बैठ चुके है और विरोध शुरू हो चूका है। इस मामले पर मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स असोसिएशन (DUTA) की ओर से प्रधानमंत्री को लेटर भी लिखा गया है। इस लेटर में कहा गया है की जमीन पर प्राइवेट बिल्डिंग की जगह हॉस्टल बनाए जाए। आज शिक्षक और स्टूडेंट इस मामले के तहत ‘एलजी हाउस’ तक साइकल रैली निकलेंगे और वहीं दूसरी ओर एबीवीपी (ABVP) और एनएसयूआई (NSUI) की ओर से भी प्रदर्शन को आंदोलन में बदलने की तैयारी चल रही है।

DUTA के वाईस-प्रेजिडेंट डॉ. आलोक रंजन का कहना है उन्होंने ने इस मामले पर पीएम को लेटर लिखा है की इस मसले पर वो अपनी नज़र डाले, और 39 मंजिला इमारत के निर्माण पर रोक लगवाने का आदेश भी दिया है। उन्होंने ने लेटर में ये भी लिखा है की इस बिल्डिंग की जगह हॉस्टल बनाए जाएं क्योंकि कई सारे स्टूडेंट्स को हॉस्टल नहीं मिल पाता है। अगर इस पर रोक नहीं लगवाई कई तो हमें कोर्ट जाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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क्या है पूरा मामला:

सोमवार को डीयू की आर्ट्स फैकल्टी धरने के साथ-साथ क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू हुई है। इसमें शामिल डीयू के कैंपस डिवेलमेंट कमिटी के मेंबर डॉ. रसाल सिंह कहते हैं की, यह जमीन डिफेंस की है और दिल्ली रेल कॉरर्पोरेशन को पब्लिक यूज के लिए दी गई थी। मगर डीएमआरसी (DMRC) ने इसे प्राइवेट बिल्डिर को दे दिया। वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (डूसू) जल्द ही इस मसले को लेकर रक्षा मंत्रालय, एलजी, डीएमआरसी से के अधिकारियों से मिलेगी। डूसू का कहना है कि यह निर्माण डीयू प्रशासन के सुस्त रवैए का नतीजा है। डूसू और एबीवीपी जल्द ही सीनियर अधिकारियों से मिलेगा। डूसू सभी कॉलेजों की यूनियन को भी इस मुद्दे से जोड़ रहा है। डीयू प्रशासन की ओर से इस मसले पर राष्ट्रपति और एलजी से अपील की जा चुकी है।

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World Education Day: 70 सालों में भारत में क्या है शिक्षा का स्तर

राजधानी में सरकार द्वारा शिक्षा की सुधार के लिए उठाये गए हैं अहम कदम


भारत जनसंख्या की नज़रो से विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश है। वहीं पर शिक्षा के मामले में भी सबसे बड़ी अशिक्षित जनसख्या यहीं निवास करती है। स्वाधीनता प्राप्ति के बाद देश ने जहाँ आर्थिक विकास किया वही शिक्षा के मामले में भी बहुत प्रगति की ।

जिन गाँवों में एक भी विद्यालय नहीं था और इने-गिने ही शिक्षित व्यक्ति थे, वहाँ पर विद्यालय की स्थापना की गयी और लोगों में शिक्षा के प्रति जागृति आई । लेकिन जितनी तेजी से विकास होना चाहिए था या जितनी गति से साक्षरता दर बढ़नी चाहिए थी, नहीं बड़ी । इसके कई कारण थे। इसमें बेरोजगारी और निर्धनता प्रमुख थी ।

इसको देखते हुए केन्द्र और राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर सबको शिक्षित और साक्षर बनाने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए । अनेक गैर सरकारी या अर्धसरकारी योजनाएँ भी काम कर रही थीं । इससे जहाँ लोग बहुत बड़ी संख्या मे अशिक्षित और निरक्षर थे, वहाँ पर उन्हें यह समझ में आने लगा कि बिना पढ़े-पढाए न उनका कल्याण सम्भव है और न ही परिवार तथा समाज की उन्नति हो सकती है। यह भी समझ में आने लगा कि शिक्षा वह अंधकार मिटने का सशक्त माध्यम है जिससे व्यक्ति, परिवार और समाज का वहुमुखी विकास होता है।

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राजधानी में शिक्षा का स्तर:

अगर दिल्ली में शिक्षा के स्तर की बात करे तो शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली सरकार ने कई प्रमुख बिल पास किए हैं। एजुकेशन को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी काफी गंभीर है और हर तरीके के घोटाले को हटाना चाहते है। केजरीवाल ने प्राइवेट स्कूलों के बारे में बात करते हुए कहा कि पहले की स्थिति में कोई भी व्यक्ति प्राइवेट स्कूल बिना धोखाधड़ी के नहीं चला सकता था, अब कोई भी अगर ईमानदारी से स्कूल चलाना चाहे तो वह ऐसा कर सकता है। वहीं विपक्ष के विधायकों ने इस बिल का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि इस बिल में कई खामियां हैं और बिल में स्कूलों को फीस बढ़ाने की खुली छूट दी जा रही है।

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ओड-इवन के चलते बंद रहेगा सिग्नेचर ब्रिज

12 दिन तक बंद रहेगा सिग्नेचर ब्रिज, जानिए क्या है वहज


Odd even rule in Delhi : नार्थ-ईस्ट दिल्ली का सिग्नेचर ब्रिज दिल्ली के लोगों के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है, लेकिन अगले आने वाले 12 दिनों के लिए यानी 4 नवंबर से 15 नवंबर तक सिग्नेचर ब्रिज को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारीयों ने बताया की 4 नवंबर से 15 नवंबर तक ब्रिज को बंद किया जायेगा। उन्होंने कहा की ओड-इवन के समय पर ट्रैफिक काम होता है इसलिए उसे 12 दिन तक के लिए बंद किया जा रहा है ताकि कुछ मरम्मत का काम पूरा किया जा सके। इसके अलावा एक कारण यह है की ब्रिज पर पहले से पड़ी मशीनरी को हटाकर दूसरी जगह पर शिफ्ट करना है।

ट्रैफिक कमिश्नर ताज हसन ने कहा, कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने ब्रिज को बंद करने की मांग की थी। हसन ने आगे बताया की एजेंसी को मशीनरी हटाने के लिए एनओसी भी भेज दी गयी है, और उसके साथ ही कुछ मरम्मत का काम भी ब्रिज पर किया जाना है। अधिकारियों के मुताबिक पिछले नवंबर में खोला गया सिग्नेचर ब्रिज नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली और बाकी शहर को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण लिंक है। दिल्ली टूरिजम ऐंड ट्रांसपॉर्ट डिवेलपमेंट ने पहले भी इसे बंद करने की दरख्वास्त की थी लेकिन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इज़ाज़त  नहीं दी थी। अधिकारियों ने कहा कि निर्माण सामग्री भारी है और ब्रिज के बीच में ही है इसलिए इसकी सफाई के दौरान ट्रैफिक को अनुमति नहीं दी जा सकती।

क्या है सिग्नेचर ब्रिज की ख़ास बात?

अगर सिग्नेचर ब्रिज के बारे में बात करे तो पर्यटकों के आकर्षण के लिए 154 मीटर ऊंचे सिग्नेचर ब्रिज के सबसे ऊपरी छोर पर तीन लेवल वाला ग्लास का एक डेक बनाया गया है, जिस पर खड़े होकर लोग दिल्ली का अनूठा नजारा देख सकते हैं। वहां तक आने-जाने के लिए ब्रिज के दोनों ओर चार लिफ्टें भी लगाई गईं हैं। सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण का सारा काम अब पूरा हो चुका है, और विजिटर्स गैलरी व लिफ्ट बनाने के लिए यहां जो हेवी मशीनरी लगाई गई थी अब उसे हटाया जाना है।

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ट्रैफिक कमिश्नर का सुझाव:

पहले ट्रैफिक पुलिस ये सुझाव दिया था की सिर्फ रात को ब्रिज बंद  किया जाये ताकि लोगों की ज़्यादा दिक्कत न हो, लेकिन इस पर डीटीटीसी के अधिरकियों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था की मशीने काफी बड़ी और भारी हैं साथ ही उन्हें ट्रैफिक के चलते मशीनों को शिफ्ट करने में काफी परेशानी आएगी और काम पूरा होने में भी काफी टाइम लगेगा। इन सब के आलावा काम पूरा न होने की वहज से जान का भी खतरा हो सकता है, इसलिए अब ब्रिज को 12 दिनों तक लिए बंद कर दिया गया है ताकि बचा हुआ काम इस ओड-इवन के चलते पूरा किया जा सके।

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14 साल की उम्र में इस बच्चे ने जीता “विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप”

कौन है आर.प्रागनानंदा?


उम्र तो अब सिर्फ बताने के लिए ही रह गयी है। बड़े तो देश का नाम रोशन कर ही रहे थे लेकिन अब बच्चे भी अपनी काबिलयत से देश का नाम रोशन कर रहे है। जी हाँ, एक बच्चा ऐसा है जिसने अपने तेज़ दिमाग और काबिलयत से पूरे देश को गर्व महसूस कराया और नाम रोशन किया है।

14 साल के आर. प्रागनानंदा ने विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में अंडर-18 ओपन वर्ग का गोल्ड मेडल जीत कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही उसने सभी देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ग्रैंडमास्टर प्रागनानंदा ने 11वां और अंतिम राउंड जर्मनी के वालेंटिन बकल्स के खिलाफ़ खेला, जिसे जीत कर वो 9 अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया।

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जाने आर.प्रागनानंदा के जीवन से जुड़ी कुछ उपलब्धियां

आर.प्रागनानंदा चेन्नई के रहने वाले है। आर.प्रागनानंदा को छोटे से ही चैस खेलना का शौक रहा यही वजह है की उन्होंने इसकी कोचिंग ली और इसे खेलना सीखा। आज 14 की उम्र में आर. प्रागनानंदा चैस खेल में ग्रैंड मास्टर बन गए । प्रागनानंदा दस साल की उम्र में 2016 में अंतरराष्ट्रीय मास्टर बने थे। आपको बता दें की चैस चैंपियनशिप प्रतियोगिता मुंबई में हुई थी, जो कि हिंदुस्तान के लिए काफ़ी अच्छी रही. इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 7 मेडल जीत कर देश का नाम रौशन किया जिनमे एक आर.प्रागनानंदा भी है।

आर.प्रागनानंदा ने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल के इलावा भारत के लिए 6 मैडल और भी जीते है जिनमे 3 मैडल सिल्वर है और 3 मैडल ब्रोंज है। गोल्ड मैडल जीतने के बाद आर.प्रागनानंदा भावुक हुए और एक इंटरव्यू में कहा की मैंने अंडर-18 वर्ग में खेलने का विकल्प चुना, ख़िताब जीतना अच्छा महसूस कराता है। वही इस जीत से आर.प्रागनानंदा के माता पिता और उनके कोच बेहद खुश है। उनके कोच ने कहा की ‘यह शानदार उपलब्धि है । मुझे गर्व है कि मेरा एक शिष्य इस उपलब्धि को हासिल करने में सफल रहा।’

आर.प्रागनानंदा जीत चुके है कई चैंपियनशिप

आपको बता दें की 2013 में आर.प्रागनानंदा ने अंडर 18 चैंपियन और 2015 में अंडर-10 के विजेता भी रह चुके हैं। प्रागनानंदा विश्व के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर हैं.

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30 सितंबर से पहले कर ले पैनकार्ड से जुड़े यह काम, नहीं तो पैनकार्ड हो सकता है रद्द

जल्द करे पैनकार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं तो हो जायेगा भारी नुक्सान


अक्टूबर के महीना शुरू होते ही त्योहारों एक सीजन भी शुरू हो जायेगा जिसके वजह से बैंक छुटियाँ भी होंगी। ऐसे में जरुरी है की बैंक से जुड़े अपने सभी काम निपटा ले नहीं तो आपको इसका भारी  भुगतान  भरना पड़ सकता है । जी हाँ , अगर आपने 30 सितंबर तक यह काम नहीं किया तो आपका पैनकार्ड रद्द हो सकता है।

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30 सितंबर से पहले करे पैनकार्ड  को आधार कार्ड से लिंक

आपको बता दें कि आधार कार्ड को पैनकार्ड  के साथ लिंक करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2019  है। यदि  आपने 30  तारीख से पहले अपने आधार कार्ड को पैन कार्ड  से लिंक नहीं किया तो  आपका पैन कार्ड रद्द या अमान्य हो जायेगा।  इस बात की जानकारी सीबीडीटी की ओर से कई  बार दी जा चुकी है।

जाने अपने आधार कार्ड को पैनकार्ड  से कैसे कर सकते है लिंक?

आधार कार्ड को पैनकार्ड से लिंक करने के लिए सबसे पहले इनकम  टैक्स डिपार्टमेंट की ऑफिशल वेबसाइट पर जाए – www.incometaxindia efiling .gov.in। जहाँ आपको एक विकल्प मिलेगा आधार कार्ड को पैनकार्ड से लिंक करने का फिर उसमे एक फॉर्म फील करने आएगा। इस फॉर्म में आपको अपना पैनकार्ड नंबर ,आधार नंबर और आधार  में  लिखा अपना नाम एंटर  करना होगा।

उसके बाद इस फॉर्म  में आपसे पूछा जायेगा की क्या आप अपनी आधार से जुड़ी डिटेल्स को UIDAI से चेक कराना चाहते है तो आपको वह हाँ पर टिक करना होगा इस फॉर्म में सबसे नीचे कैप्‍चा वर्ड एंटर कर ओटीपी के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं. इसके बाद आधार पैन को लिंक करने के लिए लिंक आधार के विकल्प पर क्लिक करें. इसके साथ ही लिंकिंग का प्रोसेस पूरी हो जाती है. तो अगर अपने  अभी भी अपना आधार कार्ड जो है वो पैनकार्ड से लिंक  नहीं किया हुआ तो उसे जल्द ही लिंक करा ले वरना आपका पैनकार्ड 30 तारीख के बाद रद्द  हो जायेगा।

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हिंदू ह्दय सम्राट अशोक सिंघल की याद में दिया गया वैदिक शिक्षा पुरस्कार

वैदिकों ने एक सुर में कहा, “वेद धर्म से ऊपर, ज्ञान का अनमोल खजाना”


भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार समारोह समारोह के मुख्य अतिथि और पद्मभूषण पुरस्कार विजेता परमपूज्य स्वामी तेजोमयानंद जी ने कहा, वेदों से ही भारत की भारतीयता राष्ट्रीय स्तर पर वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने वाला पुरस्कार है, इस बार 1000 से ज्यादा  विद्यालयों ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया।
सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में तेलंगाना के रहने वाले श्री अजय जोशी का चुनाव किया गया,  शिक्षक दिवस पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार श्री गगन कुमार चटोपाध्याय जी को दिया गया , सर्वश्रेष्ठ वैदिक स्कूल के रूप में राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित मुनिकुल ब्रह्मचर्य वेद संस्थान ,का चयन किया गया, पुरस्कार समारोह में विशिष्ट वेदार्पित जीवन पुरस्कार (वेदों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार) आर  आर वेंकटरमन जी को दिया गया।
नई दिल्ली : विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष और हिंदुत्व के प्रखर पुरोधा अशोकजी सिंघल की याद में सिंघल फाउण्डेशन  की ओर से भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार के तीसरे संस्करण का आयोजन गुरुवार, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर लोधी एस्टेट स्थित चिन्मय मिशन ऑडिटोरियम में किया गया। पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस पर हिंदू ह्दय सम्राट अशोक सिंघल की याद में वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्र, शिक्षक और वैदिक स्कूल को सम्मानित किया गया और उन्हें लाखों के पुरस्कार भी प्रदान किए गए। गौरतलब है कि यूं तो वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों का गठन किया गया है, लेकिन यह राष्ट्रीय स्तर पर वेद की शिक्षा को बढ़ावा देने वाला  पुरस्कार है। इस वर्ष  यह पुरस्कार प्राप्त करने के लिए करीब 1000 वैदिक स्कूलों ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया है और शार्टलिस्टिंग की कठोर प्रक्रिया से गुजरे हैं।  समारोह के मुख्य और सम्मानित अतिथि परम पूज्य स्वामी तेजोमयानंद जी ने कहा कि वेद को धर्म की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। यह धर्म से बहुत ऊपर है। वेदों से ही भारत की भारतीयता है। वेदों के अध्ययन से आत्मज्ञान,  ब्रह्माज्ञान  , जीवन ज्ञान और सर्व विज्ञान का अध्ययन हो जाता है। देश में वेद आधारित शिक्षा प्रणाली लागू होनी चाहिए। गौरतलब है कि आध्यात्मिकता के क्षेत्र में 2016 में स्वामी तेजोमयानंद को पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। भारतीय आध्यात्मिक नेता स्वामी चिन्मयानंद 1994 से 2017 तक चिन्मय मिशन के अध्यक्ष रह चुके हैं।
पद्मभूषण पुरस्कार विजेता स्वामी तेजोमयानंद जी ने कहा,” जैसे राम के लिए हमेशा लक्ष्मण जी रहा करते थे उसी प्रकार अशोक जी रामभूमि के लिए लक्ष्मण समान थे इसलिए यह पुरस्कार निः संदेह उचित है | वेद हमें हमारे जीवन का लक्ष्य भी बताते है , और उन्हें पाने का मार्ग भी बताते है , इसलिए हमें वेदों का ज्ञान प्राप्त करना चाहिये ”
वैदिक शिक्षा के प्रचार और प्रोत्साहन के लिए सिंघल फाउण्डेशन की ओर से “भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार” के लिए सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में तेलंगाना के रहने वाले श्री अजय जोशी का चुनाव किया गया, जिन्हें 3 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई | वे ऋग  वेद के विद्यार्थी है | शिक्षक दिवस पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार श्री गगन कुमार चटोपाध्याय जी को दिया गया जो कोलकत्ता के निवासी है , जिन्हें पुरस्कार राशि के तौर पर 5 लाख रुपये प्रदान किए गए। आचार्य श्री गगन कुमार चटोपाध्याय सामवेद  के विद्वान है |  सर्वश्रेष्ठ वैदिक स्कूल के रूप में राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित मुनिकुल ब्रह्मचर्य वेद संस्थान ,का चयन किया गया, संस्थान को सिंघल फाउण्डेशन की ओर से सात लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। ये  राजस्थान के छोटे से गांव  में 139 साल पहले की गई थी। समारोह में  स्वामी तेजोमयानंद  ने विजेताओं को पुरस्कारों का वितरण किया। पुरस्कार समारोह में विशिष्ट वेदार्पित जीवन पुरस्कार (वेदों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार) आर  आर वेंकटरमन जी को दिया गया।
सिंघल फाउण्डेशन के ट्रस्टी सलिल सिंघल ने कहा, “श्रद्धेय अशोक जी सिंघल हिंदुत्व के अग्रणी जननायक थे। उन्हें वेदों के पठन-पाठन में गहरी रुचि थी। वह वेदों के संपूर्ण ज्ञाता थे। उनके प्रयास से देश में कई वैदिक विद्यालयों की स्थापना की गई। वेदों के प्रति उनके लगाव को देखते हुए फाउंडेशन ने उनकी याद में वैदिक पुरस्कार देने का फैसला किया।“
सिंघल फाउण्डेशन के एक अन्य ट्रस्टी संजय सिंघल ने बताया, “पुरस्कार समारोह के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए विशेष समिति का गठन किया गया था। इसके लिए देश के सभी वैदिक स्कूलों से तीनों श्रोणियों में अपनी प्रविष्टि भेजने के लिए कहा गया था। समारोह के आयोजन का मूल उद्देश्य भारत में वैदिक शिक्षा को प्रोत्साहित करना और इस काम में जुड़े लोगों की सराहना करना है। वैदिक शिक्षा के प्रचार प्रसार और वैदिक संस्थानों के उत्थान में सिंघल फाउण्डेशन की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाता रहेगा।“

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