Categories
सुझाव

ना करें भूलकर भी इन लोगों को ‘नमस्कार’ हो सकते हैं आपको नुकसान

किन-किन लोगों को नमस्कार करने से हमारा हो सकता है नुकसान


भारतीय संस्कृति के मुताबिक कोई भी भारतीय जब किसी से मिलते हैं तो हाथ जोड़कर, शीष झुकाकर नमस्कार करते हैं। ऐसा हमारी संस्कृति के मुताबिक करके हम सामने वाले व्यक्ति को आदर और सम्मान अर्पित करते हैं। ऐसा करने वाला व्यक्ति, विनम्र स्वभाव और अच्छे व्यवहार को दर्शाता है और हम सभी में ये सदगुण होना चाहिए ताकि जब भी हम किसी से मिले तो उनका सम्मान कर सके साथ ही उन्हें अपने व्यवहार से खुश कर सकें। लेकिन हम आपको बता दें कि शास्त्रों के अनुसार हमें हर किसी को नमस्कार नहीं करना चाहिए।

Representative Image

जी हां, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गरुड़ पुराण के मुताबिक समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें नमस्कार करना हमारे संस्कृति के विरुद्ध माना जाता है अर्थात उन्हे नमस्कार करने से हम खुद का नुकसान कर सकते हैं।

Also Read: रिलेशनशिप और रिश्ते: कपल्स के बीच रिश्तों के बदलते रूप

आइए जानते हैं कि किन-किन लोगों को नमस्कार करने से हमारा हो सकता है: –

1.कपटी और दिल का बुरा: यदि कोई इंसान छल-कपट करता है या फिर झूठ बोलता है, तो ऐसे व्यक्ति के सामने हमें कभी भी नमस्कार नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपका खुद का ही मान-सम्मान घटता है और साथ ही इससे कुंडली दोष भी बढ़ते हैं।

2.अंतिम संस्कार में जाता व्यक्ति: अंतिम संस्कार में जाते वक्त व्यक्ति को मौन रहना चाहिए। ऐसे में यदि हम उन्हें नमस्कार करते हैं तो उनका मौन टूट सकता है जिसकी वजह से कुंडली दोष भी बढ़ते हैं।

3.स्नान करता व्यक्ति: स्नान कर रहे व्यक्ति को कभी भी नमस्कार नहीं करना चाहिए क्यूंकि ये हमारे शिष्टाचार और संस्कार के विरुद्ध है। ऐसा करने से स्नान करने वाला व्यक्ति असहज हो सकता है और इससे कुछ प्रॉब्लम भी क्रिएट हो सकता है।

4.दौड़ता व्यक्ति: दौड़ते हुए व्यक्ति का पूरा ध्यान अपनी दौड़ पर होता है, ऐसे में उसे नमस्ते करने पर उसका ध्यान बट सकता है या फिर हो सकता है वो आपको जवाब ही ना दे पाए तो इससे अच्छा है कि आप उसके रुकने का इंतज़ार करें।

5.पूजा करते हुए: पूजा करते वक्त व्यक्ति का मन एकाग्र होता है। ऐसे में नमस्ते करने पर उनका पूरा ध्यान भंग हो सकता है, जिससे उसकी पूजा अधूरी रह सकती है और पूजा करने वाले इंसान के मन में कई और विचित्र ख्याल आ सकते है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
लाइफस्टाइल

रिलेशनशिप और रिश्ते: कपल्स के बीच रिश्तों के बदलते रूप

कहीं आप अनदेखा तो नहीं कर रहे इन बातों को


रिश्तों को जुड़े हुए चाहे कितना भी समय हो चुका हो लेकिन उसमें प्यार और रोमांस हमेशा बरकरार रहना चाहिए। यदि आपको लग रहा कि आपके रिलेशनशिप में कुछ बदलाव आ रहा है और स्थितियां पहले की तरह नहीं है, तो आपको सचेत होने की जरूरत है। वैसे तो रिश्तों को बनाने में सालों लगते है पर टूटने में एक पल भी नहीं लगता। कई बार हम अपनी दिनचर्या में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने आस-पास हो रहे परिवर्तनों पर बिलकुल ध्यान ही नहीं दे पाते। रिश्तों में अगर कड़वाहट आ जाए और रिश्ते समाप्ति की ओर बढ़ने लगे, इसके पहले ही हमें इससे जुड़े कुछ संकेत मिलने लगते हैं। यह अलग बात है कि हम अपनी लापरवाही की वजह से इन पर ध्यान नहीं दे पाते।


प्रतिनिधि छवि

यदि आप अपने रिश्तों को टूटने से बचाना चाहते हैं तो उन संकेतों को समझने की कोशिश करें, जिनसे आपके रिलेशनशिप में दूरियां बढ़ रही हैं: –

1.साथी के अंदाज जाने: अचानक से कुछ भी नहीं होता, चीजें धीरे-धीरे ही बदलती हैं। अपने साथी के शारीरिक संकेतों को समझने की कोशिश कीजिए। क्या आपके पार्टनर पहले की तरह आप पर ध्यान नहीं दे रहा और आपकी बातों में रूचि नहीं ले रहे हैं? आपके करीब आने पर आपका साथी असहज महसूस करता/करती है। रोमांटिक पलों को अनदेखा कर रही/रहा है। अगर आपके पास कोई टॉपिक नहीं रह गया हो बातचीत करने का। ऐसे में आप मानें या ना मानें लेकिन आपके शारीरिक संकेत बहुत कुछ कह देतें हैं।

2.प्यार कहीं खो सा गया: पति-पत्नी के बीच के प्यार और केयर की कमी भी रिश्तों में दूरियां बढ़ने के संकेत होते हैं। अगर आपके बीच पहले जैसी प्यार की गरमाहट अब कहीं ढूंढने से भी नजर नहीं आ रही तो समझिए कि आपका रिश्ता खतरे का संकेत दे रहा है। ऐसा माना जाता है कि विवाह के शुरूआती दिनों के कुछ समय बाद रोमांस का खुमार धीरे-धीरे कम होता चला जाता है। लेकिन इसका ये मतलब भी नहीं होता कि आपस में प्यार बिलकुल नजर ही न आएं।

Also Read: आखिर क्या है शादी करने की परफेक्ट उम्र, 20, 30 या 40 साल?

3.व्यवहार में बदलाव: पार्टनर के बीच व्यवहार का बदलना ही आपके बीच की दूरियां बढ़ने का तीसरा संकेत है। क्या आपके साथी का अब आपकी बातों पर ध्यान नहीं जाता। आपकी महत्वपूर्ण बातों को सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। आपकी बातों का जवाब भी वो झुंझुलाकर देतें हैं। उनका बेवजह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना इत्यादि। यदि ये सारे लक्षण उनके व्यवहार में नजर आ रहे हैं तो आप समझ लें कि ये भी एक खतरे की घंटी है।

4.रोमांटिक पलों को कर रहे हो अनदेखा:यदि आपका साथी आपके साथ रोमांटिक पल नहीं बिताना चाहता/चाहती तो समझे कि आपके बीच की दूरियां बढ़ रही हैं। किसी पार्टी या फंक्शन में बाहर जाने के बने कार्यक्रम में आपके साथी का उपेक्षापूर्ण व्यवहार दूसरों को यह जता देता है कि आपके संबंधो में क़डवाहट आ रही है। यह स्थिति कष्टपूर्ण है। ऎसी स्थिति आपके रिश्ते के लिए खतरे की घंटी है।

5. व्यक्तित्व में बदलाव: यदि आपको ऎसा महसूस हो रहा है कि आपका साथी दिन-प्रतिदिन कुछ बदल-सा रहा है। यदि आपका साथी अपने व्यक्तित्व को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो रहा/रही है। यदि रोज़-रोज़ नए और फैशनेबल कपड़ो और एक्सेसरीज की ओर उनका ध्यान जा रहा है तो अचानक से आए इन बदलावों से जान ले कि आपके साथी के जीवन में कुछ नया और रोमांचक चल रहा है या हो सकता है कि उनके लाइफ में आपकी जगह कोई और लेने की कोशिश कर रहा/रही है।

6.इन्तेहाँ हो गयी इंतज़ार की:क्या आपने ध्यान दिया कि आपने दिन में कितनी बार उन्हें कॉल किया और उन्होने कितनी बार आपसे बात की। वापस फोन करता/करती हूं कह कर बात बात काट दी, लेकिन पूरा दिन निकलने के बाद भी इंतजार ही बाकी रह गया। यदि ये लक्षण आपको नजर आ रहे हैं तो सचेत हो जाइए। कभी भी स्थितियों को अनदेखा करने से स्थितियां सुधरती नहीं हैं और बिगड़ ही जाती हैं। बेहतर होगा कि खतरे के संकेतों को पहचान कर अपने साथी से इस बारे में समय रहते बात कर लें ताकि आपका रिश्ता किसी तरह की ग़लतफहमी का शिकार ना हो और आपका एक-दुसरे पर प्यार और विश्वास बना रह सके।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सेहत

हरी मिर्ची खाने के ये हैं 5 हेल्थ बेनेफिट्स, जो कर देंगे आपको दंग!

क्या आप भी हैं हरी मिर्च खाने के दीवाने, तो जानिये उनके फायदे


इस भाग-दौड़ की लाइफ में लोग फास्टफूड को ही तवज्जो दे रहे हैं। फास्टफूड के ट्रेंड में हर चीज में लाल मिर्च ही उपयोग करते हैं। जबकि लाल मिर्च हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह है और हमारे शरीर में जहर का काम करती है।

हरी मिर्ची

चलिए आज हम आपको हरी मिर्च खाने के 5 फायदे बता रहे हैं :-

काफी मात्रा में होता है विटामिन: हरी मिर्च हमारे स्वाद में सिर्फ तीखे की कमी को ही पूरा नहीं करती, बल्कि इसमें भारी मात्रा में विटामिन भी मौजूद होते हैं। हरी मिर्च में विटामिन-ए और विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में होते हैं।

आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद: वैसे तो हरी मिर्च में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते ही हैं। साथ ही हरी मिर्च खाने से आंखों की रोशनी भी तेज होती है। हमेशा कोशिश करें कि जो भी आप खाना बनाएं और खाने में लाल मिर्च को शामिल करने के बजाय हरी मिर्च का इस्तेमाल करें।

•पोषक तत्वों से है भरपूर: हरी मिर्च में सिर्फ विटामिन्स ही नहीं बल्कि अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हरी मिर्च में विटामिन- ए, बी6, विटामिन-सी, आयरन, कॉपर, पोटेशियम, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट भी शामिल होते हैं।

Also Read: ओट्स या कॉर्न फलैक्स: कौन-सा है बेहतर ब्रेकफास्टफ दिन के शुरुआत के लिए?

• पाचन क्रिया में सहायक: लाल मिर्च या कई तरह के चटपते मसाले और फास्टफूड जैसी चीजें हमारी पाचन क्रिया को सीधे तौर पर काफी प्रभावित करते हैं। जबकि हरी मिर्च खाने से हमारी पाचन क्रिया और हमारा पेट साफ़ रहता है। साथ ही ये सुचारू रूप से काम भी करती है।

पाएं तनाव रहित जीवन: हरी मिर्च खाने से तनाव और चिंता होने के चांसेस ना के बराबर रहते हैं। एक नई स्टडी के मुताबिक हरी मिर्च का सेवन करने से हमारे मस्तिष्क में एंडोर्फिन नामक हार्मोन का संचार होता है। जिससे हमारा मूड काफी हद तक फ्रेश रहता है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सेहत

एचआईवी और एड्स : इनके बीच के डिफरेंसेस और शुरूआती लक्षण

आखिर कौन-कौन से हैं एचआईवी के शुरूआती लक्षण?


एड्स, एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनकर ही लोग सहम जाते हैं। यह मनुष्य के शरीर में ह्यूमन इम्यूनोडिफिशंसी वाइरस (एचआईवी) की वजह से होता है। एचआईवी एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन इसके लक्षण शुरुआत में बिलकुल समझ में नहीं आते हैं। इंफेक्शन होने के बाद मरीज तुंरत इसके लक्षणों को नहीं समझ पाता है। आमतौर पर इसके शुरुआत में इनफ्लुएंजा जैसे लक्षण दिखाई देते हैं और इसके बाद एक लंबे समय तक कोई भी लक्षण महसूस नहीं होता है।

एचआईवी और एड्स

हालांकि, जैसे-जैसे इन्फेक्शन पूरे शरीर में फैलता है, यह इम्यून सिस्टम पर प्रभाव डालना शुरू कर देता है। इसी की वजह से शरीर में ट्यूमर, टीबी आदि जैसे और भी खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। एचआईवी से संक्रमित होने के बाद ऐसी बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है जो नार्मल इम्यून सिस्टम वाले व्यक्ति को नहीं होती हैं।

आइए बताते हैं कि एचआईवी के लक्षण और उसके कारण के बारे में: –

  • एचआईवी एड्स के अलग-अलग स्टेजज होते हैं, जिनमें लक्षण भी अलग-अलग होते हैं।
  1. ऐक्यूट इन्फेक्शन

इस फेज में इनफ्लुएंजा जैसे लक्षण होते हैं, जो इन्फेक्शन होने के 2 से 6 हफ्तों में सामने आते हैं। 

  • इसके लक्षण हैं :-

-बुखार
-ठंड लगना
-मांस-पेशियों में दर्द
-गले में दर्द
-हड्डियों में दर्द
-रात में पसीना
-कमजोरी, थकान और चक्कर आना
-वजन कम होना

  1. असिम्प्टोमटिक एचआईवी

पहले फेज के बाद दूसरा फेज आता है जिसमें लंबे समय तक कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। मरीज भी इस स्टेज पे खुद को बिल्कुल स्वस्थ महसूस करता है। यह स्टेज कभी-कभी 20 साल तक का हो सकता है। हालांकि इस दौरान इन्फेक्शन का असर इम्यून सिस्टम पर पड़ता रहता है और वह धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है।

एचआईवी और एड्स
  1. लास्ट स्टेज

यह एचआईवी का सबसे गंभीर स्टेज होता है। इसमें मरीज पर गंभीर बीमारियों का असर शुरू हो जाता है। इसमें CD4+T सेल्स की संख्या 200 से भी नीचे पहुंच जाता है।

  • इसके लक्षण हैं :-

-डायरिया
-आंखों में धुंधली रोशनी
-तेज बुखार
-सूखी खांसी
-मुंह और जीभ में सफेद धब्बे
-वजन का कम होना
-रात को पसीना आना
-सांस लेने में दिक्कत
-थकान

सबसे जरुरी बात यह है कि अगर एचआईवी इन्फेक्शन हो गया है तो जरुरी नहीं है कि एड्स भी हो ही जाएगा। यह सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपना इलाज कितनी जल्दी शुरू कर रहे हैं और वो कितना प्रभावी है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सेहत

ओट्स या कॉर्न फलैक्स: कौन-सा है बेहतर ब्रेकफास्टफ दिन के शुरुआत के लिए?

चुनें अपने बॉडी के हिसाब से सही नाश्ता और रहें पुरे दिन एनर्जी से भरपूर


सुबह का नाश्‍ता हर एक इंसान के लिये बेहद जरुरी होता है। यह शरीर को दिनभर के लिए तैयार करता है और बॉडी में एनर्जी प्रदान करता है और मज़े की बात तो ये है कि ये वजन घटाने में भी मददगार है। वज़न घटाने के लिए डायटिंग कर रहे लोग अक्सर ओट्स या फिर कॉर्नफ्लेक्‍स ही ज्‍यादा खाना पसंद करते हैं। इन दोंनो में ही इतनी शक्‍ती होती है कि ये आपके शरीर की एनर्जी लेवल को एक लंबे समय तक बरकरार रखते हैं। लेकिन सवाल ये है कि आखिर इन दोंनो में हेल्‍दी कौन-सा है, इसे शायद ही कुछ लोग जातने होंगे? जिसका सबसे अच्छा तरीका है, अगर आप बाजार में ओट्स या कॉर्नफ्लेक्‍स खरीदने जाते हैं तो इन्‍हें लेने से पहले इसके कैलोरी कंटेंट और फैट कंटेंट को जरुर एक बार रीड कर लें और साथ ही यह भी देंखे कि कहीं इसमें शुगर तो नहीं मिली हुई है।

ओट्स या कॉर्न फलैक्स

आजकल की दौड़ती दुनिया में लोगों के पास वर्कलोड काफी है और जिसकी वजह से लोगों के बीच हेल्‍दी खाना खाने का चलन काफी बढ गया है, इसलिये लोग आंख बंद कर के कुछ भी खा लेते हैं। लेकिन आप अगर कुछ भी खाए उसका कंटेंट एक बार जरुर अच्छे से पढ़ लें कि किन-किन चीजों से मिलकर बना है वो प्रोडक्ट!

आइये जानते हैं कि कॉर्नफ्लेक्‍स और ओट्स में कौन-सा ऑपशन नाश्ते के लिये सबसे सही है:-

कॉर्नफ्लेक्‍स का डेली माइक्रोन्‍यूट्रियंट्स कितना है:

आयरन: 45%थियामीन (B 1): 25%रिबोफ़्लविन (B 2): 25%नियासिन (B 3): 25%विटामिन B 6: 25%फोलेट: 25%विटामिन B 12: 25%विटामिन A: 10%विटामिन C: 10%विटामिन D: 10%

ओट्स का डेली माइक्रोन्‍यूट्रियंट्स कितना है: 

प्रोटीन: 34%विटामिन: A 0%विटामिन: C 0%कैल्शियम: 5%आयरन: 26%विटामिन D: 0%विटामिन B: -6 5%विटामिन B: -12 0%मैग्नीशियम: 44%

  1. कैलोरी कांउट : –
  • ओट्स:ओट्स में आपको कैलोरीज़ कम मिलेंगी। अगर आपने 100 ग्राम ओट्स खाएं तो आपको केवल 68 कैलोरीज़ ही मिलेंगी।
  • कॉर्नफ्लेक्‍स:100 ग्राम कॉर्नफ्लेक्‍स में लगभग 357 कैलोरीज़ पाई जाती है तो अगर आपको अपनी कैलोरीज़ कम रखनी है तो कॉर्नफ्लेक्‍स ना खाकर केवल ओट्स खाएं।
  1. फाइबर कंटेंट : –
  • कॉर्नफ्लेक्‍स:यहां पर कॉर्नफ्लेक्‍स ने बाज़ी मार ली है। इसका साफ़ मतलब यह है कि 100 ग्राम कॉर्नफ्लेक्‍स में 3 ग्राम डायट्री फाइबर होता है।
  • ओट्स:ओट्स में आपको केवल 7 ग्राम तक ही डायट्री फाइबर ही मिलेगा।

डायट्री फाइबर शरीर के लिये बहुत अच्‍छा माना जाता है क्‍योंकि यह कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है, ब्‍लड शुगर को चेक में रखता है और पेट दुरुस्‍त रखता है।

ओट्स या कॉर्न फलैक्स
  1. Vitamin A
  • कॉनफ्लेक्‍स: अगर आपको अपने दिन की शुरुआत अच्छी करनी है तो आप कॉर्नफ्लेक्‍स खा सकते हैं। विटामिन ए से हड्डियां मजबूत होती हैं और आपके आंखों की रौशनी भी बढती है और साथ-ही-साथ इम्‍यूनिटी पॉवर बढती है।
  • ओट्स:वहीं 100 ग्राम ओट्स में आपको केवल 433 IU, विटामिन A प्राप्‍त होगा।
  1. फैट की मात्रा
  • कॉर्नफ्लेक्‍स और ओट्स दोंनो में ही फैट कंटेंट कम होते हैं। 100gm कॉर्नफ्लेक्‍स में आपको 4 gm फैट मिलेगा।
  • ओट्सस के भी 100gm में 4 gm ही फैट होगा।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
लाइफस्टाइल

कुछ गलतियां जो कारण है आपके चेहरे पे मौजूद पिम्पल्स के

कहीं आप खुद जिम्मेदार तो नहीं अपने पिम्पल्स के


वैसे तो पिम्पल्स युवाओं की सबसे बड़ी समस्या होती है। पिम्पल्स ज्यादातर 20-30 उम्र के लोगों में देखने को मिलता है और इससे मुक्ति पाने के लिए उसके उपचार में लोग लगे पड़े रहते हैं ल्र्किन फिर भी कोई छुटकारा नहीं मिल पाता हैं। अगर आप किशोर वर्ग के बाद भी अपने पिम्पल्स से राहत नहीं पा सके हैं तो इस समस्या को व्यस्क पिम्पल्स का नाम दिया जाता है और दुर्भाग्य से, आप खुद व्यस्क पिम्पल्स के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। खासकर आपके श्रृंगार करने की आदतें ही पिम्पल्स पैदा करने के लिए जिम्मेदार ठहराई जाती हैं।

पिम्पल्स

अगर आप भी 10% बेंज़ोइल पेरोक्साइड के साथ सौंदर्य उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं, या पिम्पल्स को छिपाने के लिए कंसीलर का उपयोग कर चेहरे को कवर की कोशिश कर रहे हैं तो ऐसा करने से, आप शायद एक महान दिखने वाली त्वचा पाने के चक्कर में खुद के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। ऐसे कई काम हैं जो आप खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए करते हैं और इसी वजह से शायद आप अभी तक पिम्पल्स के शिकार हैं और आपके पिम्पल्स आपका पीछा नहीं छोड़ रहे।

आइये जानते हैं ऐसी कौन-कौन सी है गलतियाँ, जो अक्सर आप करते हैं: –

  1. सफाई की आदत

केमिकल वाले क्लेंसर आपकी त्वचा को नुकसान पहुचाते हैं। आपकी त्वचा के प्राकृतिक तेलों में रोगाणुरोधी पेप्टाइड्स हैं जिन्हें ‘डिफेन्सिन’ कहा जाता है। आपके द्वारा खराब चीजों के इस्तेमाल से जैसे साबुन, हेज़ेल या टोनर; ये सभी उत्पाद शराब-आधारित हैं। आपको अपने स्किन के लिए शराब मुक्त उत्पादों का चयन करना चाहिए ताकि वह आपकी त्वचा पर कठोर प्रभाव ना करे।

  1. पिम्पल्स सेनानियों

बेंज़ोइल पेरोक्साइड, हल्के से मध्यम में पिम्पल्स का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक दवा है और ये दवा फेस की सफाई तरल, लोशन, क्रीम और जेल फार्म में उपलब्ध है। बीपी का 10% किशोर वर्गीय के लिए प्रासंगिक है। लेकिन जैसे-जैसे हम व्यस्क होते जाते हैं, हमारी त्वचा की नमी कम हो जाती है और बीपी प्रकृति में त्वचा को सूखा देता है और ये चेहरे में जलन पैदा कर सकता है। नये पिम्पल्स के लिए, ब्रेकआउट के पहले दो दिनों में 5% बीपी के साथ वॉश का उपयोग करें। तीन और चार दिनों में सूजन को कम करने के लिए कोर्टिसोन क्रीम पर आवेदन करें।

3) पिंपल को फोड़ना

जब आप अपनी उंगलियों के साथ अपने पिम्पल्स पॉप करते है या फिर फोड़ने की कोशिश करते हैं, तब अंदर की गन्दगी और भी ज्यादा बिगड़ जाता है। कॉमेडोन चिमटे का इस्तेमाल आपको पिम्पल्स फोड़ने में मदद कर सकता है। यदि आपको मिलता है, तो इसे पॉप करने के लिए कॉमेडोन चिमटा खरीदें। यह गन्दगी को अंदर धकेलने के बजाए, दबाव के साथ बाहर निकालता है।

पिम्पल्स

4) स्पॉट-मुक्त उपचार

कंसीलर पिम्पल्स के लिए एक घातक प्रोडक्ट है; यह जलन को रोकने में मदद नहीं करता है। जब आपको दोष से मुक्त अवस्था की आवश्यकता होती है, तो अपने त्वचा विशेषज्ञ यानि स्किन स्पेसिलिस्ट डॉक्टर के ऑफिस जाना चाहिए और एक कॉर्टिसोन इंजेक्शन के द्वारा 24 घंटे के भीतर दाना गायब हो सकता है।

5) तनाव कारक

एक उच्च दबाव वाली नौकरी या तनाव से भरा रिलेशनशिप, जो आपके तनाव का कारण हो सकता है और वो बैक्टेरिया को आसानी से बनाते हैं, और शरीर की कोर्टिसोन की रिहाई, एक विरोधी भड़काऊ हार्मोन के साथ मिलकर भी गड़बड़ कर सकते हैं। तनाव को कम करने के नए तरीके खोजने से पिम्पल ब्रेकआउट को रोकने में मदद मिलती है।

6) सही भोजन

कुछ लोग त्वचा विशेषज्ञ से कोई नुस्खे के बिना, ज़्यादा खाने की आदत को छोड़कर पिम्पल्स से छुटकारा पा लेते हैं। खाने में ज्यादा ऑयली खाना ना लेकर सिंपल और शाकाहारी खाने का उपयोग करना चाहिए।

7) सही प्रिस्क्रिप्शन

ज्यादातर लोग अपने पिम्पल्स के लिए कोई न कोई उपचार का प्रयोग करते रहते हैं लेकिन उनकी समस्या के लिए सही नुस्खे प्राप्त नहीं करते हैं। एक स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर देखें, वे आपको स्पिरोनोलैक्टोन, एक विरोधी गोली लिख सकते हैं। इससे शरीर का स्किन पे तेल उत्पादन कम हो जाता है लेकिन आमतौर पर वयस्क महिलाओं के शरीर के अन्य हिस्सों में हार्मोनिक रूप से प्रभाव नहीं होता है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
पॉलिटिक्स

आने वाले नए साल में इकॉनमी के सामने आने वाली है कई चुनौतियां

भारत की अर्थव्यवस्था सुधरने के लिए नया साल सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण


रोजगार बढ़ाने और करप्शन खत्म करने के नाम पर, मोदी सरकार के लिए 2019 लोकसभा चुनाव से पहले का साल 2018, सबसे चुनौतीपूर्ण साल रहने वाला है। 2019 में मई से पहले चुनाव वाले हैं जिसमें सरकार को देश के विकास पर रिपोर्ट कार्ड वोटरों को दिखाना होगा। पूरा देश अभी भी नोटबंदी और उसके बाद के जीएसटी के शॉक से अभी तक नहीं संभल पाया है। ऐसे में ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या 2018 में, मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था की स्पीड बढ़ पाएगी?

भारतीय अर्थव्यवस्था

ग्रोथ 7% से कम रहेगी

नोटबंदी से अप्रैल-जून 2017 तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.7 प्रतिशत के साथ तीन साल में सबसे कम देखी गई थी। जुलाई-सितंबर 2017 में मामूली-सा कुछ फर्क आया और रिकवरी के साथ नार्मल प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2003-04 से 2011-12 के बीच जीडीपी ग्रोथ 7% से अधिक रही थी। इसका मतलब यह है कि अर्थव्यवस्था क्षमता के मुताबिक अच्छा ग्रोथ और परफॉर्म नहीं कर पा रही है। वैसे वित्त वर्ष 2018 और 2019 के लिए जो अनुमान आए हैं, उनमें अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ने का दावा किया गया है।

इकनॉमिक रिकवरी जारी रहेगी

एक दशक से अधिक समय में भारत की सॉवरेन रेटिंग बढ़ाने वाली अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी ‘मूडीज’ का कहना है कि अगले साल मार्च में खत्म होने वाले वित्त वर्ष 2018 में ग्रोथ 7.5 प्रतिशत और 2019 में 7.7 प्रतिशत रहेगी। अमेरिकी बैंक गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि 2018 में ग्रोथ 6.4 प्रतिशत रहेगी, लेकिन अगले वित्त वर्ष में 8 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। वित्त वर्ष 2019 के लिए इन एजेंसियों ने 7.3 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान दिए हैं। इसका मतलब यह है कि साल 2018 में अर्थव्यवस्था की हालत इस साल से कुछ अच्छी रहेगी।

पिछले बुधवार ही सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने का ऐलान किया था। इससे वित्त वर्ष 2018 में 3.2% के वित्तीय घाटे के लक्ष्य के चूक जाने की आशंका बढ़ गई है। इससे बॉन्ड मार्केट से कर्ज लेना भी महंगा पड़ सकता है। इसका यह भी मतलब है कि रिजर्व बैंक के लिए लोन सस्ता करने की गुंजाइश कम हो जाएगी। कंपनियां लोन सस्ता होने पर निवेश बढ़ाती हैं, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आती है।

बजट
गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कम सीटें मिलने के बाद, बजट के लोक-लुभावन होने की अटकलें लग रही हैं। अगर इसके लिए अगले वित्त वर्ष के वित्तीय घाटा लक्ष्य में बदलाव किया जाता है तो उससे मार्केट पर बुरा असर होगा।

भारतीय अर्थव्यवस्था

कच्चा तेल
कच्चे तेल की कीमत अभी 66 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। इसके 70 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। अगर ऐसा होता है तो इससे महंगाई दर में बढ़ोतरी होगी और सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ेगा। इससे भी लोन सस्ता करने के मामले में रिजर्व बैंक के हाथ बंध जाएंगे।

राज्यों में चुनाव
नए साल में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित 8 राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। इन आगामी चुनावों में BJP के परफॉरमेंस देखने लायक होंगी।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
सेहत

बेवजह नहीं है उबासी लेना: ये 4 बातें आपको जान लेनी चाहिए

उबासी को ना करें नज़रंदाज़, साइंटिफिक रिजन्स सुनकर हो जायेंगे हैरान


उबासी को अमूमन मामूली ही समझा जाता है लेकिन इसे एक आम चीज की तरह समझना शायद गलती हो सकती है। उबासी लेते समय आपका शरीर आपसे बहुत कुछ कहता है। जब सुबह-सुबह कोई ऑफिस आए और सीट पर बैठते ही उबासी लेने लगे तो इसका मतलब सिर्फ इसी चीज से निकाला जाता है कि उसने अपनी नींद कम्पलीट नहीं की है और उसे नींद आ रही है। चाहे या तो आप अगर किसी कॉलेज के लेक्चर के दौरान या फिर किसी डिनर डेट पर उबासी ले रहा हो तब भी हर बार यही माना जाता है कि उस इंसान को नींद आ रही है, लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है?

उबासी लेना

लेकिन इन सब में साइंस का कुछ अलग कहना है। कभी ऐसा हुआ है किसी बेहद करीबी इंसान से मिलने गए हों हाथ मिलाते ही आपने उबासी ली हो और थोड़ी देर बाद आपके दोस्त को भी उबासी आ गई हो? सीधी सी बात यह है कि अगर वाकई उबासी लेने का कनेक्शन सिर्फ नींद से है तो इन सब का मतलब एक तो नहीं हो सकता है।

आइये जानते है आखिर क्या कहना चाहता है आपका शरीर आपसे?

  1. नजदीकी नाता

अगर आप किसी इंसान के ज्यादा करीब हैं और उसे अगर उबासी आएगी तो आपको भी आएगी औए ये बड़ा ही कॉमन एजेंडा है। ये किसी छूत की बीमारी की तरह ही है। अगर आपके दिल के करीब कोई इंसान है और उससे आप मिल रहे हैं और उसे किसी भी कारण से उबासी आती है तो आप भी उसका भरपूर साथ निभाएंगे। ऐसा अक्सर पति-पत्नी के मामले में भी होता है।

सन 2011, की एक रिसर्च में यह बात सामने आयी थी कि परिवार वालों, दोस्तों के मामले में ये सबसे ज्यादा होती है और अगर कोई अपरिचित होता है तो इसका कोई असर नहीं होता।

  1. दिमाग कूल होना चाहता है

उबासी तभी आती है जब दिमाग को ठंडक चाहिए होती है। ये हाल ही में की गई वैज्ञानिक दृष्टिकोण है जो कहती है कि इससे दिमाग को कुछ ताजा हवा मिलती है और वो ठंडा होता है।

सन 2011 की स्टडी ये भी कहती है कि नींद के वक्त दिमाग ज्यादा काम करता है। जब किसी को नींद चाहिए होती है या किसी वजह से वो कम सोया होता है तो दिमाग का तापमान बढ़ जाता है। उस समय में इंसान को कुछ ज्यादा उबासी आती है जिससे दिमाग भी थोड़ा ठंडा होता है।

उबासी लेना
  1. जितनी बड़ी उबासी, उतना बड़ा दिमाग

हाल में ही की गई रिपोर्ट, जिसे बायोलॉजी लेटर्स के नाम से पब्लिश किया गया है। ये रिपोर्ट बताती है कि स्तनधारियों के शरीर में जितना भारी दिमाग होगा, उतनी ही बड़ी उबासी ली जाएगी। कारण साफ है दिमाग को ठंडा करने के लिए और कुछ सेल्स या न्यूरॉन्स को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है काम करने के लिए।

इसके अलावा, जब भी शरीर को लगेगा कि ऑक्सीजन की कमी हो रही है तब-तब उबासी आएगी।

  1. हार्ट अटैक की निशानी

अगर दिल की कोई समस्या होने वाली है या हो चुकी है, हार्ट अटैक आने वाला है या फिर कोई ट्यूमर है तब इंसान को जरूरत से ज्यादा उबासी आएगी। वास्तव में ये थोड़ा डरावना है लेकिन  घबराए नहीं, क्यूंकि ये तब होगा जब इतनी उबासी आएगी जो जीवन में कभी नहीं आई होगी।

हार्ट अटैक के समय कई मांसपेशियां एक्टिव हो जाती है। इसमें से एक नस दिमाग से लेकर नीचे पेट तक को जाती है। इस रिएक्शन के कारण इंसान को जरूरत से ज्यादा उबासी आती है। इसके अलावा भी ऐसी बीमारियां जैसे माइग्रेन, घबराहट, ट्यूमर आदि में भी उबासी आती है।

अब अगर कभी आप बोर हो रहे हों या उबासी आए तो सोचने के लिए बहुत कुछ होगा कि आखिर ये हो क्यों रहा है और अपने बॉडी पे एक बार ध्यान जरुर दें।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
जॉब्स

कंपनियां खुद आपके पास काम लेकर आएंगी अगर आपमें हैं ये स्पेशल स्किल्स

नौकरी करने की जरूरत नहीं है बस चाहिए थोड़ी क्रिएटिविटी


अगर आपमें कुछ स्पेशल स्किल हैं तो आपके लिए मार्किट में ऐसे कई काम हैं जिनके लिए आपको नौकरी करने की जरूरत नहीं है बल्कि कुछ कंपनियां खुद आपके पास आएगी काम लेकर। चाहें आप दुनिया के किसी भी कोने में हों, आप इन कामों को कहीं भी बैठकर आसानी से कर सकते हैं और इस काम के लिए आपको काफी अच्छा पेमेंट भी मिलेगा। आजकल दुनिया में कई ऐसी कंपनियां हैं जो अपने कर्मचारियों को घर बैठकर काम करने का विकल्प दे रही हैं। इसका फायदा कंपनी के साथ-साथ कर्मचारी को भी होता है। इस तरह से अपने काम को आप घर बैठकर फ्रीलांसिंग भी कर सकते हैं। इन कामों में कमाई की कोई सीमा नहीं होती, सबकुछ आपके काम और आपके अनुभव पर निर्भर करता है।

वर्क फ्रॉम होम

आइये जानते हैं ऐसे कौन-कौन सी काम हैं: –

वेब डेवलपर

वेब डेवलपर को इंटरनेट का आर्किटेक्ट भी कहा जाता है। ऐसे ही लोग किसी भी वेबसाइट को बनाते हैं। इंटरनेट के बढ़ते चलन के बाद वेब डेवलपर्स की मांग मार्किट में भी काफी तेजी से बढ़ी है। काम के हिसाब से ही इनकी पेमेंट भी की जाती है। बहुत से लोग वेब डेवलपिंग का काम फ्रीलांस से भी करते हैं जिसमे उन्हे प्रोजेक्ट के हिसाब से लाखों रुपए मिलते हैं। इस काम के लिए केवल आपको एक कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है। भारत में फ्रीलांसर डॉट कॉम और अर्बन क्लैप फ्रीलांसर वेबडेवलपर को लिस्ट करके काम मुहैया कराती है।

वर्चुअल असिस्टेंट

वर्चुअल असिस्टेंट एक तरह से सेक्रेटरी की जॉब है। इंटरनेट के बढ़ते चलन के कारण इस तरह के लोगों की मांग काफी तेजी से बढ़ी हैं। वर्चुअल असिस्टेंट का काम ईमेल मैनेज करना, सोशल एकाउंट जैसे ट्विटर, फेसबुक एकाउंट को हैंडल करना और पूरे दिनभर के काम की स्प्रेडशीट तैयार करना होता है। इसके लिए आपको क्लेरिकल काम की पूरी जानकारी होनी चाहिए। देश में रिजस डॉट इन जैसी वेबसाइट वर्चुअल असिस्टेंट की सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।

वर्क फ्रॉम होम

यूजर इंटरफेस डिजाइनर 

नोटबुक से लेकर फोन या फूड पैकेजिंग ये सभी चीज़ें किसी-न-किसी स्तर से यूजर इंटरफेस डिजाइनर की नजरों से होकर ही गुजरती है। यूजर इंटरफेस स्किल्ड और बिल्कुल ट्रेंड व्यक्ति होता है। बॉक्स, वेबसाइट या जो भी प्रोडक्ट बन रहा है वो अच्छे तरीके से कम्युनिकेट कर सके यही तय करना ग्राफिक डिजाइनर का काम होता है। लोग घर बैठकर इस काम के लिए लाखों रुपए लेते हैं। कई कंपनियां ये काम अपने कर्मचारियों से घर पर बैठकर कराती हैं जबकि कई प्रोफेशनल इस काम को फ्रीलांस भी करते हैं।

ट्रेवल एजेंट 

ट्रैवल एजेंट का काम है लोगों को देश-दुनिया घूमाना। आजकल लोग इंटरनेट पर ही अपने होलिडे पैकेज बुक कराते हैं और इसके लिए उन्हें किसी ऑफिस की जरूरत भी नहीं होती है। वेबसाइट पर ही सभी तरह की जानकारियाँ उपलब्ध होती हैं। इसके लिए आपको किसी डिग्री की  भी जरूरत नहीं है। बस आपको ट्रैवल का अच्छा खासा अनुभव होना चाहिए। जिसके सहारे आप दूसरों को घूमा सकें। देश में कई कंपनियां है जो ट्रैवल एजेंट के तौर पर स्किल्ड लोगों को नौकरी पर रखती है और कई लोगों को कमीशन के आधार पर काम देती हैं।

टेक्निकल राइटर

टेक्निकल राइटर, राइटर की तरह ही होते हैं लेकिन इनका काम नॉर्मल राइटर से ज्यादा बोरिंग माना जाता है। टेक्निकल राइटर कर्मचारी मैन्युअल, टेक्निकल डॉक्यूमेंटेशन जैसे काम करते है। अधिकतर लोग इस काम को करने से बचते हैं लेकिन अगर आपको इस काम में दिलचस्पी है तो इस काम और इसके करने वालों की बाजार में काफी मांग है। टेक्निकल राइटर के रुप में फ्रीलांस काम करने के लिए फ्रीलांसर डॉट इन या दूसरी नौकरी की वेबसाइट्स पर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in

Categories
स्वादिष्ट पकवान

सर्दियों में गरमा-गरम चटपटे व्यंजन का लें मज़ा

घर पे बनाएं इन 3 रेसिपी के साथ मज़े लें सर्दियों के


सर्दी की गुनगुनी धूप में खाने का स्वाद ही कुछ अलग होता है। ऐसे में फैमिली मेंबर्स या अपने दोस्तों के साथ बैठकर चटपटे व्यंजन खाने में बड़ा मजा आता है। इसलिए इस बार हम कुछ अलग तरह-तरह की चटपटी डिशेज की रेसिपी लेकर आए हैं। इन्हें बनाएं और सबके साथ शेयर करते हुए सर्दी के मौसम को फुल एंज्वॉय करें।

रेसिपी

खट्टी-मीठी तड़का मूंगफली

सामग्री: –

मूंगफली के दाने- 1 प्यालाकाली

सरसों- 1/2 छोटी चम्मच

हींग- 1 चुटकी

जीरा- 1/4 छोटा चम्मचसाबुत

लाल मिर्च- 1

करी पत्ते- थोड़े से

नमक और नींबू का रस- स्वादानुसार

पिसी हुई चीनी- 1 छोटा चम्मच

तेल- 1 छोटा चम्मच

मूली के पत्ते और मनपसंद कटी सलाद- सर्व करने के लिए

खट्टी-मीठी तड़का मूंगफली

ऐसे बनाएं:-

पहले मूंगफली के दानों को प्रेशर कूकर में नमक और 2 प्याला पानी के साथ 2-3 सीटी आने तक पकाकर छलनी में छान लें। एक पैन में तेल गर्म करके हींग, जीरा, काली सरसों, साबुत लालमिर्च डालकर भूनें। फिर करी पत्ता डाल कर भूनें। अब उबली मूंगफली डालकर 2-3 मिनट तक भूनें। चीनी डालकर आंच से उतार लें। नमक चख लें और अगर आवश्यकता हो तो नमक और स्वादानुसार नीबू का रस मिलाएं। सलाद के साथ खट्टा-मीठा तड़का डालकर मूंगफली को सर्व करें।

मटर की कतली

सामग्री:-

उबले हरे मटर के दाने- 1 प्याला

अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट- 1 छोटा चम्मच

भुनें चने का पावडर- 1/4 प्याला

मूंगफली का चूरा- 2 बड़े चम्मच

नमक-लाल मिर्च पावडर

नींबू का रस- स्वादानुसार

तेल- 2 छोटा चम्मच

काली सरसों- 1 छोटा चम्मच

करी पत्ते- 8-10

सूखी लाल मिर्च- 2-3

तलने के लिए- रिफाइंड ऑयल

सजाने के लिए- टमाटर, पनीर और लाल मिर्च

मेथी दाना-मटर सब्जी

विधि: –

हरे मटर के दानों को मिक्सी में पीस लें। एक नॉन-स्टिक पैन में तेल गर्म करें और उसमें काली सरसों, करी पत्ते, लाल मिर्च भून लें। पैन में पिसे मटर, चने का पावडर, मूंगफली का बूरा डालकर मिश्रण के सूख जाने तक भूनें। अब इसमें नमक, मिर्च पावडर और निम्बू का रस मिलाकर आंच से उतार लें। एक ट्रे में तेल लगाकर मिश्रण को फैलाकर अच्छे से उसे सेट कर लें। जम जाने पर कतली के आकार का काट लें। सर्व करने से पहले तेल में फ्राई करें। पनीर टमाटर, लाल मिर्च और करी पत्ते से सजाकर मटर की कतली सर्व करें।

मेथी दाना-मटर सब्जी

सामग्री: –

मटर के छिलके- 1/2 प्याला

उबले मटर के दाने- 1/2 प्याला

मेथी दाना- 1/4 प्याला

बीज निकले बारीक कटे टमाटर- 2

तेल- 2 छोटे चम्मच

जीरा- 1/2 छोटा चम्मच

नमक-लाल मिर्च पावडर- स्वादानुसार

अमचूर पावडर- स्वादानुसार

पिसी चीनी- 1/2 छोटा चम्मच

धनिया-सौंफ पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

गर्म मसाला पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

भूना जीरा पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

काली मिर्च पावडर- 1/2 छोटा चम्मच

सजाने के लिए- 1/4 प्याला कटा ताजा पनीर, टमाटर का फूल, पुदीना पत्ती

विधि: –

मेथी दाने को अच्छी तरह धोकर, गुनगुने पानी में 2 घंटे के लिए भिगो दें। इसे दोबारा छानकर फिर से 2-3 अच्छे से बार धोएं। प्रेशर कुकर में 1 प्याला पानी के साथ 2-3 सीटी आने तक इसे पकाकर छलनी में निकाल लें। कड़वा पानी फेंक दें। मेथी दाने को एक बार फिर से धोकर रख लें। कटे टमाटर में पिसी चीनी और अमचूर पावडर डाल कर रख लें। एक पैन में 1 छोटा चम्मच तेल गर्म करें। तेज आंच पर मटर के छिलकों को 1 मिनट तक भूनें। इसके बाद बाहर निकाल लें। दूसरे पैन में बचा तेल डालकर गर्म कर लें, इसमें मेथी दाना, नमक, टमाटर डाल कर 2-3 मिनट तक भूनने के बाद उबले मटर डालकर 2-3 मिनट तक चलाएं। अब सर्विंग बाउल के चारों ओर भुने मटर के छिलके लगाएं। ऊपर से गर्म मसाला, जीरा, काली मिर्च पावडर बुरकें। पनीर, टमाटर फूल और पुदीना पत्ती से सजाकर मेथी दाना छिलका सब्जी सर्व करें।

Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.in