Ranji Trophy 2026-27: तुषार देशपांडे ने 50वें फर्स्ट क्लास मैच को बनाया यादगार, हैट्रिक के साथ लिए 5 विकेट
Ranji Trophy 2026-27, रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई के तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया है।
Ranji Trophy 2026-27 : रणजी ट्रॉफी में तुषार देशपांडे का कहर, मुंबई ने चंडीगढ़ पर बनाई 351 रन की बढ़त
Ranji Trophy 2026-27, रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई के तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया है। चंडीगढ़ के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में उन्होंने हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने चंडीगढ़ की टीम पहली पारी में केवल 78 रन पर सिमट गई। तुषार ने इस मुकाबले में सिर्फ सात ओवर गेंदबाजी करते हुए 17 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। उनके इस प्रदर्शन ने मुंबई को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
तुषार देशपांडे की घातक गेंदबाजी
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी के इस मुकाबले में तुषार देशपांडे ने दूसरे दिन अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखाया। चंडीगढ़ की टीम मुंबई के पहली पारी के बड़े स्कोर का जवाब देने उतरी थी, लेकिन तुषार की तेज गेंदों के सामने उसके बल्लेबाज ज्यादा देर तक टिक नहीं सके। उन्होंने शुरुआत में ही विकेट लेकर चंडीगढ़ की बल्लेबाजी पर दबाव बना दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर अपनी हैट्रिक पूरी की।तुषार ने चंडीगढ़ के अर्जुन आजाद, शिवम भांबरी और दीपेंदर कुश को लगातार गेंदों पर आउट किया। इन तीन विकेटों ने मैच का रुख पूरी तरह मुंबई की ओर मोड़ दिया। चंडीगढ़ की टीम संभलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन तुषार ने उसे कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने आगे भी विकेट लेने का सिलसिला जारी रखा और राज अंगद बावा को आउट करके अपने पांच विकेट पूरे किए।
रणजी ट्रॉफी में मुंबई के छठे गेंदबाज बने
इस हैट्रिक के साथ तुषार देशपांडे रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मुंबई की ओर से हैट्रिक लेने वाले छठे गेंदबाज बन गए हैं। घरेलू क्रिकेट में हैट्रिक लेना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, क्योंकि इसके लिए लगातार तीन गेंदों पर तीन बल्लेबाजों को आउट करना पड़ता है। तुषार ने यह कारनामा ऐसे समय में किया, जब मुंबई को मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए विकेटों की जरूरत थी।रणजी ट्रॉफी में मुंबई की टीम का इतिहास काफी शानदार रहा है। इस टीम ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में लंबे समय से अपनी मजबूत पहचान बनाई है और कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। ऐसे में मुंबई की ओर से हैट्रिक लेने वाले गेंदबाजों की सूची में शामिल होना तुषार के लिए भी खास उपलब्धि है। उनकी इस गेंदबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि घरेलू क्रिकेट में उनका अनुभव और कौशल टीम के लिए कितना उपयोगी हो सकता है।
मुंबई ने पहली पारी में बनाए 429 रन
इससे पहले मुंबई ने अपनी पहली पारी में 429 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। टीम के बल्लेबाजों ने अलग-अलग समय पर अहम योगदान दिया और पारी को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। कप्तान सिद्धेश लाड ने 86 रन बनाए, जबकि मुशीर खान ने 65 रन की पारी खेली। तनुष कोटियन ने 58 रन का योगदान दिया। मोहित अवस्थी ने भी उपयोगी पारी खेलकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया।तुषार देशपांडे ने गेंद से कमाल दिखाने से पहले बल्ले से भी योगदान दिया। उन्होंने 47 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल रहे। निचले क्रम में उनकी इस पारी ने मुंबई को 400 रन के पार पहुंचाने में मदद की। इस तरह तुषार ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई।
78 रन पर सिमटी चंडीगढ़ की टीम
मुंबई के 429 रन के जवाब में चंडीगढ़ की पहली पारी केवल 78 रन पर समाप्त हो गई। तुषार देशपांडे ने पांच विकेट लेकर बल्लेबाजी क्रम को बिखेर दिया, जबकि मोहित अवस्थी ने तीन विकेट हासिल किए। सिल्वेस्टर डिसूजा को भी दो विकेट मिले। मुंबई के गेंदबाजों ने मिलकर चंडीगढ़ के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।चंडीगढ़ की टीम ने कम समय में लगातार विकेट गंवाए, जिससे उसके लिए वापसी करना मुश्किल हो गया। तुषार की हैट्रिक के बाद टीम की स्थिति और खराब हो गई। मुंबई ने इस तरह पहली पारी में 351 रन की बड़ी बढ़त हासिल की। इतनी बड़ी बढ़त के बाद मुंबई के पास मुकाबले में जीत की दिशा में आगे बढ़ने का अच्छा मौका बन गया।
मुंबई ने चंडीगढ़ को दिया फॉलोऑन
पहली पारी में बड़ी बढ़त मिलने के बाद मुंबई ने चंडीगढ़ को फॉलोऑन देने का फैसला किया। इसका मतलब है कि विरोधी टीम को दूसरी पारी में फिर से बल्लेबाजी करनी पड़ती है, क्योंकि वह पहली पारी में काफी पीछे रह गई थी। मुंबई का यह फैसला उसकी मजबूत स्थिति को दिखाता है।दूसरी पारी में भी चंडीगढ़ की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दिन के आखिरी हिस्से में तुषार देशपांडे ने एक और विकेट हासिल किया। उन्होंने विषु कश्यप को बिना खाता खोले आउट कर दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक चंडीगढ़ ने दूसरी पारी में बिना रन बनाए एक विकेट गंवा दिया था। इस तरह तुषार पहली पारी के पांच विकेटों के अलावा दूसरी पारी में भी विकेट लेने में सफल रहे।
50वें फर्स्ट क्लास मैच में यादगार प्रदर्शन
तुषार देशपांडे के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा, क्योंकि वह अपना 50वां फर्स्ट क्लास मैच खेल रहे थे। इस महत्वपूर्ण मैच में हैट्रिक और पांच विकेट हासिल करना उनके लिए यादगार उपलब्धि बन गया। वह इससे पहले भी घरेलू क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित कर चुके हैं। इस प्रदर्शन ने उनकी क्षमता को एक बार फिर सामने रखा है।तुषार ने सात ओवर में केवल 17 रन देकर पांच विकेट लिए। सीमित ओवरों के क्रिकेट में पहचान बनाने वाले गेंदबाज के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन करना भी अहम है। रणजी ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप में गेंदबाज को लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंद डालनी पड़ती है। तुषार ने इस मुकाबले में दबाव बनाए रखते हुए बल्लेबाजों को गलती करने पर मजबूर किया।
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मुंबई की जीत की उम्मीदें मजबूत
तुषार देशपांडे की हैट्रिक और मुंबई के गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया है। पहली पारी में 429 रन बनाने के बाद चंडीगढ़ को 78 रन पर समेटना मुंबई के लिए बड़ी उपलब्धि रही। 351 रन की बढ़त और दूसरी पारी में शुरुआती विकेट मिलने से मुंबई की स्थिति मजबूत हो गई है।हालांकि, क्रिकेट में आखिरी परिणाम के लिए मैच का पूरा होना जरूरी है। चंडीगढ़ के सामने अब दूसरी पारी में बेहतर बल्लेबाजी करके मुकाबले में वापसी करने की चुनौती है। वहीं, मुंबई की कोशिश होगी कि वह अपनी बढ़त का फायदा उठाकर मैच पर पकड़ बनाए रखे। फिलहाल, तुषार देशपांडे की हैट्रिक इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा बनी हुई है। उनके प्रदर्शन ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 के शुरुआती दौर में मुंबई को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
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